आर्य कॉलेज में राष्ट्रीय युवा दिवस पर हुआ स्वदेशी संकल्प दौड़ एवं संगोष्ठी का आयोजन.
– युवा राष्ट्र के सशक्त स्तंभ हैं: डॉ. जगदीश गुप्ता
– 500 से अधिक विद्यार्थियों ने ‘रन फॉर स्वदेशी’ में दिखाई ऊर्जा व राष्ट्रभक्ति
BOL PANIPAT – सोमवार 12 जनवरी 2026, सोमवार को आर्य पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय युवा दिवस एवं स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर महाविद्यालय की एनएसएस, एनसीसी व यूथ रेड क्रॉस इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में “स्वदेशी अपनाओ” थीम पर विविध कार्यक्रमों का शानदार आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रप्रेम, आत्मनिर्भरता एवं स्वदेशी चेतना का संचार करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 09:30 बजे “रन फॉर स्वदेशी” के आयोजन से हुई। इस अवसर पर महाविद्यालय प्रांगण से स्वदेशी संकल्प दौड़ को प्राचार्य प्रो. (डॉ.) जगदीश गुप्ता एवं उपाचर्या डॉ. अनुराधा सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौड़ में महाविद्यालय के लगभग 500 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और जीटी रोड होते हुए लगभग 3 किलोमीटर की दूरी तय की। पूरे वातावरण में “स्वदेशी अपनाओ, भारत बचाओ”, “मेक इन इंडिया” जैसे देशभक्ति से ओत-प्रोत नारों की गूंज सुनाई दी।
स्वदेशी संकल्प दौड़ के उपरांत महाविद्यालय प्रांगण में आयोजित स्वदेशी विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मनीषा दुदेजा एवं डॉ. आस्था गुप्ता ने प्राचार्य प्रो. (डॉ.) जगदीश गुप्ता तथा उपाचर्या डॉ. अनुराधा सिंह का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम में वक्ताओं के रूप में महाविद्यालय की यूथ रेड क्रॉस इकाई के इंचार्ज डॉ. विजय सिंह एवं डॉ. विवेक गुप्ता उपस्थित रहे।
इस अवसर पर अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य प्रो. (डॉ.) जगदीश गुप्ता ने कहा कि “युवा किसी भी राष्ट्र के सबसे मजबूत स्तंभ होते हैं।” उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों को स्मरण करते हुए कहा कि यदि आज का युवा उनके बताए मार्ग—साहस, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा—को आत्मसात कर ले, तो भारत को विश्वगुरु बनने से कोई शक्ति नहीं रोक सकती। उन्होंने स्वदेशी संकल्प दौड़ को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सार्थक पहल बताया।
इस अवसर पर यूथ रेड क्रॉस इकाई के इंचार्ज डॉ. विजय सिंह ने बदलते वैश्विक परिदृश्य में स्वदेशी की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि युवाओं को अपने जीवन-शैली, उपभोग, भाषा और संस्कृति में स्वदेशी को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को शारीरिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक व राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति भी सजग करते हैं।
सहायक प्रोफेसर विवेक गुप्ता ने कहा कि स्वदेशी अपनाकर देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे परिश्रम, नवाचार और राष्ट्रनिष्ठा के साथ देश के विकास में अपनी भूमिका निभाएं।
एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मनीषा डुडेजा ने कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर कॉलेज में भव्य रूप से स्वदेशी संकल्प दौड़ का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों विद्यार्थियों ने जोश, उत्साह और राष्ट्रप्रेम के साथ भाग लेकर आत्मनिर्भर भारत का संदेश दिया। जानकारी देते हुए बताया कि एनएसएस, एनसीसी एवं यूथ रेड क्रॉस के लगभग 500 स्वयंसेवकों ने दौड़ एवं संगोष्ठी में सक्रिय सहभागिता की। वहीं, प्राध्यापिका डॉ. आस्था गुप्ता ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन छात्रों में देशभक्ति और सामाजिक चेतना को मजबूत करते हैं। प्राध्यापक डॉ. पंकज चौधरी ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने स्वदेशी अपनाने की शपथ भी ली।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रनिर्माण में युवाओं की भूमिका को लेकर सकारात्मक संदेश के साथ किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. राजेश तूर्ण, प्राध्यापक सोनू ढुल, राजा तोमर, राजेंद्र देशवाल, संदीप, सुनील पहल, दीपक जांगड़ा, प्राध्यापिका खुशबू वर्मा सहित अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।

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