Tuesday, April 28, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में 47वें कुरुक्षेत्र विश्वविधालय जोनल यूथ फेस्टिवल (करनाल जोन) का दूसरा दिन. 

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at October 17, 2024 Tags: , , , ,

सांस्कृतिक, साहित्यिक और ललित कलाओं के महाकुम्भ में आज हुई 17 विधाओं में प्रतिस्पर्धाए

BOL PANIPAT , 17 अक्टूबर, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र के गौरवमयी एवं युवा एवं सांस्कृतिक विभाग द्वारा प्रायोजित 47वें ‘करनाल जोन-यूथ फेस्टिवल’ का आज दूसरा दिन रहा जिसमें करनाल जोन के विभिन्न महाविधालयों के प्रतिभागीयों ने 17 विधाओं में हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया । दूसरे दिन के विशिष्ट अतिथि अतुल मित्तल प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता एवं उद्योगपति और सतीश चंद्रा चेयरमैन एसडी विद्या मन्दिर हुडा पानीपत रहे । सांयकालीन सत्र के विशिष्ट अतिथि प्रो संजीव अग्रवाल डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट कुरुक्षेत्र विश्वविधालय रहे । उत्सव में बतौर ऑब्जर्वर डॉ अशोक चौधरी प्राचार्य एमएन कॉलेज शाहबाद और डॉ आबिद अली अंसारी कुरुक्षेत्र विश्वविधालय पधारे । जूरी का जिम्मा डॉ ऋषि पाल प्राचार्य जनता कॉलेज कौल, डॉ अनुराग गुरु नानक खालसा कॉलेज यमुनानगर और डॉ राजश्री खरे महाराणा प्रताप नेशनल कॉलेज मुलाना ने निभाया । इसके अलावा डॉ हरविंदर राणा युवा एवं सांस्कृतिक विभाग कुरुक्षेत्र विश्वविधालय, डॉ अजय गर्ग प्राचार्य आईबी कॉलेज पानीपत, डॉ आरपी सैनी प्राचार्य डीएवी कॉलेज करनाल, डॉ अनीता जून प्राचार्य राजकीय महिला महाविधालय दादुपुर भी उत्सव का हिस्सा बने । मेहमानों का स्वागत दिनेश गोयल कॉलेज प्रधान, महेंद्र अग्रवाल जनरल सेक्रेटरी, विशाल गोयल कोषाध्यक्ष, अश्वनी मित्तल सदस्य कॉलेज प्रबंधकारिणी और प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने अंग-वस्त्रम और पौधा रोपित गमला भेंट करके किया ।  

       इस जोनल युवा महोत्सव (करनाल जोन) में कुल 42 विधाओं में 2000 कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे है जिसके लिए कॉलेज में 5 स्टेज बनाई गयी है । आज स्टेज एक पर रसिया हरियाणवी ग्रुप डांस, ग्रुप डांस (जनरल), हरियाणवी या हिंदी नाटक, वन एक्ट प्ले और मिमिक्री, स्टेज दो पर ग्रुप सोंग (हरियाणवी), सोलो डांस हरियाणवी (महिला और पुरुष) और इंडियन ऑर्केस्ट्रा, स्टेज तीन पर क्लासिकल इंस्ट्रुमेंटल सोलो (परकशन), क्लासिकल इंस्ट्रुमेंटल सोलो (नॉन-परकशन), फोक इंस्ट्रुमेंटल हरियाणवी (सोलो) और सांग, स्टेज चार पर संस्कृत भाषण और डिबेट तथा स्टेज पांच पर क्ले मॉडलिंग, कार्टूनिंग, कोलाज और रंगोली की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया । मंच संचालन कॉलेज में सांस्कृतिक गतिविधियों की प्रभारी एवं युवा महोत्सव की संगठन सचिव डॉ संगीता गुप्ता, डॉ दीपिका अरोड़ा मदान, प्रो अन्नू आहूजा, डॉ मोनिका खुराना, डॉ संतोष कुमारी, प्रो कविता, प्रो जुगमती, प्रो शिवरानी, प्रो किरण दीवान, डॉ दीपा वर्मा, प्रो पोषिता, प्रो निधि और प्रो तन्नु मेहता ने किया । महोत्सव में जल-पान और भोजन की भी समुचित व्यवस्था की गयी जिसका दायित्व डॉ नवीन गोयल, प्रो राकेश सिंगला, प्रो प्रवीण खेरडे, प्रो पवन सिंगला, डॉ इंदु बाला, डॉ राहुल जैन आदि ने निभाया । 

     अतुल मित्तल ने कहा कि युवा महोत्सव युवाओं की प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम है जिसमें विद्यार्थियों मे राष्ट्रीय एकता एवं साम्प्रदायिक सद्भावना का विकास होता है । युवा महोत्सव का उद्देश्य कला एवं संस्कृति को बढावा देना है । इससे विद्यार्थीयों में अध्ययन के अतिरिक्त सास्कृतिक एवं विविध कलाओं और साहित्य की क्षमताओं का विकास होता है ।

     प्रो संजीव अग्रवाल ने कहा कि युवा महोत्सव में भाग लेने से समुदायवाद की भावना और युवाओं में विभिन्न हितों में भागीदारी को बढ़ावा मिलता है । असल में युवा महोत्सव युवाओं को उनकी सांस्कृतिक प्रतिभा और आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति और पूर्ति के लिए एक राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करने का अवसर प्रदान करता है ।          

     सतीश चंद्रा चेयरमैन ने कहा कि युवा महोत्सव में भाग लेने से युवाओं को  कई तरह के फ़ायदे होते हैं । इसमें युवाओं को अपने कौशल और जुनून का प्रदर्शन करने का मौका मिलता है । विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता, सांप्रदायिक सद्भाव, भाईचारा, और साहस की भावना का विकास होता है । हर युवा को कम से कम एक विधा में भाग जरुर लेना चाहिए । 

       डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि युवा महोत्सव में भाग लेने से युवाओं में टीमवर्क और सहयोग की भावना बढ़ती है । युवाओं में आत्मविश्वास पैदा होता है और उन्हें अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा और आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति और पूर्ति का मौका मिलता है । 

   युवा महोत्सव में आज आर्य (पीजी) कॉलेज पानीपत, चौधरी देवी लाल कॉलेज सिवाह, चिरंजी लाल राजकीय कॉलेज करनाल, डीएवी (पीजी) कॉलेज करनाल, दयाल सिंह कॉलेज करनाल, गीता डिग्री कॉलेज शेरा, राजकीय महिला महाविधालय बस्ताड़ा, राजकीय कॉलेज घरौंडा, राजकीय महाविधालय इसराना, राजकीय महिला महाविधालय तरावड़ी, गुरु ब्रह्मानंद महिला महाविधालय कुराना और अन्जनथली, गुरु नानक खालसा कॉलेज करनाल, आईबी (पीजी) कॉलेज पानीपत, जीवन चानना महिला कॉलेज असंध, डीएवी महिला महाविधालय करनाल, माता सुन्दरी खालसा महिला कॉलेज निसंग, एसडी (पीजी) कॉलेज पानीपत, शहीद उधम सिंह राजकीय कॉलेज मटक माजरी इंद्री, राजकीय महिला महाविधालय करनाल, पाईट समालखा आदि के कलाकारों ने हिस्सा लिया । 

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