छात्रा पारुल ने राष्ट्रीय स्तरीय पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
BOL PANIPAT : आई.बी.स्नातकोत्तर महाविद्यालय पानीपत की बी.एस.सी भौतिकी विज्ञान तृतीय वर्ष की छात्रा पारुल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए आर्य कन्या महाविद्यालय शाहबाद मारकंडा में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर महाविद्यालय का नाम रोशन किया। प्रतियोगिता का विषय “Green Technology for better Planet” रहा। इस प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। कड़ी प्रतियोगिता के बीच पारुल ने अपनी प्रतिभा, ज्ञान और कौशल का परिचय देते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल करने पर पारुल को प्रशस्ति पत्र तथा ₹800 की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया। आई.बी. महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सतवीर सिंह ने कहा कि आज, जब हम एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं जहां जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण क्षरण हमारे अस्तित्व के लिए खतरा बन गए हैं तब हरित प्रौद्योगिकी केवल एक शब्द नहीं, बल्कि समय की सर्वोच्च आवश्यकता बन गई है। हरित प्रौद्योगिकी का अर्थ है ऐसी तकनीक जो पर्यावरण के अनुकूल हो, प्रदूषण कम करे और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को इस प्रकार की गतिविधियों में भाग लेते रहना चाहिए जिससे उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होता है। भौतिकी विभागाध्यक्षा प्रो. सोनिया ने कहा कि वर्तमान समय में ग्रीन टेक्नोलॉजी की आवश्यकता अत्यंत बढ़ गई है। जैसे-जैसे दुनिया विकसित हो रही है ग्लोबल वार्मिंग के अधिक समाधान विकसित किया जा रहे हैं, जिनमें हरित प्रौद्योगिकी भी शामिल है जो मनुष्यों और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभावों को कम करती है। जल और वायु प्रदूषण मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा है। हरित प्रौद्योगिकी की मदद से कार्बन उत्सर्जन और जल प्रदूषण को कम किया जा सकता है जिससे मानव स्वास्थ्य में सुधार होगा। यह तकनीक पारंपरिक जीवाश्म ईंधन-आधारित विकास से हटकर, सतत विकास की ओर बढ़ने का मार्ग है। ऐसी प्रतियोगिताओं विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना विकसित होती है। महाविद्यालय प्रबंधन और समस्त स्टाफ ने भी पारुल की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उसे भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर भौतिकी विभागाध्यक्षा प्रो. सोनिया, उपप्राचार्या डॉ. शशि प्रभा और डॉ. चेतना नरूला आदि उपस्थित रहे।

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