Friday, March 13, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज पानीपत बना कुरुक्षेत्र विश्वविधालय इंटरजोनल खो-खो (महिला) टूर्नामेंट का चैंपियन

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at February 22, 2022 Tags: , , , ,

कॉलेज के पांच खिलाड़ी आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी खो-खो टूर्नामेंट के लिए चयनित

चौधरी ईश्वर सिंह कन्या महाविधालय पूंडरी कोपटखनी देकर बने यूनिवर्सिटी चैंपियन

भरपूर ऊर्जा और तंदुरुस्ती चाहते हो तो खो-खो को अपनाओ : राम स्वरूप राठी

BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में तीन दिवसीय जोनल एवं इंटर जोनल (महिला) खो-खो टूर्नामेंट के आखिरी दिन एसडी पीजी कॉलेज की खो-खो टीम नेचौधरीईश्वर सिंह कन्या महाविधालय पूंडरी को एक पारी और 9-2 के अंतर से हराकरग्रुप को टॉप कर गोल्ड मैडल और इंटर जोनल चैंपियनशिप पर कब्ज़ा किया.अन्य मैच में एसए जैन कॉलेज अम्बाला सिटी ने खालसा कॉलेज यमुनानगर को 11-1 से हराया.कल एसडी पीजी कॉलेज की टीम ने एक तरफा मुकाबले में खालसा कॉलेज यमुनानगर को 36-4 के अंतर से हराया था जबकि कॉलेज की टीम का एसए जैन कॉलेज अम्बाला सिटी के साथ मैच 3-3 की बराबरी पर छूटा था. इंटर जोनल चैंपियनशिप के अंतिम दिन मुख्य अतिथि राम स्वरुप राठी सेक्रेटरी जिला खो-खो एसोसिएशन पानीपत ने शिरकत कर विजेता खिलाडियों को गोल्ड मैडल भेंट किये. माननीय मुख्य अतिथि का प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ सुशीला बेनीवाल, डॉ एसके वर्मा, डॉ राकेश गर्ग,प्रो गीता मलिक, कोच शरीफ, ग्राउंड्स मैन प्रताप और अन्य प्राध्यापको ने किया.सिल्वर मैडल एसए जैन कॉलेज अम्बाला सिटीकी टीमने और कांस्य पदक चौधरी ईश्वर सिंह कन्या महाविधालय पूंडरी की टीम ने हासिल किया. कॉलेज की छात्रा खिलाडियों निकिता, रितु, अन्नू, मनीषा, सोनू, सीमा, शीतल, पूजा, मानसी और प्रीती ने बुद्धिमानी, कौशल और तेज गति के समन्वय से शानदार खेल दिखाकर सभी टीमों पर दबदबा बनाकर रखा. इस टूर्नामेंट में उत्कृष्ठ प्रदर्शन के आधार पर आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी खो-खो (महिला) टूर्नामेंट के लिए खिलाड़ियों का चयन भी कर लिया गया जिसमे एसडी कॉलेज की निकिता, रितु, अन्नू, मनीषा औरसोनू का चयन हुआ जो कॉलेज के लिए गौरव और फक्र का पल था.

मुख्य अतिथि राम स्वरूप राठी सेक्रेटरी जिला खो-खो एसोसिएशन पानीपत ने अपने आशीर्वचन में कहा की खो-खो के खेल में किसी प्रकार कीअन्य वस्तुओं की आवश्यकता नहीं पड़ती हैइसलिए सभी वर्ग के छात्र-छात्राएं इसखेल में भाग ले सकते है. यह भारत का सबसे पुराना और ख़ास तौर पर ग्रामीण इलाकों में बहुत लोकप्रिय खेल है. खो-खो काखेल खुले मैदान में खेला जाता है जिससे हमारा शरीर चुस्त और तंदुरुस्त बनारहता है. इस खेल को खेलने के बाद हमारे शरीर में किसी भी प्रकार का आलस्य नहीं रहता है. यदि हम भरपूर ऊर्जा,तंदुरुस्ती और कौशल खुद में पैदा करना चाहते है तो खो-खो इसके लिए सबसे उचित खेल है.

प्रधान पवन गोयल ने अपने बधाई सन्देश में कहा की गत कई दिनों से कॉलेज के खिलाडियों ने जीत के परचम लहरा रखे है जिस पर उन्हें गर्व है.खिलाडियों को कॉलेज प्रशासन इसी प्रकार से सुविधाएं देता रहेगा ताकि वे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खुद को स्थापित कर सके.खो-खो को खेलने से पूरा शरीर तंदुरुस्त रहता है और साथ ही हमारीसोचने-समझने की शक्ति भी बढ़ती है. इस खेल को खेलने के बाद एकाग्रता में भी वृद्धि होती है जिससे पढ़ाई करने में मदद मिलती है.

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने इंटर जोनल (महिला) खो-खो टूर्नामेंट जीतने पर और इंटर यूनिवर्सिटी की टीम में चयनित होने पर सभी खिलाडियों को बधाई दी और उन्हें इंटर यूनिवर्सिटी में बेहतर खेलने के लिए शुभकामनाएं दी. उन्होनें कहा की भारत देश विभिन्न परंपरागत खेलों को खेले जाने के लिए सदाविख्यात रहाहै और हमारे परंपरागत खेल ऐसे होते थे जिनमें किसी भी प्रकार की धनराशि और साजो-सामान की जरूरत नहीं होती थी और इसे हर वर्ग के बच्चे खेल सकते थे. परन्तुआजकल खेलों का महत्व कम हो गया है क्योंकि कंप्यूटर और मोबाइल आने की वजह से बच्चे अब ऐसे खेल नहीं खेल रहे है. इसीलिए उनका विकास रुक रहा है और मांसपेशियां मजबूत नहीं हो पा रही है. बीमारियों का पनपना भी इसीलिए संभव है की हम अब खेलने से बचने लगे है.

     डॉ सुशीला बेनीवाल शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष ने कहा की आजकल घरों में खेले जाने वाले खेल इतने बढ़ गए हैं कि लोग बाहर खेलने जाते ही नहीं है. लोगों को इस बात को समझना चाहिए कि हमारे जीवन में खेलों का कितना बड़ा महत्व है. हमारे देश में मुख्य रूप से हॉकी, कबड्डी और खो-खो खेले जाते है.ये सारे खेल ऐसे है जिनसे हमारा पूर्ण शारीरिक विकास होता है. खो-खो खेलने से हमारा स्वभाव कभी भी चिड़चिड़ेपन का शिकार नहीं होता है.

     इस अवसर पर स्टाफ सदस्यों में डॉ सुशीला बेनीवाल, प्रो नरेंद्र कौशिक, डॉ मुकेश पुनिया, डॉ राकेश गर्ग, प्रो अन्नू आहूजा,प्रो मनोज कुमार, कोच शरीफग्राउंड्समैन प्रताप आदि ने सारे मैचों का भरपूर लुत्फ़ लिया.

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