दिव्यांग जनों को 4 प्रतिशत का आरक्षण का लाभ 1 जनवरी 1996 से ही दिया जाएगा : राजकुमार मक्कड़
BOL PANIPAT : 14 अप्रैल। राज्य आयुक्त दिव्यांग जनों राजकुमार मक्कड़ ने वीरवार को स्थानीय लोक निर्माण विश्राम गृह में पत्रकार वार्ता करते हुए कहा कि दिव्यांग जनों को 4 प्रतिशत का आरक्षण का लाभ 1 जनवरी 1996 से ही दिया जाएगा, जिसकी नोटिफिकेशन 25 मार्च 2022 को कर दिया गया है। सरकार ने दिव्यांग जनों के जीवन में सुख समृद्धि लाने के लिए यह कदम उठाया है।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में दिव्यांग जनों को नौकरियों में वंचित रखा गया। यही नहीं , जिन लोगों ने फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाएं हैं, उनकी जांच होगी। उन्होंने पानीपत में धरने पर बैठे दिव्यांग जनों से मौके पर जाकर ही उनसे मुलाकात कर उनकी समस्याओं को भी सुना और कहा कि दिव्यांग जनों से प्राप्त ज्ञापन पत्र के आधार पर 18 मांगों में से 6 मांगे पूरी हो चुकी हैं। चार मांगे प्रक्रिया में हैं, चार मांगों के विषय में सरकार ने निर्णय लेना है और चार मांगे व्यावहारिक ही नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि दिव्यांग जनों के हितों की सुरक्षा के लिए ही वे सदैव एक संरक्षक के तौर पर हमेशा रहेंगे और प्रदेश सरकार के समक्ष उनकी बातों को भी रखेंगें। उन्होंने कहा कि 92 विभाग 14 मैडिकल कालेज 12 यूनिवर्सिटी, 12 कारपोरेशन और 60 ऐसी वित्त पोषित अद्र्ध सरकारी संस्थान है, जिनमें दिव्यांगों को चार वर्गों में नौकरी दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि 30 अप्रैल तक जनगणना का कार्य करवा लिया जाएगा। ए और बी क्लास के पदों की भर्तियां एचपीएससी तथा सी और डी क्लास की एचएसएससी के द्वारा की जाएंगी। हरियाणा सरकार ने आयुष विभाग की नौकरियों में 10 वर्ष की छूट दी है।
हरियाणा सरकार दिव्यांगों को प्रथम चरण में 5 हजार तथा कुल मिलाकर 50 हजार वीटा बूथ देने का प्रावधान कर रही है ताकि उनके लिए रोजगार के नये अवसर पैदा किए जा सकें। ये वीटा बूथ सार्वजनिक स्थानों जैसे बस अड्डा, स्कूल, कालेज इत्यादि के आसपास खोले जाएंगे ताकि बच्चें वीटा द्वारा बनाए गए पदार्थों को खा सकें ताकि ये खादय पदार्थ उनके स्वास्थ्य के लिए अच्छे रहें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांग खिलाडिय़ों को भी मुख्य धारा में जोड़ रही है और ओलम्पिक खेलों में सामान्य खेलों की भांत्ति पुरस्कार दिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के 1 लाख 89 हजार 672 दिव्यांग जो 60 प्रतिशत से अधिक हैं, उनको 2500 रूपये मासिक पेंशन दी जा रही है और पानीपत में यह संख्या 8 हजार 9सौ है। खेल के मैदान में दिव्यांग खिलाडिय़ों के लिए अलग से कोर्नर बनाने और कोच की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं। जो दिव्यांग बच्चें स्कूल में नहीं आ सकते, उनका नाम भी स्कूल में लिखवाया जाना आवश्यक है और उन्हें 1950 रूपये मासिक पेंशन देने का प्रावधान भी है और पानीपत जिले में ऐसे 578 विद्यार्थी हैं। दिव्यांग जनों को कृत्रिम अंग उपलब्ध करवाने के लिए अब हर वर्ष जिला स्तर पर कैम्प आयोजित होंगे और इसके लिए जिला स्तर पर उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी भी गठित की गई है। पहले ये कैम्प तीन वर्ष में आयोजित होते थे। प्रदेश सरकार और एलमिको कम्पनी की ओर से यह पहल की गई है। इस मौके पर जिला समाज कल्याण अधिकारी रविन्द्र हुड्डा व इन्वेस्टिगेटर अनिता भी उपस्थित थी।

Comments