शैक्षणिक संस्थानों की बसों को लेकर प्रशासन ने की सख्ती.
-सीएम फ्लाइंग और आरटीए की संयुक्त टीम ने 12 बसों पर की कार्रवाई। 7 बसों को इंपाउंड किया। 5 बसों का चालान किया गया.
BOL PANIPAT : पानीपत में प्राइवेट स्कूलों की बड़ी लापरवाही पर शुक्रवार को प्रशासन ने सख्ती करने की शुरुआत की है। सीएम फ्लाइंग और आरटीए की संयुक्त टीम ने कई शैक्षणिक संस्थानों की बसों को चेक किया। सड़कों पर चल रही स्कूल बसों को चेक करने के लिए टीमें भी सड़कों पर उतरी। यहां टीमों ने विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों की 11 बसों पर कार्रवाई की है। जिनमें से 7 बसों को इंपाउंड किया है। इसके अलावा 5 बसों का चालान किया गया है। साथ ही टीम ने इस अभियान को लगातार बड़े स्तर पर चलाने की भी रणनीति तैयार की है।

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल बसों के संचालन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किया हुआ है, लेकिन इन दिशा-निर्देशों का पालन स्कूल संचालकों द्वारा नहीं किया जाता। कई स्कूल प्रबंधन मारुति वेन,टाटा मैजिक व अन्य वाहन को बिना ट्रांसपोर्ट परमिट के स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने के कार्य में लेते हैं जोकि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश का उल्लंघन है।
आरटीए नीरज जिंदल का कहना है कि शुक्रवार को सुबह से लेकर दोपहर बाद तक चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान कुल 25 बसों को चेक किया गया 12 बसों पर कार्रवाई की गई है। ये बसें सुरक्षा मानकों पर भी खरी नहीं उतरी। चालकों को चेतावनी भी दी गई है।

इन शिक्षण संस्थानों की बसों पर हुई कार्रवाई
आर्य बाल भारती पब्लिक स्कूल की बस बिना टैक्स भरे, बिना फिटनेस सर्टिफिकेट और बिना प्रदूषण दस्तावेजों के पाई गई। जीवीएम इंटरनेशनल स्कूल बापौली की बस का ड्राइवर बिना ड्रेस के था। यहां तक की बस भी बिना नंबर प्लेट की थी। SDVM सिटी स्कूल की बस निर्धारित पीले-नीले रंग में नहीं थी।
आशादीप आदर्श हाई स्कूल की बस में कोई भी अटैंडड नहीं मिला। गीता सीनियर सेकेंडरी, चंदन बाल विकास पब्लिक स्कूल की बसों में ड्राइवर बिना वर्दी के थे। बस में कोई अटैंडेड भी नहीं था। बाल विकास स्कूल की बस बिना नंबर प्लेट के सड़क पर दौड़ रही थी। बाल विकास मॉर्डन हाई स्कूल, गीता इंजीनियरिंग कॉलेज और गीता इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ की बसें बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के चल रही थी।

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