थाना साइबर क्राइम पुलिस ने तीन साइबर ठगों को काबू किया.
केंद्र सरकार द्वारा संचालित पोर्टल की मदद से तीनों आरोपी पकड़े गए. साइबर ठग ट्रांसपोर्टर को माल भेजने के नाम पर ठगते थे.
BOL PANIPAT : 25 दिसम्बर 2024, पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह आईपीएस के मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम ने मंगलवार को तीन साइबर ठगों को काबू करने में बड़ी सफलता हासिल की है। थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम को केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रतिबिंब पोर्टल की मदद से साइबर ठगों की लोकेशन मिली थी। पुलिस टीम ने लोकेशन के आधार पर तीनों साइबर ठगों को काबू किया।
पुलिस ने इनके कब्जे से 4 मोबाइल फोन व सिमकार्ड बरामद किए है। उक्त साइबर ठग उत्तराखंड, महाराष्ट्र, गुजरात समेत देश के अलग-अलग राज्यों में लोगों के साथ ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुके है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ थाना साइबर क्राइम में अभियोग दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
साइबर थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर अजय ने बताया कि पानीपत थाना साइबर क्राइम की टीम द्वारा भारत सरकार द्वारा संचालित प्रतिबिंब पोर्टल को चेक किया गया तो एक साइबर अपराधी के नंबर की लोकेशन गोपाल कॉलोनी, मॉडल टाउन के पास मिली। जिसके बाद उन्होंने तुरंत केंद्र सरकार के समन्वय पोर्टल को चेक किया तो उक्त नंबर के खिलाफ महाराष्ट्र में एक शिकायत दर्ज होनी पाई गई। इसकी सूचना तुरंत उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाई गई। जिसके बाद एक टीम गठित की और मौके पर दबिश दी गई। पुलिस को उक्त लोकेशन पर तीन युवक मिले। जिनको पुलिस ने काबू किया। पूछताछ में एक ने अपना नाम विजय निवासी बढया, जिला देवरिया, उत्तर प्रदेश, दूसरे ने अपना नाम इंद्रजीत निवासी जिला फरूखाबाद, उत्तरप्रदेश व तीसरे ने अपना नाम मनोज निवासी जिला फरूखाबाद, उत्तर प्रदेश बताया। मौके पर पुलिस ने पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाने वाले व्यक्ति से बातचीत की तो उसने खुद के साथ साइबर ठगी होने की बात बताई।
प्रभारी सब इंस्पेक्टर अजय ने बताया कि पूछताछ में साइबर ठगों ने बताया वे तीनों मिलकर गाड़ियों में सामान लोडिंग के नाम पर आमजन व ट्रांसपोर्ट का कार्य करने वाले व्यक्तियों के साथ वित्तीय धोखाधड़ी करते हैं। जिसके पैसे वे उनके एक मिर्जापुर यूपी निवासी दोस्त द्वारा दिए गए बैंक खातों में डलवा देते थे। जिनको वह निकाल कर उनकी कमीशन बैंक खातों में डाल देता था। बाद में वे इसे सीएससी सेंटर या एटीएम से निकाल लेते है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 मोबाइल फोन व कई सिम कार्ड बरामद किये है। आरोपियों के कब्जे से मिले सिम वा मोबाइल फोन का प्रयोग अनेकों जगहों पर इसी तरह की धोखाधड़ी करने में प्रयोग किए जाने पाए गए। आरोपियों के फोन में काफी लोगों के पास भेजी गई लोडिंग से संबंधित जानकारी जैसे कंपनी का नाम, आरसी, बैंक खातों की जानकारी, लोकेशन के लिंक, मशीनरी, गाड़ियों के फोटो आदि मिली।
प्रभारी सब इंस्पेक्टर अजय ने बताया कि पुलिस टीम ने बुधवार को तीनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया जहा से आरोपी मनोज व विजय को न्यायिक हिरासत जेल भेज दिया व आरोपी इंद्रजीत को 3 दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से गिरोह में शामिल इनके साथी आरोपियों के ठिकानों का पता लगा काबू करने का प्रयास करेंगी।

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