Saturday, April 25, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में हरियाणा कला परिषदके सौजन्य से आयोजित 20 दिवसीय ‘हरियाणवी लोक कला नृत्य कार्यशाला’ का विधिवत समापन

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at June 8, 2022 Tags: , , , ,

कला और संस्कृति व्यक्तित्व में सदगुणों, पवित्रता एवं सामाजिक एकता का भाव स्थापित करती हैं: हरपाल डांडा

BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में हरियाणा कला परिषद, रोहतक मंडल के सौजन्य से9मई से आयोजित 20 दिवसीय ‘हरियाणवी लोक कला नृत्य कार्यशाला’ का विधिवत एवं सारगर्भित समापन हो गया.समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्रख्यात समाजसेवी एवं उद्योगपति हरपाल डांडा रहे. मुख्य अतिथि का स्वागत प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, हरियाणा कला परिषद रोहतक मंडल से को ऑर्डिनेटर रजनी बेनीवाल, मुख्य प्रशिक्षक बबलू, कार्यशाला की ओवरआल कोऑर्डिनेटर डॉ संतोष कुमारी, डॉ मोनिका खुराना, डॉ दीपा वर्मा और अन्य प्राध्यापकों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर किया. कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई.कला-संस्कृति से जुडी इस कार्यशाला का आयोजन भारत के प्रधानमंत्री की पहल एवंमुख्यमंत्री हरियाणामाननीय मनोहर लाल के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन की उपज है.अनेक वीर शहीद जिनकी शहादत गुमनाम है औरकिस प्रकार वीरों के प्राणों की आहुतियों के लंबे स्वतंत्रता संग्राम के पश्चात हमारा देश आजाद हुआ.इन्ही वीरों की वीरता केइतिहास, वीर गाथाओ एवंयुवा पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति की भावना स्थापित करना ही इस कार्यशाला का उद्देश्य रहा.कला व संस्कृति के माध्यम से 20 छात्राओं ने नृत्य की विधा में जो कुछ इस कार्यशाला में हासिल किया उसने दर्शकों को भाव-विभुर कर दिया. एकल और समूह नृत्य पेश कर छात्राओं ने इस समूचे प्रयास कोअत्यधिक सफल बनादिया. गूंगा नृत्य, बावन गज का घाघरा आदि गीत-संगीतपर प्रशिक्षित छात्राओ ने शानदार नृत्य पेश किया.

विदित रहे की 20 दिवसीय ‘हरियाणवी लोक कला नृत्य कार्यशाला’की विधिवत शुरुआत और उदघाटन हरियाणा कला परिषद के निदेशक डॉ संजय भसीन द्वारा की गई थी और इसे आजादी के 75वें वर्ष में अमृत महोत्सव के अवसर पर आयोजित किया गया.

प्रख्यात समाजसेवी एवं उद्योगपति हरपाल डांडा ने कहा कि भारत केयुवा अनेकों विधाओं और कलाओं में प्रतिभा संपन्न है किन्तुअवसर प्राप्त न होने के कारण वेनिराशा के शिकार हो जाते है और धीरे-धीरे उनकी प्रतिभा लुप्त हो जाती है. कला व संस्कृति व्यक्तित्व में सदगुणों, पवित्रता एवं सामाजिक एकता का भाव स्थापित करतीहैं. हरियाणा कला परिषद कला एवं लोक संस्कृति को व्यापक विस्तार देने के उद्देश्य से औरइसे लोकप्रिय बनाने के लक्ष्य को लेकर समय-समय पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करती है.इन कार्यशालाओं के माध्यम से प्रतिभाशाली युवाओं को प्रशिक्षित किया जाता है और उनकी प्रतिभा को तराशा जाता है ताकि उन्हें प्रस्तुति हेतू उचित मंच मिले और वे अपनी प्रतिभा के जलवे बिखेर सके.इस प्रकार की कार्यशाला में भाग लेने से आने वाले समय में श्रेष्ठ कलाकारों की नई पीढ़ी का निर्माण होता है. युवाओं काआह्वानकरते हुए उन्होनें कहा कि यह वर्तमान के युवा का दायित्व है कि वह अपनी लोक संस्कृति एवं लोक परंपरा को लुप्त न होने दें. आधुनिकता के बोध में कहीं आज का युवा अपने ही संस्कारों और संस्कृति को ही न भूल जाए.संस्कृति और कला ही हमारे जीवन का आधार है.

रजनी बेनीवाल कोऑर्डिनेटर हरियाणा कला परिषद रोहतक मंडल ने कहा कि 20 दिन की हरियाणवी लोक कला नृत्य कार्यशाला काप्रयास पूरी तरह सार्थक एवं सफल रहा. कुशल प्रशिक्षकों द्वारा जिस तरह से 20 प्रतिभागी छात्राओं को प्रशिक्षित कर तराशा गया उससे उन्हें गर्व की अनुभूति हुई है.संस्कृति एवं कला के माध्यम से हमारे व्यक्तित्व का विकास ज्यादा बेहतर तरीके से होता है.

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने इस कार्यशाला के सफल आयोजन पर डॉ संजय भसीन और रजनी बेनीवाल के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होने कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते है परन्तु फिर भी हर युवा को डटकर इनका सामना करना चाहिए.प्रत्येक व्यक्ति को कला की किसी न किसी विधा को अपने जीवन में अवश्य अपनाना चाहिए. कला का उद्देश्य मात्र कलाकार बनकर लोकप्रिय होना या पैसा बनाना नहीं है. कला द्वारा हमाराव्यक्तित्व बनता है. कला हमारी अनेकों विकृतियों जैसे ईर्ष्या, द्वेष, क्रोध, लोभ, भ्रष्ट आचरण, निराशा जैसे भावों से हमें मुक्ति दिलाती है. खुद के निखरने से ही अच्छे  समाज का निर्माण संभव है. अच्छीकला हमारेजीवन को बदलने में सर्वाधिक प्रभावशाली है.

प्रधान पवन गोयल ने अपने सन्देश में कहा कि प्रबंधन महाविद्यालय में संस्कृति, कला एवं अन्य क्षेत्रों में विद्यार्थियों को समुचित सुविधा प्रदान करता रहेगा. कोरोना के कारण विद्यार्थियों को गत वर्षों में अच्छे अवसर प्राप्त नहीं हुए है और इसीलिए कॉलेज महाविद्यालय के विद्यार्थीयों के लिए इस प्रकार की रचनात्मक कार्यशालाए आयोजित करवा रहा है.

समापन समारोह में महाविद्यालय के 250 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. इस अवसर पर डॉ संतोष कुमारी, डॉ मोनिका खुराना, डॉ दीपा वर्मा, डॉ एसके वर्मा,दीपक मित्तल आदि उपस्थित रहे.

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