कांवड़ियों की सेवा और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता, हर व्यवस्था पर प्रशासन की पैनी नजर : उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
11 अगस्त के जलाभिषेक तक कांवड़ यात्रा को लेकर चप्पे-चप्पे पर निगरानी :पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह
कांवड़ यात्रा ने पकड़ी रफ्तार, शिवमय हुआ पानीपत.आस्था की राह पर प्रशासन का सुरक्षा कवच
11 अगस्त के जलाभिषेक को लेकर प्रशासन हाई अलर्ट पर
हर कदम पर निगरानी और श्रद्धालुओं की सेवा में जुटा पूरा अमला
BOL PANIPAT , 6 अगस्त। सावन मास के पावन अवसर पर कांवड़ यात्रा ने अब गति पकड़ ली है। काउंट डाउन शुरू हो गया है। हरिद्वार-शामली, पानीपत-रोहतक, असन्ध तथा अन्य प्रमुख मार्गों पर “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया है। भगवा वस्त्र धारण किए कांवड़िए भगवान भोलेनाथ की भक्ति में लीन होकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। मार्गों पर श्रद्धा, सेवा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
11 अगस्त को संभावित जलाभिषेक को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है। प्रशासन द्वारा कांवड़ मार्गों की लगातार निगरानी की जा रही है तथा प्रत्येक व्यवस्था पर वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए प्रमुख मार्गों की मरम्मत कर उन्हें सुगम बनाया गया है। जिन स्थानों पर सड़क निर्माण या अन्य कारणों से बाधा थी, वहां आवश्यक सुधार कार्य कराए गए हैं। कई स्थानों पर सड़क किनारे मिट्टी से भरे छोटे-छोटे बैग लगाए गए हैं ताकि कांवड़िए सुरक्षित और सहज तरीके से यात्रा कर सकें। किसी भी प्रकार की रुकावट को तत्काल हटाने के लिए क्रेन की भी तैनाती की गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न स्थानों पर 10 एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। इनमें आवश्यक दवाइयों, प्राथमिक उपचार सामग्री तथा आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की पूरी व्यवस्था उपलब्ध है। इसके साथ ही डायल-112 की पुलिस टीमें लगातार पेट्रोलिंग कर रही हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
हरिद्वार-शामली, पानीपत-रोहतक, असन्ध और अन्य प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। विशेष रूप से डाक कांवड़ को सुरक्षित और निर्बाध मार्ग उपलब्ध कराना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस एवं प्रशासन संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं।
प्रशासन के अनुसार लगभग हर 50 मीटर की दूरी पर सेवा शिविर स्थापित किए जा रहे हैं और प्रतिदिन इनकी संख्या बढ़ रही है। इन शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए ठंडे पानी के टैंक, बड़े पंखे, कूलर तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अनेक सामाजिक, धार्मिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ स्थानीय नागरिक भी सेवा भाव से शिविरों में सहयोग कर रहे हैं।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि, “कांवड़ यात्रा करोड़ों लोगों की आस्था का महापर्व है। श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और व्यवस्थित यात्रा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग समन्वय के साथ 24 घंटे कार्य कर रहे हैं। 11 अगस्त के जलाभिषेक को देखते हुए प्रत्येक व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षित और सुखद वातावरण में अपनी यात्रा पूर्ण करे।”
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि, “कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल, डायल-112 की लगातार गश्त, यातायात प्रबंधन तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। विशेष रूप से डाक कांवड़ के निर्बाध आवागमन के लिए अलग रणनीति बनाई गई है। पुलिस पूरी मुस्तैदी और समर्पण के साथ हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।”
एक श्रद्धालु ने कहा, “प्रशासन और समाज के लोगों द्वारा की जा रही सेवा वास्तव में सराहनीय है। जगह-जगह पानी, चिकित्सा सुविधा, विश्राम और सुरक्षा की बेहतर व्यवस्था है। इससे कांवड़ यात्रा और भी सहज एवं सुखद बन गई है। यह केवल यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, सेवा और सामाजिक एकता का अनुपम उदाहरण है।”
सावन की इस पावन बेला में पानीपत के कांवड़ मार्ग केवल यात्रा के रास्ते नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा, अनुशासन और सामाजिक समरसता के प्रतीक बन गए हैं। भगवान शिव के जयघोष से गूंजते इन मार्गों पर प्रशासन, पुलिस, सामाजिक संस्थाएं और आमजन मिलकर ऐसी व्यवस्था बनाने में जुटे हैं, जिससे हर श्रद्धालु सुरक्षित, सम्मानपूर्वक और भक्तिभाव के साथ अपने आराध्य को जल अर्पित कर सके।

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