पानीपत में विद्वान ब्राह्मणों के महाकुंभ से संकलित त्योहार एवं पर्व की सूची के विमोचन
BOL PANIPAT (7 अप्रैल) श्री सनातन धर्म संगठन (रजि.) पानीपत के तत्वावधान में श्री हनुमान मंदिर पटेल नगर, तहसील कैम्प पानीपत के सत्संग हॉल में मंगलमय नववर्ष सृष्टि सृजन का हर्ष नव सम्वतसर विक्रमी सम्वत 2081 वर्ष (2024-2025 ईस्वी) 9 अप्रैल मंगलवार का आगाज आज श्री हनुमान मंदिर तहसील कैम्प, पानीपत में विद्वान ब्राह्मणों के महाकुंभ से संकलित त्योहार एवं पर्व की सूची के विमोचन पर पूज्य संतों महापुरूषों एवं परम पूज्य पं. श्री सत्यप्रसाद जोशी जी की अध्यक्षता में श्री हनुमान चालीसा के पावन पाठ कर जय सिया राम के गगनचुम्बी जयकारों के साथ किया गया। मंच संचालक करते हुए युधिष्ठिर शर्मा ने कहा सभी पूज्य ब्राह्मणों से पुजारियों से भक्तों से नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि श्री सनातन परम्परा सनातन विधि के अनुसार ही श्रेष्ठ विद्वान ब्राह्मण इस सूची का निर्माण करते हैं इसलिए सभी इसके अनुसार एकमत से पर्व व त्योहार मनाएं । संगठन के प्रधान श्री कृष्ण रेवड़ी, डा. रमेश चुघ, वेद प्रकाश शर्मा, ओम ढींगड़ा, मुरारि चुघ, युद्धवीर रेवड़ी, रामचन्द्र काठपाल ने आए हुए परम पूज्य ब्रह्मर्षि श्री श्रीनाथ जी महाराज, परम पूज्य वेद गोस्वामी जी महाराज, परम पूज्य श्री राधे राधे जी महाराज एवं श्रेष्ठ विद्वान ब्राह्मणों का पट्टिका एवं माल्यार्पण कर अभिनन्दन किया। संगठन की ओर से हनुमंत दूत डा. सुरेन्द्र पुष्करणा को संगठन के अभूतपूर्व सेवाओं के लिए सभी पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दोशाला ओढ़ाकर तथा गदा देकर उनको सम्मानित किया गया। पं. वेद प्रकाश शर्मा ने कहा इस सम्वत का नाम कालयुक्त है। सम्वत का राजा मंगल है। सम्वत का मंत्री शनि है, सम्वत का वास रजक के घर में है। सम्वत का वाहन वृषभ है व रोहिणी का वास तट पर है। पं. केवल कृष्ण शर्मा ने अपने विचार देते हुए कहा कि नव वर्ष नव सम्वत 2081 हमारे जीवन में नई उमंग, नया उत्साह, नई चेतना लेकर आया है। आओ हम सभी ब्राह्मण समाज एक संकल्प लें, हम एक ही आवाज एकजुटता दिखाते हुए राष्ट्र के प्रति सनातन के प्रति एकरूपता से काम करें व समाज को अंधेरे से प्रकाश की ओर ले चलें सनातन धर्म संगठन के प्रधान कृष्ण रेवड़ी ने कहा कि यह नववर्ष नवसम्वत 2081 पूरे राष्ट्र के लिए विशेष है। क्योंकि भगवान श्री रामलला जी 500 सालों के बाद अपने नव्य भव्य धाम में विराजमान हुए हैं। यह नया प्रभात है , नया उत्साह है रामलला के साथ ही सनातन आस्था, सनातन गौरव, सनातन परम्परा, सनातन संस्कृति, सनातन स्वाभिमान का वर्ष है। हम सभी चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा 9 अप्रैल को अपने घरों में , अपने प्रतिष्ठानों में अपने मंदिरों में माँ भगवती की पावन ज्योति जलाकर इस नव सम्वत का अभिनंदन करें एवं खुशियां मनाएं। महामंत्री युद्धवीर रेवड़ी ने कहा कि पर्व एवं त्योहारों की सूची देश व विदेश में हजारों की संख्या में निशुल्क प्रदान की जाती है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पं. केवल कृष्ण शर्मा, अशोक शर्मा, युद्धवीर रेवड़ी, कृष्ण गोपाल सेठी, चंद्रभान वर्मा, अंजलि शर्मा, रविन्द्र नागपाल, सतीश शर्मा, जे.पी धीमान, पं. तरूण कौशल, सतीश गुप्ता, कपिल महेन्द्रू, राजेन्द्र गुप्ता, दुर्गेश शर्मा, अमरनाथ नागपाल, प्रेम गोसांई, हरीश काठपाल, अनिल छाबड़ा, बंसीलाल तनेजा, विपिन चावला, राजकुमार पाहवा, आशु नारंग, तरूण चतुर्वेदी सहित काफी संख्या में ब्राह्मण समाज उपस्थित था। कार्यक्रम उपरान्त मंदिर की ओर से विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया।

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