थाना इसराना बिकाऊ है खबर का पानीपत पुलिस पूरी तरह से खंडन करती है: पुलिस अधीक्षक
दीवानी नियत के मामलें में पुलिस कार्रवाई करने का दबाव बनाने व पुलिस की छवि खराब करने के लिए षड़यंत्र के तहत एक पक्ष की और से थाना इसराना पुलिस पर लगाए गए आरोप निराधार : पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन
BOL PANIPAT : 24 जुलाई 2022, पारिवारिक जमीन को लेकर दो पक्षों में विवाद : खेतों से निकल रही खांड ( माइनर) की जमीन को लेकर दोनों पक्षों की और से माननीय न्यायलय में डाले गए दिवानी नियत के 3 मामले विचाराधीन है। इसके अतिरिक्त दोनों पक्षों की और से मारपीट व लड़ाई झगड़े का एक-एक मुकदमा थाना इसराना में दर्ज है। इसके अलावा दोनों पक्षों के विवाद को देखते हुए पुलिस द्वारा पहले ही 107/151 सीआरपीसी की निवारक कार्यवाही भी अमल में ला रखी है।
पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन ने बताया थाना इसराना क्षेत्र के अंतर्गत गांव कारद निवासी मदन मोहन व रामहेर दोनों चचेरे भाईयों के बीच पारिवारिक जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। दोनों के खेत साथ-साथ लगते हैं। खेतों से निकल रही सरकारी खांड की जमीन को लेकर दोनों पक्षों की और से माननीय न्यायलय में डाले गए दिवानी नियत के 3 मामलें माननीय न्यायालय में विचाराधीन। माननीय न्यायालय द्वारा पहले ही विवादित जमीन पर स्थिति यथावत बनाए रखने के आदेश दे रखे हैं। दोनो ही पक्ष नहीं चाहते कि सरकारी खांड उनकी जमीन से होकर निकले। आज तक दोनों पक्षों द्वारा तहसील इसराना में माइनर की जमीन को लेकर निशानदेही का आवेदन नहीं किया है ब्लकि पंचायती तौर पर फसल बुआई के समय आपस में राजीनामा कर लेते हैं और विवाद होने पर थाना में शिकायतें देते रहते हैं। मदन मोहन ने अपनी 3 एकड़ जमीन गांव भाऊपुर निवासी राजेश पुत्र रणधीर को ठेके पर दी हुई है। इसी जमीन के पास से खांड निकल रही है।
थाना इसराना में भाऊपुर निवासी राजेश ने 22 जुलाई को शिकायत देकर बताया था कि वह ठेके की जमीन में धान की फसल लगा रहा था। इसी समय राममेहर पुत्र लिच्छा राम, सुरजीत पुत्र राहमेर, ओमप्रकाश पुत्र लिच्छा राम व सुरेन्द्र पुत्र ओमप्रकाश निवासी कारद वहाँ पर आ गए और उसको कहा कि तुमने खांड की जमीन पर धान लगा ली। राजेश फोन करके मदन मोहन को भी मौका पर बुला लिया और आरोपियान द्वारा दोनों के साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। शिकायत में बताया आरोपियों ने धान की फसल भी उखाड़ दी। शिकायत पर तुरंत नामजद आरोपियों के खिलाफ थाना इसराना में आईपीसी की धारा 323,506,427,34 के मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई थी। तीन आरोपियों को गिरफ्तारा करके माननीय न्यायालय में पेश किया जा चुका है।
पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन ने बताया उक्त मामला थाना इसराना प्रभारी इंस्पेक्टर दीपक कुमार द्वारा उप-पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश के संज्ञान में लाया गया। शनिवार को मदन मोहन, राजेश व रामहेर तीनों पक्ष अपने साथ गांव के मौजिज व्यक्तियों के साथ थाना में पहुंचे। उप-पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश थाना परिसर में तीनों पक्षों को बैठाकर मामलें की जानकारी प्राप्त कर रहे थे। इसी बीच मदन मोहन थाना परिसर से बाहर गया और षड़यंत्र के तहत थाना इसराना बिकाऊ है का होर्डिंग हाथों में लेकर मिडिया के सामने फोटो करवाकर वापिस थाना परिसर में आ गया। मदन मोहन ने अंदर आकर ये सब करने के संबंध में माफी भी मांगी।
पुलिस अधीक्षक ने बताया आपराधिक मामलों में पुलिस कार्यवाही करती है। वही दीवानी नियत के मामलों में माननीय न्यायालय के आदेशानुसार पुलिस कार्यवाही की जाती है। मारपीट की शिकायत मिलते ही राजेश की शिकायत पर नामजद आरोपियों के खिलाफ थाना इसराना में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर थाना इसराना पुलिस द्वारा कानूनी कार्रवाई अमल में लाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले वर्ष 2021 में राममेहर की शिकायत पर थाना इसराना में दर्ज मारपीट के मामलें में मदन मोहन को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त दिसंबर से जून माह के बीच में दोनों पक्षों की और से दी गई 5 शिकायतों पर दोनों पक्ष पंचायती तौर पर राजीनामा कर चुके है। वही खांड की जमीन को लेकर दोनों पक्ष विवाद कर रहे है परंतु निशानदेही के लिए किसी भी पक्ष की और से आज तक तहसील में अर्जी नही लगाई गई है।
पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन ने बताया दीवानी नियत के मामलें में पुलिस कार्रवाई करने का दबाव बनाने व पुलिस की छवि खराब करने के लिए सड़यंत्र के तहत मदन मोहन पक्ष ने थाना इसराना बिकाऊ है का होर्डिंग हाथो में लेकर मिडिया में फोटो करवा आरोप लगाए है। उक्त आरोप निराधार है। दिवानी नियत के मामले में माननीय न्यायालय के आदेश से पहले पुलिस का हस्तक्षेप नही बनता।

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