एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में सात दिवसीय राष्ट्रीय एकता शिविर (नेशनल इंटीग्रेशन कैंप) का आयोजन कल से
–21 से 27 अक्टूबर तक चलने वाले इस आवासीय कैंप में 17 राज्यों के 200 एनएसएस स्वयंसेवक लेंगे भाग
–उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा सरकार द्वारा प्रायोजित कैंप का शुभारम्भ करेंगे मुख्य अतिथि राहुल हुड्डा आईएएस, निदेशक उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा सरकार
–देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और सांप्रदायिक सदभाव का ध्योतक है राष्ट्रीय एकता शिविर: डॉ अनुपम अरोड़ा
BOL PANIPAT , 20 अक्टूबर, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में सात दिवसीय आवासीय राष्ट्रीय एकता शिविर (नेशनल इंटीग्रेशन कैंप) का शुभारम्भ कल से हो रहा है । 21 से 27 अक्टूबर तक चलने वाले इस आवासीय कैंप में 17 राज्यों के महाविधालयों और विश्वविधालयों के 200 एनएसएस स्वयंसेवक लेंगे जिसमें कर्नाटक, बिहार, झारखण्ड, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, सिक्किम, गुजरात, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ शामिल है । उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा सरकार द्वारा प्रायोजित एकता कैंप का शुभारम्भ मुख्य अतिथि राहुल हुड्डा आईएएस, निदेशक उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा सरकार के करकमलों से 21 अक्टूबर को होगा । गेस्ट ऑफ़ ऑनर के रूप में श्रवण राम क्षेत्रीय निदेशक एनएसएस दिल्ली कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे । शिविर को स्टेट एनएसएस अधिकारी डॉ दिनेश कुमार और जिला एनएसएस समन्वयक केयूके डॉ आनंद कुमार का भरपूर सानिध्य रहेगा । कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल, उप-प्रधान राजीव गर्ग, जनरल सेक्रेटरी महेंद्र अग्रवाल और कोषाध्यक्ष विशाल गोयल के मार्गदर्शन और प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा की अगुआई में इस कैंप का आयोजन किया जा रहा है जिसमे प्रोग्राम ऑफिसर डॉ राकेश गर्ग और डॉ संतोष कुमारी एनएसएस स्वयंसेवकों के साथ रहेंगे और उनकी हर गतिविधि का हिस्सा बनेंगे । कैंप पर आने वाले खर्च को उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा सरकार वहन कर रही है । कॉलेज ने सभी 200 स्वयंसेवकों के रहने, खाने-पीने, चिकित्सीय और अन्य सुविधाओं की व्यापक और आरामदायक व्यवस्था कर ली है । यह जानकारी प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से मीडिया बंधुओं को दी । यहाँ इस बात का उल्लेख करना अति महत्वपूर्ण है कि राष्ट्रीय एकता शिविर एनएसएस पाठ्यक्रम का सबसे बड़ा और गौरवमयी आयोजन माना जाता है । इसमें भाग लेना हर एनएसएस स्वयंसेवक का स्वप्न होता है । एसडी पीजी कॉलेज पानीपत को इतने बड़े और प्रतिष्ठित कैंप की मेजबानी करने का अवसर एसडी कॉलेज को मिलना कॉलेज इतिहास का एक स्वर्णिम और यादगार पल है । कॉलेज एसएसएस यूनिट्स के उल्लेखनीय कार्यों के भरोसे ही हरियाणा सरकार ने एसडी पीजी कॉलेज को इस कैंप के लिए चुना यह अपने आप में गर्व और हर्ष का विषय है । ऐसे उदगार प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा के ह्रदय से आज उमड़े । सात दिवसीय कैंप में प्रातः कालीन सत्रों में सेमीनार, विभिन्न सामाजिक सरोकार की गतिविधियों, कार्यशालाओं, संगोष्ठियों, मंथन, शिविरों आदि का आयोजन होगा जबकि सांयकालीन सत्र सांस्कृतिक गतिविधियों से लबरेज रहेंगे जिसमें हर राज्य के एनएसएस स्वयंसेवक अपने-अपने राज्य की सांस्कृतिक और गौरवमयी विरासत का प्रदर्शन दूसरे राज्यों के स्वयंसेवकों के समक्ष रखेंगे और राष्ट्रीय एकता की आधारशिला को मजबूत करेंगे ।
दिनेश गोयल प्रधान ने कहा कि कॉलेज एनएसएस स्वयंसेवियों ने निरंतर श्रमदान किया, सैकड़ों यूनिट रक्त दान किया तथा पौधों का रोपण किया है । स्वयंसेवियों ने स्वास्थ्य, आंख और टीकाकरण से संबंधित शिविर आयोजित किए और विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों तथा सामाजिक मुद्दों पर रैलियों के माध्यम जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया । उन्हें कॉलेज एनएसएस यूनिट्स पर गर्व है । यह आयोजन कॉलेज के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा ऐसा उन्हें पूर्ण विश्वास है ।
डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि भारत के सभी राज्यों की परंपरा, रीति-रिवाज, संस्कृति, भाषा का अनुभव करवाना ही इस प्रकार के कैंप को आयोजित करने का मकसद है । एसएसएस स्वयंसेवकों के समग्र व्यक्तित्व को विकसित करने का अवसर भी ऐसे कैंपो से मिलता है । देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और सांप्रदायिक सदभाव के बंधन का गठन इस कैंप का मूल उद्देश्य है । असल में स्वैच्छिक समुदाय सेवा के माध्यम से छात्रों के व्यक्तित्व और चरित्र के विकास के प्राथमिक उद्देश्य के साथ राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) को शुरू किया गया था । एनएसएस का उद्देश्य ‘सेवा के माध्यम से शिक्षा’ है । एनएसएस की वैचारिक उन्मुखता महात्मा गांधी के आदर्शों से प्रेरित है । एनएसएस का आदर्श वाक्य “नॉट मी, बट यू” है । एक एनएसएस स्वयंसेवी ‘स्वयं’ से पहले ‘समुदाय’ को स्थान देता है । यह शिक्षा के तीसरे आयाम का हिस्सा है, अर्थात् मूल्यवर्धक शिक्षा है जिसकी वर्तमान में बहुत आवश्यकता है । स्वयं के व्यक्तित्व को विकसित करने के अलावा एनएसएस स्वयंसेवियों ने समाज के प्रति महत्वपूर्ण योगदान दिया है । पिछले वर्ष के दौरान कॉलेज एनएसएस इकाइयों ने जिलें भर में गांवों/झोपड़ियां में विशेष शिविरों का आयोजन किया है ।
डॉ राकेश गर्ग ने कहा कि युवा और खेल मामलों का मंत्रालय बड़े पैमाने पर एनएसएस के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है और एनएसएस के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं । एनएसएस के स्वयंसेवियों द्वारा किए अच्छे कार्यों के लिए मंत्रालय उन्हें पुरूस्कृत भी करता है । इसके तहत राष्ट्रीय स्तर पर वार्षिक एनएसएस पुरस्कार दिए जाते हैं जिसमें एनएसएस स्वयंसेवियों को गणतंत्र दिवस परेड, अंतर्राष्ट्रीय युवा शिविर, साहसिक कैंप आदि में भाग लेने का अवसर दिया जाता है । एनएसएस के तहत बहुत अच्छे कार्य किए जा रहे हैं और इसमें और ज्यादा अच्छे कार्य करने की क्षमता है । छात्र और एनएसएस स्वयंसेवी युवा भारतीय हैं और वे समाज के सबसे गतिशील वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं ।

Comments