30 दिसंबर को होने वाली कष्ट निवारण समिति की बैठक से पहले टीडीआई प्रबंधन ने RWS के पदाधिकारी के साथ की सकारात्मक मीटिंग
-मीटिंग में RWS के सभी कामों को करवाने का टीडीआई प्रबंधन ने दिया आश्वासन
-टीडीआई प्रबंधन बोला सकारात्मक मीटिंग हुई जल्द ही काम होते दिखाई देंगे
-आरडब्ल्यूएस प्रेजिडेंट शैलेंद्र कुमार ने कहा अगर हमारे सारे काम हो जाते हैं तो हम शिकायत वापस भी ले सकते हैं
BOL PANIPAT : ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में मंत्री कृष्ण बेदी की फटकार और टीडीआई मलिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश के बाद अब टीडीआई प्रशासन हरकत में आ गया है और जिन कामों के लिए RWS के पदाधिकारियो द्वारा शिकायत दी गई थी उन सब कामों को निपटाने के लिए आज टीडीआई प्रशासन ने RWS के पदाधिकारियों के साथ बैठक की. यह बैठक टीडीआई क्लब में शुक्रवार की देर शाम टीडीआइ प्रबंधन की रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसायटी के पदाधिकारियों के साथ कई घंटे चली. टाउनशिप की खस्ताहाल सड़कों का निर्माण, बाउंड्रीवाल की मरम्मत, पार्को की देखरेख, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट चालू कराने को लेकर विचार विमर्श हुआ।

प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि एसटीपी की सफाई कराने के बाद अंडरग्राउंड सीवरेज लाइनों को जोड़ दिया जाएगा, जिसके बाद पानी निकासी की समस्या नहीं होगी। डेढ़ साल से बंद स्ट्रीट लाइट, पानी सप्लाई नए साल में चालू कराने का प्रबंधन ने बकाया बिजली बिल जमा कराने का भरोसा दिया है । प्रबंधन ने सड़क निर्माण, एसटीपी सफाई, बाउंड्रीवाल व पार्को के सुंदरीकरण से लेकर बिजली कनेक्शन जोड़ने संबंधी प्रबंधन की कार्यवाही से अवगत कराया। बताया कि धीरे- धीरे शिकायतों का समाधान किया जा रहा है। इस पर शिकायतकर्ता व आरडब्ल्यूएस के पदाधिकारी सहमत दिखे।

RWS के प्रेसिडेंट शैलेंद्र ने कहा कि टाउनशिप प्रबंधन ने सड़कों का निर्माण शुरू करने के लिए सामग्री जुटा ली है, बाकी कार्यों को जल्द से जल्द करवाने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि नए साल में रेजिडेंट्स को मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी।
वहीं TDI प्रबंधन ने ने कहा है कि RWS द्वारा जिन कामों को लेकर शिकायत दी गई थी उन सब कामों को करवाने के लिए आज मीटिंग में अवगत करवा दिया गया है और मीटिंग के बाद सभी आरडब्ल्यूएस पदाधिकारी सहमत दिखाई दे रहे हैं .अब किसी को कोई शिकायत नहीं है
आपको बता दे कि ग्रीवेंस की अगली मीटिंग 30 दिसंबर को होनी है उससे पहले ही टीडीआई प्रबंधन RWS मनाने में जुटा है.जिसके बाद टीडीआई प्रबंधन मजबूती से अपना पक्ष मंत्री के सामने रख सकता है और प्रशासन से FIR दर्ज करवाने के आदेश को वापस लेने की गुहार लगा सकता है।

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