एसपी लोकेंद्र सिंह आईपीएस ने दंगा निरोधक कंपनियों का किया निरीक्षण. जवानों को दंगा नियंत्रण उपकरणों को चलाने का कराया अभ्यास.
-आमजन की सुरक्षा व कानून एवं व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच प्राथमिकता: एसपी लोकेंद्र सिंह आईपीएस
BOL PANIPAT : 20 जनवरी 2025, पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह आईपीएस ने सोमवार को पुलिस लाइन में परेड की सलामी के बाद दंगा निरोधक कंपनी का निरीक्षण किया। इस दौरान जवानों को दंगा नियंत्रण उपकरणों टीयर गैस, एंटी रायट गन, वाटर कैनन चलाने का अभ्यास कराया।
पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशानुसार जिला में किसी भी लॉ एंड ऑडर की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस लाइन में जवानों की चार दंगा निरोधक कंपनी बनाई गई है। कंपनी में तैनात प्रत्येक जवान लाठी, डंडा, बॉडी प्रोटक्टर, कैन सिल्ड, हेल्मेट इत्यादी सभी प्रकार के एंटी राइट एक्यूपमेंट से लैस है। एक कंपनी में तीन अलग अलग प्लाटून बनाकर जवानों को तैनात किया गया है। उक्त कंपनियों में तैनात जवान किसी भी लॉ एंड आर्डर स्थिति से निपटने के लिए सक्षम है। चारों कंपनियों के 425 जवानों ने इस दौरान मॉक ड्रील की।
यह कंपनी किसी भी समय लॉ एंड आर्डर सिचुएशन से निपटने के लिए बनाई गई है। इन कंपनी को एक ही आदेश पर कम से कम समय में किसी भी स्थान पर लॉ एंड आर्डर सिचुएशन की स्थिति से निपटने के लिए मौके पर नियुक्त किया जा सकता है ।
पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह आईपीएस ने इस दौरान जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा तथा कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच प्राथमिकता है, ताकि आमजन अपने आपको सुरक्षित महसूस करें। कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के दौरान आमजन के साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार कर उनका सहयोग लिया जाए तथा कानून से खिलवाड़ करने वाले असमाजिक तत्वों के साथ सख्ती से निपटा जाए।
उन्होंने कहा कि आपात स्थित में पूरी सावधानी व सतर्कता बरतें तथा संदिग्ध किस्म के लोगों पर पैनी नजर रखें। भीड़ उग्र हो जाए तो भीड़ से कैसे निपटना है, इस बारे में पुलिस जवानों को महत्त्वपूर्ण गुर बताए।
पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह आईपीएस ने कहा कि यदि भीड़ ज्यादा उग्र या अनियंत्रित हो जाए तो ऐसी स्थिति में पुलिस अधिकारियों व जवानों को जहां तक हो सके मनोवैज्ञानिक तरीके से भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास करना चाहिए। इसके अलावा भीड़ को कानूनी नजरियें से अवगत करवाए की उनका यह प्रदर्शन व उग्र रुप गैरकानूनी है तथा उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है ।
उन्होंने कहा की भीड़ व मजमे के दौरान पुलिस अफसर व जवानों को हमेशा शांत रहना चाहिए, अपने सूचना तंत्र को मजबूत कर भीड़ की साइकोलॉजी को पहचाने तथा जनता से सहयोग प्राप्त कर भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास करें। किसी भी हिंसक प्रदर्शन या उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान स्थानीय प्रशासन के साथ पूरी तरह से समन्वय बनाकर रखें।
इस दौरान उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सतीश वत्स, उप पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह, उप पुलिस अधीक्षक राजबीर सिंह व उप पुलिस अधीक्षक सुरेश कुमार सैनी भी मौजूद रहें।

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