Saturday, April 25, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज पानीपत तीन दिवसीय स्वामी विवेकानंद जयंती विवेकोत्सव का सफल आयोजन 

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at January 14, 2026 Tags: , , , ,

-विवेकानंद साहित्य एवं पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन 

-स्वामी विवेकानंद पर वृत्तचित्र (डाक्यूमेंट्री) 

-युवाओं का भविष्य बदल सकते है स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचार: दिनेश गोयल 

-विवेकानंद का युवाओं को सन्देश विकसित भारत निर्माण का सशक्त साधन है : डॉ. अनुपम अरोड़ा 

BOL PANIPAT , 14 जनवरी. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में स्वामी विवेकानंद जयंती के पावन अवसर एवं ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय कार्यक्रम में आयोजित विविध कार्यक्रमों, पुस्तक प्रदर्शनी और विशाल चेतना यात्रा का सारगर्भित समापन हो गया । तीन दिन चलने वाले विविध कार्यक्रमों में छात्र-छात्राओं ने पुरे जोश के साथ हिस्सा लिया । अंतिम दिन के कार्यक्रम में श्री प्रमोद कुमार धीमान, प्राचार्य एवं निदेशक, राई स्पोर्ट्स स्कूल, सोनीपत और विभाग प्रमुख, विवेकानंद केंद्र, पानीपत नगर से श्री सुशील जी कि विशेष उपस्थिति रही । उनके साथ प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, प्रो. प्रवीण आर. खेरडे, कॉलेज में स्थापित विवेकानंद केंद्र, संयोजक प्रमुख, डॉ संगीता गुप्ता, सह संयोजक प्रो. किरण मालिक, प्रो सचिन, शशि मोहन गुप्ता, सतीश अरोड़ा, दीपक मित्तल और अन्य प्राध्यापकों ने छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया । अंतिम दिन आकर्षण का केंद्र विवेकानंद साहित्य प्रदर्शनी एवं पुस्तक मेले का आयोजन रहा । जिसमे स्वामी जी के जीवन और शिक्षाओं पर आधारित विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी द्वारा प्रकाशित समस्त पुस्तकों की प्रदर्शनी रहा । ये सारी पुस्तकें कॉलेज की लाइब्रेरी में आमजन के लिए उपलब्ध है और कोई भी व्यक्ति कॉलेज में आकर इन्हें पढ़कर इनका लाभ उठा सकता है । इसके साथ छात्र-छात्राओं को विवेकानंद के जीवन पर आधारित डाक्यूमेंट्री भी दिखाई गई । दुसरे दिन विवेकानंद साहित्य चेतना यात्रा निकाली गई जिसमे युवा विद्यार्थियों और प्राध्यापकों ने ‘मैं हूँ विवेकानंद’ के नारों के साथ कॉलेज प्रांगण को विवेकानंदमयी बना दिया । विदित रहे कि महाविद्यालय में विवेकानंद केंद्र की विविध गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों के प्रति निरंतर जागरूक किया जा रहा है । कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने विवेकानंद साहित्य चेतना यात्रा में हिस्सा लेकर समाज को स्वामी विवेकानंद के बताये मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया ।

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि युवा पीढ़ी किसी भी देश के विकास की रीढ़ होती है । रीढ़ अगर खराब हो जाए तो शरीर का सीधे खड़े रहना मुमकिन नहीं होता । ठीक इसी प्रकार देश के विकास के लिए युवा वर्ग की मानसिकता का स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है । हमारे मानसिक स्वास्थ्य को स्वामी विवेकानंद के विचार ही मजबूत बना सकते है और वही हर युवा के मार्गदर्शक होने चाहिए । विवेकानंद ने ही देश की युवा शक्ति को जागृत कर उसे देश के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराया और उन्हें सही दिशा में प्रेरित व प्रोत्साहित किया । उनके विचार पहले भी प्रासंगिक थे, आज भी है और भविष्य में भी रहेंगे ।

प्रमोद कुमार धीमान, प्राचार्य एवं निदेशक, राई स्पोर्ट्स स्कूल, सोनीपत ने कहा कि ज्ञान तब तक अधूरा है जब तक हम अच्छे संस्कारों से युक्त न हो । हमें अपने अंदर व्याप्त ‘अहं’ को काबू में रखना सीखना होगा । कामनाओं और इच्छाओं को नियमित में रखकर ही हम सही निर्णय ले सकते है । जीवन में लक्ष्य बहुत जरूरी है परन्तु उन लक्ष्यों को पाने का तरीका भी सही होना चाहिए । हमारा मन महिलाओं के प्रति श्रद्धा तथा सुविचार से युक्त होना चाहिए । स्वामी विवेकानंद के विचारों में जीवन जीने की कला और शक्ति व्याप्त है । बाहरी दुनिया से भी बड़ी एक दुनिया हमारे अंदर है और यह है हमारी चेतना । जब हम किसी समस्या को हल नहीं कर पाते और मायूस हो जाते है तो उसका समाधान हमारे भीतर ही छिपा होता है । स्वामीजी को पढ़ने और जानने से यही शक्ति और आत्मविश्वास हमारे भीतर पैदा होती है । स्वामी विवेकानंद से बड़ा पथ प्रदर्शक कोई नहीं है और उनके बताये मार्ग पर चलकर ही हम कामयाबी पा सकते है ।

  संयोजक प्रमुख विवेकानंद केंद्र, एस.डी. कॉलेज, पानीपत से डॉ संगीता गुप्ता ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं को नियमित रूप से आयोजित करने से युवाओं को अत्यधिक लाभ मिलता है ।  स्वामी विवेकानंद सही मायनों में युवाओं के प्रेरणास्रोत और आदर्श व्यक्तित्व के धनी है  । उन्हें उनके ओजस्वी विचारों और आदर्शों के कारण जाना जाता है । विवेकानंद सदैव कहा करते थे कि उनकी आशाएं देश के युवा वर्ग पर ही टिकी हुई हैं । वे आधुनिक मानव के आदर्श प्रतिनिधि थे और खासकर भारतीय युवाओं के लिए उनसे बढ़कर भारतीय नवजागरण का अग्रदूत अन्य कोई नेता नहीं हो सकता है । 

कॉलेज में स्थापित विवेकानंद केंद्र की छात्रा वंशिका, कार्य पद्धति प्रमुख व उपांशु कार्यकर्ता ने भी स्वामी जी कि जयंती पर चल रहे तीन दिवसीय कार्यक्रम में अहम भूमिका निभाई।

इस अवसर पर कॉलेज के स्टाफ सदस्य प्रो. प्रवीण आर. खेरडे, डॉ संगीता गुप्ता, प्रो. किरण मालिक, प्रो सचिन, शशि मोहन गुप्ता, सतीश अरोड़ा, प्रो जुगमती, प्रो कविता, प्रो मीतु सैनी, दीपक मित्तल आदि उपस्थित रहे ।   

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