Monday, July 6, 2026
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प्रशासन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at July 6, 2026 Tags: , , , ,

जिला सचिवालय में स्वयं सहायता समूहों को मिला नया बाजार, मासिक बिक्री अभियान का शुभारंभ

महिलाओं के उत्पादों को मिलेगा सीधा ग्राहक, आय बढ़ाने की दिशा में प्रशासन की नई पहल

BOL PANIPAT , 6 जुलाई। जिले में स्वयं सहायता समूहों एवं किसान उत्पादक संगठनों को उनके उत्पादों के लिए बेहतर विपणन मंच उपलब्ध कराने की दिशा में हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं नाबार्ड ने एक नई पहल की है। इसके तहत जिला सचिवालय के भूतल पर प्रत्येक माह दो बार विशेष बिक्री अभियान आयोजित किया जाएगा, जहां स्वयं सहायता समूह एवं किसान उत्पादक संगठन अपने उत्पादों का प्रदर्शन और सीधे ग्राहकों को बिक्री कर सकेंगे।

इस विशेष बिक्री अभियान का शुभारंभ उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन में मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं जिला मिशन निदेशक डॉ. किरण ने किया। उन्होंने कहा कि इस पहल से स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों द्वारा तैयार किए गए उत्कृष्ट उत्पादों को व्यापक पहचान मिलेगी। साथ ही उन्हें ग्राहकों से सीधे संवाद करने, उनकी पसंद-नापसंद समझने और अपने उत्पादों की गुणवत्ता एवं विपणन क्षमता को और बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा।

    उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि जिला प्रशासन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह विशेष बिक्री अभियान स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक मजबूती का प्रभावी माध्यम बनेगा तथा स्थानीय उत्पादों को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें स्वरोजगार की दिशा में और अधिक सशक्त बनाएंगे।

    हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक मुंतजऱि आलम ने बताया कि जिले में वर्तमान में 2,207 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनकी महिलाएं विभिन्न प्रकार के उत्पाद तैयार कर बाजारों एवं प्रदर्शनियों में बिक्री करती हैं। इस नई पहल से समूहों को नियमित विपणन मंच मिलेगा, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि पहले विशेष बिक्री अभियान में चार स्वयं सहायता समूहों ने भाग लिया, जिनमें आचार, जैविक हल्दी, गाय के गोबर से बनी धूपबत्ती एवं अगरबत्ती तथा कपड़े के बैग की स्टॉल लगाई गई। अभियान के पहले दिन लगभग 8 से 10 हजार रुपये के उत्पादों की बिक्री हुई।

    जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम), नाबार्ड ऋतु वर्मा ने जिला प्रशासन एवं हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का आभार व्यक्त करते हुए स्वयं सहायता समूहों से इस विशेष बिक्री अभियान में बढ़-चढक़र भाग लेने और अपने उत्पादों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण उद्यमिता को नई गति देने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को स्थायी बाजार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण साबित होगी।

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