सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर करें समाधान, शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही हो प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा कर समाधान में तेजी लाएं अधिकारी: एडीसी अंकित चौकसे
सीएम विंडो पर आने वाली प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लें अधिकारी, जवाबदेही के साथ करें कार्य: नगराधीश
शिकायतों के समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें सभी विभाग
BOL PANIPAT , 30 अक्टूबर। हरियाणा सरकार की महत्वपूर्ण पहल सीएम विंडो (ऑनलाइन शिकायत निगरानी एवं निवारण प्रणाली) के प्रभावी क्रियान्वयन और शिकायतों के समाधान की प्रगति की समीक्षा को लेकर शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास, सेक्टर-3 में अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्तायुक्त, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन डॉ. सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में प्रदेश के सभी उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों, उनके निस्तारण तथा लंबित मामलों की प्रगति की समीक्षा की गई।
समीक्षा बैठक में उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सीएम विंडो सरकार और आमजन के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके माध्यम से नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी का दायित्व है कि वह शिकायतों को केवल औपचारिकता न समझे, बल्कि संवेदनशीलता, गंभीरता और पूरी जिम्मेदारी के साथ उनका समाधान सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को समयबद्ध और संतोषजनक समाधान उपलब्ध करवाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
उपायुक्त ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा शिकायतों के समाधान की दिशा में किए जा रहे कार्यों की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि अधिकारियों के सकारात्मक प्रयासों और आपसी समन्वय से शिकायतों के निस्तारण में बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसी कार्यशैली को निरंतर बनाए रखते हुए लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए तथा प्रत्येक मामले में तथ्यों की गहन जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे ने कहा कि सीएम विंडो से संबंधित सभी शिकायतों की नियमित निगरानी बेहद जरूरी है। संबंधित विभाग शिकायत प्राप्त होते ही उस पर कार्रवाई शुरू करें और निर्धारित समयसीमा के भीतर तथ्यात्मक एवं स्पष्ट जवाब प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल और निरंतर फॉलोअप से लंबित शिकायतों की संख्या कम की जा सकती है। प्रत्येक अधिकारी अपने विभाग से संबंधित शिकायतों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करे, ताकि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो।
नगराधीश टीनू पोसवाल ने कहा कि सीएम विंडो पर दर्ज प्रत्येक शिकायत प्रशासन के प्रति आम नागरिक की अपेक्षाओं और विश्वास से जुड़ी होती है। इसलिए अधिकारियों को शिकायतों का निस्तारण पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ करना चाहिए। शिकायतकर्ता की समस्या को सही ढंग से समझकर उसका स्थायी समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल जवाब अपलोड करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि शिकायतकर्ता को वास्तव में राहत मिली है।
इस मौके पर निगम अतिरिक्त आयुक्त विवेक चौधरी, सीएमओ विजय मलिक, डीडीए बलवंत सहारण, डीआरओ कलब लाकड़ा, आरओ भूपेंद्र चहल, संजीव शर्मा के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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