एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की खिलाड़ी ने बॉक्सिंग में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में गोल्ड मैडल जीत कर मचाया तहलका
–भारत सरकार ने छात्रवृति के रूप में दी 50 हज़ार रुपये की पुरस्कार राशि
–खेल वर्तमान को बेहतर बनाता है और भविष्य का निर्माण करता है: डॉ अनुपम अरोड़ा
BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज पानीपत की बीए प्रथम वर्ष की छात्रा पूनम ने जैन यूनिवर्सिटी बंगुलुरु (कर्नाटक) में आयोजित खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में बॉक्सिंग की 54 से 57 किलोग्राम भारवर्ग प्रतियोगिता में गोल्ड मैडल जीत कर तहलका मचा दिया. दूसरी तरफ बीए तृतीय वर्षकी छात्रा प्रीती जागलान ने भी खेलो इंडिया इंटरयूनिवर्सिटी गेम्स के कराटे टूर्नामेंट की 45 किलोग्राम प्रतिस्पर्धा में प्रतिद्वंदी खिलाड़ी को एकतरफा मुबाक्ब्ले में 8-1 से हराकर कांस्य पदक और टीम प्रतिस्पर्धा में सिल्वर मैडल झटक कर जहाँ एक ओर वर्ल्ड यूनिवर्सिटी कराटे गेम्स में अपना स्थान सुनिश्चित किया वहीँ कॉलेज, प्रदेश और देश का नाम रोशन किया. वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स का आयोजन चीन में होगा. दोनों ही खिलाड़ियों को उनकी शानदार उपलब्धियों के लिए भारत सरकार ने खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के तहत 50 हज़ार की नकद राशि बतौर छात्रवृति देने की घोषणा की.
विदित रहे कि खेलो इंडिया की पहल से पिछले तीन वर्षों में भारतीय युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने के लिए एक नया मंच मिला है. खेलो इंडिया को भारत सरकार ने साल 2017 में जमीनी स्तर पर बच्चों के साथ जुड़कर भारत में खेल की भावना को पुनर्जीवित करने के लिए शुरु किया था. इस पहल ने विभिन्न खेलों के लिए देश भर में खेल के बेहतर बुनियादी ढांचे और विभिन्न खेल अकादमी के निर्माण पर भी ध्यान केंद्रित किया है. अब खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स को वार्षिक आयोजनों के रूप में आयोजित किया जाने लगा है जिसमें राज्यों और विश्वविद्यालयों का प्रतिनिधित्व करने वाले युवाओं को अपना कौशल दिखाने का अवसर मिलता है.
कॉलेज पधारने पर पूनम और प्रीती का भव्य स्वागत एसडी पीजी कॉलेज प्रबंधकारिणी के प्रधान पवन गोयल, उप-प्रधान मनोज सिंगला, जनरल सेक्रेटरी तुलसी सिंगला, कोषाध्यक्ष विकुल बिंदल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ सुशीला बेनीवाल, रजनी, कोच शरीफ, ग्राउंड्समैन प्रताप और अन्य स्टाफ सदस्यों ने किया. दोनों ही खिलाडी इससे पहले भी कई टूर्नामेंट्स में बेमिसाल प्रदर्शन कर चुके है परन्तु उनका यह कारनामा अत्यधिक अदभुत और विलक्षण है.
एसडी कॉलेज प्रधान पवन गोयल ने अपने सन्देश में कहा कि पूनम और प्रीती जागलान ने जो उपलब्धि हासिल की है वह देश के हर खिलाड़ी और विद्यार्थी के लिए प्रेरणा का श्रौत साबित होगी. हर जीत के पीछे लगन और कड़ी मेहनत का हाथ होता है. विद्यार्थी जीवन में खेल बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. खेल गतिविधियों में शामिल होना हर व्यक्ति के लिए कई तरह से फायदेमंद होता है. खेल न केवल शारीरिक ताकत प्रदान करते है बल्कि इनसे हम मानसिक रूप से भी मजबूत बनते है. अब तो खेल हमें अपने पैरो पर खड़ा होने में भी मदद करने लगे है. अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेना और फिर स्वर्ण पदक जीतना अपने आप में गौरवपूर्ण उपलब्धि है. इन खिलाडियों ने यही संदेश और प्रेरणा हम सभी को दी है. कॉलेज अपने हर खिलाड़ी को इसी तरह से प्रोत्साहित करता रहेगा.
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि इन दोनों खिलाड़ियों ने कॉलेज ही नहीं अपितू हरियाणा एवं देश का नाम रोशन किया है. समयबद्धता, धैर्य, अनुशासन और लगन के कारण ही पूनम और प्रीती जागलान आज अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सितारे बन पाए है. खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में पदक जीतना हर खिलाड़ी का स्वप्न होता है. पूनम और प्रीती जागलान ने इस टूर्नामेंट में गोल्ड जीत कर खुद के लिए वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में अपना स्थान सुनिश्चित किया है. एसडी पीजी कॉलेज ने खेलों को सैदेव बढ़ावा दिया है और यहाँ के खिलाड़ियों ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा कर कॉलेज का भरपूर नाम रोशन किया है. कॉलेज को अपने इन होनहारों पर नाज है और इन्हें आगे बढ़ने के और भी अवसर और सुविधाएं दी जायेगी. खेल आज को बेहतर बनाता है और भविष्य का निर्माण करता है
शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ सुशीला बेनीवाल ने पूनम और प्रीती जागलान की उपलब्धियों के बारे में बोलते हुए कहा कि इन दोनों ही खिलाडियों की कामयाबी का सफ़र बहुत लम्बा है और ये दोनों अभी और भी बड़े मुकाम हासिल करेगे. दोनों खिलाडियों का भविष्य बहुत ही उज्जवल है. हरियाणा प्रदेश क्रीडा के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर चुका है. उच्च कोटि के खिलाड़ी अब यहाँ की खेल नर्सरियों में तैयार हो रहे है. इन दोनों खिलाड़ियों की सफलता आने वाले समय में भावी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी साबित होगी. इससे महाविधालय के अन्य खिलाडियों को भी प्रौत्साहन मिलेगा.
पूनम ने कहा कि उनकी जीत का श्रेय उनके माता-पिता, एसडी कॉलेज प्रधान पवन गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, प्रो सुशीला बेनीवाल और रजनी को जाता है. उनके माता-पिता ने हमेशा उनका हौंसला बढाया है और कॉलेज से भी उन्हे भरपूर मदद मिली है. अब वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ना चाहते है और इसके लिए वे निरंतर अभ्यास में जुटे हुए है.
इस अवसर पर कॉलेज स्टाफ सदस्य डॉ एसके वर्मा, डॉ मुकेश पुनिया, प्रो सुशीला बेनीवाल, रजनी, कोच शरीफ, प्रताप, दीपक मितल मौजूद रहे.

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