एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में 77वां स्वतंत्रता दिवस हर्षौल्लास और राष्ट्रीय एकता के भाव के साथ मनाया गया
दिनेश गोयल सचिव एसडी एजुकेशन सोसाइटी (रजि.) पानीपत ने किया ध्वजारोहण
देश को आजादी दिलाने वाले शहीदों के लिए देश से बढ़कर कुछ और नहीं था: दिनेश गोयल
BOL PANIPAT, 15 अगस्त :
एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में 77वां स्वतंत्रता दिवस हर्षौल्लास और राष्ट्रीय एकता के भाव के साथ मनाया गया. इस अवसर पर कॉलेज के सभी टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ सदस्यों के साथ एसडी एजुकेशन सोसाइटी (रजि.) पानीपत के सचिव सेक्रेटरी दिनेश गोयल ने ध्वजारोहण किया और तिरंगे को सलामी दी. उनके साथ एसडी पीजी कॉलेज प्रधान पवन गोयल, उपप्रधान मनोज सिंगला, महासचिव तुलसी सिंगला कोषाध्यक्ष विकुल बिंदल और प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कार्यक्रम में शिरकत की और देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सेनानियों और शहीदों को याद किया और उनके न मिटने वाले बलिदान को नम आँखों से याद किया. मंच संचालन प्रो अन्नू आहूजा ने किया. इस अवसर पर एनसीसी एएनओ लेफ्टिनेंट (डॉ) बलजिंदर सिंह की अगुआई में एनसीसी महिला और पुरुष कैडेट्स ने परेड़ निकाली और राष्ट्रध्वज को सलामी दी. सांस्कृतिक गतिविधियों पेश करते हुए कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने देश भक्ति से औत-प्रौत गीत गाये और ऐतिहासिक घटनाएं साझा की. कार्यक्रम के अंत में सभी को मिठाई बांटी गई और कार्यक्रम राष्ट्र गान के साथ संपन्न हुआ. इस अवसर पर सभी मेहमानों ने राष्ट्रीय एकता के प्रतीक स्वरूप एक पौधा भी लगाया.
अपने ओजपूर्ण भाषण में एसडी एजुकेशन सोसाइटी (रजि.) के सचिव दिनेश गोयल ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस आजादी का जश्न मनाने के लिए एक विशेष दिन है. भारत के नागरिकों तथा स्वतंत्रता सेनानियों ने हमारे देश को अंग्रेजों के अत्याचार से मुक्त कराने के लिए कड़ी मेहनत की थी और तब इस दिन को पाया था. यह दिन हमें हमारी सादगी और वास्तविकता के करीब होने के महत्व की भी याद दिलाता है. यह दिन हमें ऊँची उड़ान भरने और स्वतंत्र महसूस कराने के साथ-साथ सदा बुलंद और मेहनती रहने के लिए प्रेरित करता है. उम्मीद है कॉलेज भी इसी तरह नयी बुलंदियों और आयामों को प्राप्त करेगा.
पवन गोयल प्रधान एसडी पीजी कॉलेज ने कहा कि 15 अगस्त का दिन युवा पीढ़ी को आजादी का महत्व और देश के प्रति अपना कर्तव्य समझाने का दिन है. इसी उद्देश्य से इसे सार्वजनिक रूप से मनाया जाता है. यह दिन हमें स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा दिए गए बलिदानों की याद दिलाता है और हम में देशभक्ति की भावना के साथ देश के लिए कुछ कर गुजरने की भावना को भी प्रेरित करता है.
डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि हम भारत के लोग उन महापुरुषों के आभारी हैं जिन्होंने इस देश की आजादी के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया. प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त को हम भारतीय स्वतंत्रता दिवस कितनी आसानी के साथ मनाते है जबकि हमें अहसास तक नहीं है कि इस आजादी को हमने कितनी कठीनता और मुश्किलों से प्राप्त किया है. धन्य है भारत देश और धन्य है वो वीर जिनके लिए देश से बढ़कर कुछ और नहीं था. युवाओं को भी इसी भाव को खुद में जागृत करना चाहिए.

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