एसडी पीजी कॉलेज में सात दिवसीय कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी स्तर एनएसएस कैंप का विधिवत आगाज
कुरुक्षेत्र विश्वविधालय के विभिन्न कालेजों के एनएसएस 200 कार्यकर्ता दिन-रात के आवासीय कैंप में ले रहे हिस्सा
कैंप का थीम: आत्मनिर्भर युवा, आत्मनिर्भर भारत
शहीदों के जीवन से ले राष्ट्र और समाज हित की प्रेरणा: राजेश गोयल
व्यक्तित्वनिखार और जन कल्याण के भाव का विकास एनएसएस का मुख्य ध्येय: डॉ दिनेश राणा
BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज में कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र एनएसएस प्रकोष्ठ के सौजन्य से और उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा सरकार के प्रायोजन से 23 से 30 मार्च तक चलने वाले सात दिवसीय यूनिवर्सिटी स्तर एनएसएस कैंप का आज विधिवत आगाज हुआ. रात-दिन चलने वाले इस आवासीय कैंप में कुरुक्षेत्र विश्वविधालय के अलग-अलग कालेजों के एनएसएस कार्यकर्ता और अधिकारी भाग ले रहे है तथा एसडी पीजी कॉलेज को इसकी मेजबानी मिलना एक गौरव की बात है. कैंप का उदघाटन एवं आगाज मुख्य अतिथि डॉ दिनेश राणा प्रोग्रामसमन्वयकएनएसएस कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र ने किया. उनके साथ बतौर विशिष्ट अतिथि राजेश गोयल प्रांत प्रचारक प्रमुख आरएसएस भी उदघाटन सत्र में उपस्थित रहे.सभी मेहमानों का स्वागत कॉलेज प्रधान पवन गोयल, कोषाध्यक्ष विकुल बिंदल,प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, कॉलेज में एनएसएस प्रभारी डॉ राकेश गर्ग और डॉ संतोष कुमारी ने पुष्प-रोपित गमले और शाल भेंट कर किया. कैंप का थीम आत्मनिर्भर युवा, आत्मनिर्भर भारत है और उदघाटन का दिन शहीदी दिवस होने के कारण कार्यक्रम में मौजूद सभी अतिथिगणों एवं एनएसएस कार्यकर्ताओं ने शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की और देश प्रेम से भरे प्राचार्य अनुपम अरोड़ा ने भगत सिंह की शहादत और आजादी में शहीदों के योगदान पर चर्चा करते हुए शहीद-ए-आजम का प्रिय गीत ‘मेरा रंग दे बसंती चोला’ गुनगुना कर सभी को भावुक कर दिया. कैंप में विभिन्न कालेजों के 200 कार्यकर्ताओं ने अपना पंजीकरण करवाया. कैंप के सभी कार्यकर्ता सात दिनों में वित्तीय स्वतंत्रता, बेटी बचाओ-बेटी पढाओ, जल संरक्षण, प्रदूषण और पर्यावरण संतुलन, कन्या भ्रूण हत्या, स्वच्छता, लैंगिक समानता, साक्षरता, परिवार कल्याण और पोषण, महिलाओं की स्थिति और सुधार के उपाय, आपदा राहत तथा पुनर्वास, समाज में व्याप्त बुराईयाँ, डिजिटल भारत, कौशल भारत, योग जैसे विषयों पर अपना ज्ञानवर्धन करेंगे. विदित रहे की इस कैंप को आयोजित करने के लिए 2 लाख रूपये की धनराशि कॉलेज को प्रदान की गई है और इस कैंप में सामाजिक सरोकार के मुद्दो पर गम्भीरता के साथ विचार-मंथन और कार्य किया जाएगा. एनएसएस प्रतिभागियों का मार्ग दर्शन करने के लिए प्रमुख समाज सेवी और विषयो के पारंगत विद्वान इस कैंप का हिस्सा बनेगे.

राजेश गोयल प्रांत प्रचारक प्रमुख आरएसएस ने सामूहिक जीवन और टीम वर्क के महत्व को समझाते हुए कहा की इन कैम्पों के जरिये सीखी गयी बातें और शिक्षा जीवन पर्यन्त काम आती हैं. टीम वर्क से हममें रचनात्मकता आती है और इससे हम सीखने को प्रोत्साहित होते है. टीम वर्क हमें पूरक शक्तियां भी प्रदान करता है. तनाव को कम करना, प्रदर्शन में सुधार और हमारी दक्षता और उत्पादकता में वृद्धि इसके अन्य फायदे है. भगत सिंह का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि समाजसेवा क्या होती है ये हमें शहीदों से सीखना चाहिए जो राष्ट्र और समाजहित में अपनी जान तक न्योछावर करने से भी नहीं घबराए. देश और समाज हित से बड़ा कोई कार्य नहीं है और ऐसे ही गुण हमें अपने शहीदों के जीवन से ग्रहण करने चाहिए.
डॉ दिनेश राणा प्रोग्राम समन्वयक एनएसएस कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र ने अपने उदघाटन भाषण में इस सात दिवसीय कैंप की रूपरेखा और लक्ष्यों पर विस्तृत जानकारी दी. एनएसएस की परिकल्पना, स्थापना और उद्देश्यों के बारे में बोलते हुए उन्होनें कहा की युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गतराष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस)1969 में 37 विश्वविधालयों में शुरू की गई थी जिसमें 40 हज़ार छात्र-छात्राओं को सम्मिलित किया गया था. इस योजना के अंतर्गत सामुदायिक सेवा के माध्यम से छात्रों के व्यक्तित्व के विकास पर प्राथमिक ध्यान दिया जाता है जिसमे जन कल्याण का भाव भी निहित होता है. वर्तमान में देशभर में 35 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं एन एस एस से जुड़े हुए हैं. इस योजना की शुरुआत से ही इससे जुड़े उच्च शिक्षा के विश्वविद्यालय,कॉलेज और संस्थानों को इसकी गतिविधियों से सीधे लाभ हुआ है. एन एस एस लेने के बाद प्रत्येक एन एस एस स्वयंसेवी को हर वर्ष कम से कम 120 घंटे की सेवा करना अनिवार्य होता है.यह कार्य एनएसएस शाखाओं द्वारा अपनाए गए गांवों, झोपड़ियों,स्कूल या कॉलेज परिसरों में किया जा सकता है.आमतौर पर अध्ययन के घंटों के बाद इसे सप्ताहांत या छुट्टियों के दौरान किया जाता है.इसके अलावा प्रत्येक एनएसएस इकाई स्थानीय समुदायों को शामिल करके कुछ विशेष परियोजनाओं के साथ अपनाए गए गांवों या शहरी झुग्गियों में 7 दिनों की अवधि के विशेष शिविरों का आयोजन भी करती है.

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि एनएसएस का मुख्य उद्देश्य युवाओं को समाजसेवा और देश सेवा के लिए तैयार करना और समाज के निर्माण एवं प्रगति में उनकी जिम्मेदारी का एहसास कराना है. आज एनएसएस के तहत बहुत अच्छे-अच्छे कार्य किए जा रहे हैं और इसका समाज को तो लाभ होता ही है बल्कि इससे युवाओं के व्यक्तित्व में भी निखार आता है. एनएसएस स्वयंसेवी युवा हैं और वे समाज के सबसे गतिशील वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं. ऐसे में उनकी उर्जा और दक्षता का उचित इस्तेमाल करने की आवश्यकता है. यही कार्य ऐसे कैंपो के आयोजन के माध्यम से किया जाता है. एनएसएस सरकार द्वारा शुरू की गयी एक शानदार और वैचारिक रूप से प्रेरित करने वाली योजना है. दुनिया भर में युवाओं को इतना बड़ा कार्यक्षेत्र और कहीं नहीं मिलता है. उन्होनें कहा की यदि सभी सार्वजनिक और निजी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और संस्थानों में एनएसएस को अनिवार्य बना दिया जाए और इसे पाठ्यक्रम के भाग के रूप में एकीकृत कर दिया जाए तो इसके जो फायदे हमें मिलेगे उन्हें हम सपने में भी नहीं सोच सकते है.
एसडी पीजी कॉलेज प्रधान पवन गोयल ने कहा की एनएसएस की गतिविधियों में भाग लेना और समाज के लिए कार्य करना वाकई में हमारे व्यक्तित्व के विकास में सहायक सिद्ध होता है. उन्होनें उम्मीद जताई की सभी एनएसएस कार्यकर्ता इस कैंप का भरपूर लाभ उठाएंगे और समाज में अपने लिए एक नई पहचान स्थापित करने में कामयाब होंगे.
प्रोग्राम ऑफिसर डॉ राकेश गर्ग ने कहा की राष्ट्रीय सेवा योजना छात्रों को समुदाय को समझने का अवसर प्रदान करता है. इनको समझने के बाद ही छात्र समाज की जरूरतों और समस्याओं को हल कर सकते है. एनएसएस छात्रों को व्यक्तियों और बड़े पैमाने पर समुदाय के सामने आने वाली समस्याओं का व्यावहारिक समाधान खोजने के अवसर उपलब्ध कराता है. एनएसएस समाज सेवा के माध्यम से व्यक्तित्व विकास के समग्र उद्देश्य के साथ युवाओं की सामाजिक चेतना जागृत करता है. एनएसएस छात्रों को सामाजिक सेवा एवं राष्ट्रीय विकास के विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए और समुदाय की मदद करने के लिए सक्षम बनाता है. एनएसएस के उत्कृष्ट कार्यकर्ताओं को विश्वविधालय से मेरिट प्रमाणपत्र मिलता है जो भविष्य में उन्हें रोजगार दिलाने में भी मददगार साबित होता है. यह सात दिवसीय शिविर प्रोग्राम भी सभी कार्यकर्ताओं के जीवन में सफलता लायेगा ऐसा उन्हें पूर्ण विश्वास है.
इस अवसर पर स्टाफ सदस्यों में डॉ बलजिंदर सिंह, प्रो मनमीत सिंह. प्रो नम्रता, प्रो हिमानी, प्रो सोनिका, प्रो सनी, दीपक मित्तल भी मौजूद रहे.

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