मिस फेयरवेल चारु और मिस्टर फेयरवेल मोहित बने
एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में एमएससी केमिस्ट्री द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के सम्मान में विदाई पार्टी का भव्य आयोजन
कॉलेज की सबसे मूल्यवान संपत्ति उसके छात्र और छात्राएं है: डॉ अनुपम अरोड़ा
BOL PANIPAT , 10 मई. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में एमएससी रसायन शास्त्र प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं ने एमएससी द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के सम्मान और उज्जवल जीवन की कामना हेतू भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया और अपने प्राध्यापकों एवं सीनियर्स के साथ मिलकर पार्टी का खूब लुत्फ़ लिया. विदाई समारोह की विधिवत शुरुआत प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने की. प्रो मयंक अरोड़ा, डॉ प्रोमिला, प्रो राहुल, प्रो शिवी, प्रो प्रियंका, प्रो हर्षिता गोयल, प्रो मनोज कुमार समेत अन्य प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों, गीत-संगीत और विभिन्न प्रकार के मनोरंजक खेलों में भाग लिया और पार्टी को यादगार बनाया. ‘देखा एक ख्वाब तो ये सिलसिले हुए’, ‘सोचा ना हाय रे’, ‘कजरारे कजरारे तेरे काले काले नैना’, ‘मौसम की तरह’, ‘सिलसिला ये चाहत का, ‘इट्स द टाइम टू डिस्को’, ‘कजरा महोब्बत वाला अंखियों में ऐसा डाला’ ‘के पग घुंघरू बाँध मीरा नाची थी’, ‘पान खाएं सैंयाँ हमार’, ‘गम है या ख़ुशी है तू मेरी जिन्दगी ही तू’ आदि गीतों पर छात्र-छात्राएं जमकर नाचे और धमाल मचाया. ओवरआल प्रदर्शन के आधार पर मिस फेयरवेल का खिताब चारु ने और मिस्टर फेयरवेल का खिताब मोहित ने हासिल किया.
पवन गोयल प्रधान ने अपने सन्देश में कहा कि सभी हम सभी की शुभकामनाएं हमेशा इन विद्यार्थियों के साथ रहेगी और उनकी आने वाली ज़िंदगी स्वस्थ, खुशहाल और समृद्ध हो ऐसी उनकी मंगल कामना है. विद्यार्थियों को जीवन में कभी भी चुनौतियों से डरना नहीं चाहिए बल्कि उनका डटकर मुकाबला करना चाहिए. कॉलेज का हर विद्यार्थी सफलता के शीर्ष पर पहुंचे ऐसी उनकी कामना है.
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि दो वर्षों की कड़ी मेहनत और लगन के बाद अब विद्यार्थियों को कॉलेज से बाहर जाकर संघर्ष करना है और खुद को समाज में स्थापित करना है. छात्र-छात्राओं को अपने अनुभव के अनुसार जीवन की कठिन चुनौतियों का सामना करना है. एक बात उन्हें हमेशा याद रखनी चाहिए कि किसी भी चुनौती से उन्हें घबराना नहीं है. वे आत्मविश्वास, साहस, धैर्य और कठिन परिश्रम से हर कठिनाई का सामना करे और जीवन में हमेशा आगे बढ़ते जाए. तभी उनका भविष्य उज्जवल बनेगा. कॉलेज के सभी शिक्षक अपने इन विद्यार्थियों की अनुपस्थिति को जरूर महसूस करेंगे लेकिन कॉलेज का हर सदस्य अपने विद्यार्थियों को मुस्कुराते हुए और कामयाब देखना चाहता है. छात्र-छात्राओं द्वारा हासिल की गयी उपलब्धियों को कॉलेज कभी नहीं भूलेगा. उन्होनें कहा कि हमारी दिल से यही इच्छा है कि आज विदा हो रहे सभी विद्यार्थी जीवन में बहुत आगे बढ़े और पूरे देश में इस कॉलेज और अपने माता-पिता का नाम रोशन करें.
प्रो मयंक अरोड़ा ने कहा कि आज का दिन विद्यार्थियों को कॉलेज से अलविदा करने का दिन है और इस दिन में ख़ुशी भी है और गम भी. ख़ुशी इस बात की है कि विद्यार्थी अपने उज्जवल भविष्य के लिए नए पड़ाव में कदम रखने जा रहे है. गम इस बात का है कि जिस कॉलेज में ये खेलते, कूदते और पढ़ते थे आज उससे विदा हो रहे है. इस कॉलेज से इन विद्यार्थियों को प्यार और शिक्षको का मार्गदर्शन मिला है. शिक्षकों को भी अपने ये छात्र-छात्राएं बहुत याद आयेंगे. कॉलेज आखिर विद्यार्थियों से ही तो बनता है.

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