एसडी पीजी कॉलेज पानीपत बना कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कबड्डी का चैंपियन
–पांच वर्षों में चौथी बार विश्वविधालय में जीत दर्ज कर रचा नया इतिहास, 3 खिलाड़ी आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी कबड्डी चैंपियनशिप के लिए चयनित
–आर्य कॉलेज पानीपत, जाट कॉलेज कैथल, खालसा कॉलेज यमुनानगर और राजकीय महाविधालय इसराना की टीमों को पटखनी देकर जीता खिताब
–खेलों में खिलाड़ियों की बढती रूचि और उपलब्धियां नये भारत की नई तस्वीर है: डॉ अनुपम अरोड़ा
BOL PANIPAT , 30 सितम्बर. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की पुरुष कबड्डी टीम ने कुरुक्षेत्र विश्वविधालय पुरुष कबड्डी चैंपियनशिप जीतकर न सिर्फ कॉलेज और जिले का मान बढाया बल्कि जीत के इस कारनामे को पांच वर्षों में चौथी बार अंजाम देकर कुरुक्षेत्र विश्वविधालय के इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया । यह टूर्नामेंट हाल ही में कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र में सम्पन्न हुआ और इसमें एसडी पीजी कॉलेज की टीम ने जोन और इंटरजोन की विजेता टीमों को सभी मैचों में पछाड़ते हुए पुरुष कबड्डी चैंपियनशिप पर कब्ज़ा किया । एसडी पीजी कॉलेज की कबड्डी टीम ने लीग मैचो में आर्य कॉलेज पानीपत को 29-24 के अंतर से, राजकीय महाविधालय इसराना की टीम को 33-32 के अंतर से, जाट कॉलेज कैथल की टीम को 47-27 के अंतर से और नॉक आउट मैच में खालसा कॉलेज यमुनानगर की टीम को 35-10 के अंतर से पटखनी दी । विजेता खिलाड़ियों का कॉलेज प्रांगण में पहुँचने पर स्वागत एसडी पीजी कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्षा डॉ सुशीला बेनीवाल, प्रो रेखा, कोच अंकुश मलिक, कोच सुरेश और ग्राउंड्स मैन प्रताप ने किया । कॉलेज की पुरुष कबड्डी टीम ने कप्तान अभिषेक की अगुआई में लक्ष्य, मंजीत आदि खिलाड़ियों के शानदार खेल के बूते पर सभी मैचों में एकतरफा जीत हासिल कर इस मुकाम को प्राप्त किया । सबसे अधिक हर्ष का विषय यह रहा कि इस टीम के तीन खिलाड़ियों का चयन आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप के लिए हो गया है । कप्तान अभिषेक इससे पहले भी पांच बार आल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी, तीन बार केयूके की कब्बडी चैंपियनशिप, और एक-एक बार केयूके के लिए रजत और कांस्य पदक जीत चुके है ।
दिनेश गोयल ने कहा कि कबड्डी के इन खिलाड़ियों ने जो उपलब्धि हासिल की है वह हर विद्यार्थी के लिए गौरव और हर्ष का विषय है । इस जीत के पीछे इनकी लगन और कड़ी मेहनत का हाथ है । खेल सभी के जीवन में विशेष रुप से विद्यार्थियों के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं । खेल गतिविधियों में शामिल होना हर व्यक्ति के लिए कई तरह से फायदेमंद होता है । खेल न केवल शारीरिक ताकत प्रदान करते है बल्कि इनसे हम मानसिक रूप से भी शक्तिशाली और मजबूत बनते है । अब तो खेल हमें अपने पैरो पर खड़ा होने में मदद भी करने लगे है । विश्वविधालय स्तर पर भाग लेना और फिर चैंपियन बनना अपने आप में गौरवपूर्ण उपलब्धि है । इन खिलाड़ियों ने यही संदेश और प्रेरणा हम सभी को दी है । कॉलेज अपने खिलाड़ियों को हर तरह से प्रोत्साहित करता है और आगे भी करता रहेगा ।
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने सभी खिलाड़ियों की उपलब्धियों के बारे में बोलते हुए कहा कि ऐसे खिलाडी बहुत कम होते है जो कम उम्र में बड़े कारनामे कर जाते है । इन सभी खिलाड़ियों की कामयाबी का सफ़र बहुत लम्बा है और यह अभी और भी बड़ा मुकाम हासिल करेंगे । कबड्डी जैसे खेल द्वारा विद्यार्थी सामाजिक होना सीखते है और उनका भावात्मक विकास भी होता है । युवा जीवन में खेलों में भाग लेने से युवा टीम वर्क सीखते है । शारीरिक विकास के साथ-साथ मन का विकास भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है । कबड्डी जैसा खेल अंग विन्यास को अच्छा, हृदय को मजबूत, श्वसन तंत्र को बेहतर और हमारी इम्यूनिटी को बढाने में सहायक होता है । प्रतियोगी भावना भी हमें कबड्डी जैसे खेल से ही मिलती है । हर युवा को चाहिए कि वह अपने जीवन में कम से कम एक खेल में हिस्सा जरुर ले ।
शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ सुशीला बेनीवाल ने कहा कि कबड्डी एक भारतीय मैदानी खेल है और जिसमे मैदान के दो पालों के अतिरिक्त किसी अन्य साधन की जरूरत नहीं होती है । यह एक मनोरंजक स्वदेशी खेल है जो युवाओं में ओज और स्वस्थ संघर्षशील जोश भरता है । यह खेल पकड़ने वाले और प्रतिरक्षक दोनों से अत्यधिक तंदुरुस्ती, कौशल, गति और ऊर्जा की माँग करता है ।

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