आर्य पी.जी. कॉलेज में थैलेसीमिया जागरूकता पर सेमिनार आयोजित
समय पर जांच और जागरूकता से थैलेसीमिया की रोकथाम संभव – विक्रांत महाजन
थैलेसीमिया के प्रति समाज में व्यापक जागरूकता उत्पन्न करना अत्यंत आवश्यक है – प्रो. (डॉ.) जगदीश गुप्ता
BOL PANIPAT : – शनिवार 19 सितंबर 2026, आर्य पी.जी. कॉलेज, पानीपत की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा पानीपत थैलेसीमिया वेलफेयर सोसायटी के सहयोग से “थैलेसीमिया जागरूकता” विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को थैलेसीमिया के कारणों, इसके प्रकारों, जांच, रोकथाम तथा इस संबंध में उपलब्ध सरकारी पहलों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में पानीपत थैलेसीमिया वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष श्री विक्रांत महाजन, सुश्री पायल, धर्मेंद्र वर्मा, सोमनाथ वर्मा, साहिल नारंग, गरिमा विशेष रूप से उपस्थित रहे। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) जगदीश गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत किया तथा इस महत्वपूर्ण एवं सामाजिक सरोकार से जुड़े विषय पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विजय सिंह एवं डॉ. सोनिया सोनी को बधाई दी।
प्राचार्य प्रो. (डॉ.) जगदीश गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि थैलेसीमिया के प्रति समाज में व्यापक जागरूकता उत्पन्न करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थान विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। युवा स्वयं जागरूक होकर इस महत्वपूर्ण संदेश को अपने परिवार एवं समाज तक पहुँचा सकते हैं।
मुख्य वक्ता विक्रांत महाजन ने प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण के माध्यम से थैलेसीमिया के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने थैलेसीमिया मेजर एवं थैलेसीमिया माइनर के बीच अंतर समझाते हुए इसके कारणों, जांच एवं रोकथाम के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने थैलेसीमिया से प्रभावित बच्चों एवं परिवारों के लिए सोसायटी द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी साझा की। इसके साथ ही उन्होंने थैलेसीमिया की रोकथाम एवं रोगियों की सहायता के लिए चलाई जा रही विभिन्न सरकारी पहलों एवं सुविधाओं के बारे में विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने युवाओं से थैलेसीमिया के प्रति जागरूकता फैलाने तथा विशेष रूप से विवाह से पूर्व आवश्यक जांच के महत्व को समझने का आह्वान किया। विद्यार्थियों ने विषय में विशेष रुचि दिखाई और थैलेसीमिया से संबंधित अपनी जिज्ञासाओं को वक्ताओं के समक्ष रखा।
कार्यक्रम के अंत में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विजय सिंह ने पानीपत थैलेसीमिया वेलफेयर सोसायटी के पदाधिकारियों, प्राचार्य, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सोनिया सोनी ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए थैलेसीमिया के प्रति जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एनएसएस का उद्देश्य विद्यार्थियों में सेवा, संवेदनशीलता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है और इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर प्रो. पंकज चौधरी, डॉ. अंजू मलिक, डॉ. वर्षा सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। सेमिनार ने विद्यार्थियों को थैलेसीमिया के प्रति जागरूक करते हुए “जागरूकता, समय पर जांच और सामाजिक सहभागिता” का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस अवसर पर 100 से अधिक एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित रहे और उन्होंने सेमिनार में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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