Sunday, May 31, 2026
Newspaper and Magzine


अतिरिक्त उपायुक्त ने दिलाई अधिकारियों व कर्मचारियों को संविधान दिवस  की शपथ।

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at November 26, 2022 Tags: , , , ,

BOL PANIPAT 26, नवम्बर। अतिरिक्त उपायुक्त वीना हुड्डा ने शनिवार को लघु सचिवालय में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संविधान दिवस के अवसर पर संविधान प्रस्तावना की शपथ दिलवाई। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन वर्ष 1949 में संविधान सभा द्वारा भारतीय संविधान को अंगीकृत और अधिनियमित किया गया था। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात देश का संविधान बनाने के लिए एक संविधान सभा का गठन किया गया था। इस सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को बनाया गया था। संविधान सभा द्वारा संविधान का प्रारूप तैयार करने के लिए डॉ. भीमराव अम्बेड़कर की अध्यक्षता में प्रारूप समिति का गठन किया गया था। संविधान सभा की दो साल ग्यारह महीने और 17 दिनों की कड़ी मेहनत से भारतीय संविधान तैयार किया गया था। इसी दिन इस संविधान को दुनिया के सबसे बड़े लिखित संविधान के रूप में स्वीकृति मिली थी।
उन्होंने कहा कि भारत का संविधान दिवस पहली बार वर्ष 2015 में मनाया गया जो डॉ. बी. आर. अम्बेडकर की 125वीं जयंती भी थी। भारत के संविधान को बनाने में डॉ. अंबेडकर का योगदान किसी और के योगदान से कहीं ज्यादा अद्वितीय है। वह संविधान मसौदा समिति के अध्यक्ष भी थे। संविधान के प्रारूपण में उनकी जबरदस्त मेहनत ने उन्हें ‘संविधान का पिताÓ भी बना दिया है। इसलिए भारत सरकार ने नवंबर 2015 में हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाने का ऐतिहासिक फैसला लिया। इस संबंध में एक आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना 19 नवंबर, 2015 को जारी की गई थी।
संविधान दिवस का महत्व
वीना हुड्डा ने कहा कि संविधान सभा द्वारा भारतीय संविधान को अपनाने के उपलक्ष्य में संविधान दिवस मनाया जाता है। संविधान भारत के लोगों के लिए सर्वोच्च शासी दस्तावेज है; इसलिए, यह बहुत महत्व रखता है। इसके अलावा संविधान दिवस मनाकर, लोगों और बच्चों को न केवल संविधान के महत्व का एहसास होता है, बल्कि बी. आर. अंबेडकर के साथ अन्य आढ़तियों को भी याद करने का मौका मिलता हैं। भारत प्रतिवर्ष 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाता है। स्वतंत्रता के बाद यह संविधान सभा द्वारा यह भारत के संविधान को अपनाने की याद दिलाता है। भारत का संविधान भारत के लोगों के लिए मौलिक शासी दस्तावेज है।
अतिरिक्त उपायुक्त ने अधिकारियों व कर्मचारियों को भारत को सम्पूर्ण प्रभुसत्ता सम्पन्न, समाजवादी, धर्मनिर्पेक्ष, लोकतांत्रितक गणराज्य बनाने के लिए तथा समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक न्याय, अभिव्यक्ति, धर्म व उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समानता प्रदान करने के लिए तथा उन सबमें व्यक्ति की गरिमा, राष्ट्र की एकता, अखण्डता सुनिश्चित करने वाले और भाईचारा बढ़ाने के लिए शपथ दिलवाई। इस मौके पर एसडीएम पानीपत वीरेन्द्र ढुल, एसडीएम समालखा अमित कुमार, सीटीएम राजेश सोनी, जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार भौरिया व अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

Comments