आई.बी.पीजी महाविद्यालय में “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” पर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया।
BOL PANIPAT : स्थानीय आई बी पीजी महाविद्यालय, पानीपत में भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ यूथ अफेयर्स एंड स्पोर्ट्स विभाग के पत्र के तहत वूमेन सेल, लीगल लिटरेसी सेल और एनएसएस यूनिट द्वारा जागरूकता रैली निकाली गई और साथ ही कॉलेज प्रांगण में “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” पर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लड़कियों की सुरक्षा के प्रति जागरूक होने की अपील थी। इस अवसर पर कॉलेज प्राचार्य डॉ अजय कुमार गर्ग ने हस्ताक्षर करके इस अभियान को आरंभ किया सभी अध्यापकों व विद्यार्थियों द्वारा हस्ताक्षर करवाए गए और साथ ही बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर शपथ भी ग्रहण की।
कॉलेज प्रांगण में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर जागरूकता रैली का प्रारंभ प्राचार्य डॉ अजय कुमार गर्ग द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। यह रैली कॉलेज से लेकर के शहर के बाजार से विभिन्न जगह से गुजरती हुई कॉलेज में पहुंची। विद्यार्थियों के द्वारा “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” पर अनेक नारे लगाए गए। रैली के पश्चात जब विद्यार्थी कॉलेज में वापस पहुंचे, तो प्राचार्य डॉ अजय कुमार गर्ग ने उन को संबोधित करते हुए कहा कि “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” का उद्देश्य बालिकाओं के लिए समान अधिकारो की मांग करना और उनकी शिक्षा को बढ़ावा देना है। इसकी शुरुआत 22 जनवरी 2015 को हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरियाणा में की गई।

उन्होंने यह भी कहा कि हमें महिलाओं की सुरक्षा के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। वूमेन सेल की संयोजिंका डॉ किरण मदान ने कहा कि आज हम देख सकते हैं कि खेल जगत से लेकर विज्ञान जगत तक हर क्षेत्र में महिलाएं अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। कहीं ना कहीं यह भारत सरकार द्वारा चलाई गई बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के कारण ही संभव हो पाया है।
लीगल लिटरेसी सेल की संयोजिंका डॉ पूनम मदान ने कहा कि भारत में बेटियां पुरुषों के समान है, हर क्षेत्र में अपना योगदान दे सकती हैं बस उन्हें हौसले की जरूरत है उन्हें पुरुषों की तरह हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने के अधिकार देने की जरूरत है। एनएसएस के संयोजक डॉ जोगेश ने कहा कि भारत धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विश्व के सभी देशों में सर्वोपरि है लेकिन भारतीय समाज में सदियों से महिलाओं की स्थिति हमेशा ही खराब रही हैं, समाज भले ही बेटियों को चारदीवारी के अंदर रखे लेकिन भारतीय समाज जिस हिंदू धर्म शास्त्र को पड़ता है उसे सम्मान देता है उस धर्म शास्त्रों में भी स्त्रियों को देवी और सृष्टि का निर्माता बताया गया है।
इस अवसर पर डॉ सुनीता ढांडा, डॉ निधि मल्होत्रा, प्रो. सुरेंद्र कुमार, प्रो. नीतू, प्रो. मनीष कुमार, प्रो. रेखा, प्रो. राहुल, प्रो. ऋतु, प्रो. मंजिली, प्रो. काजल आदि उपस्थित रहे।

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