जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जिला जेल का किया औचक निरीक्षण, बंदियों की समस्याएं सुनीं, व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के दिए निर्देश
जेल में भोजन, अस्पताल और बैरकों की व्यवस्थाओं की गहन जांच, बंदियों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता
BOL PANIPAT , 28 जुलाई। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पंचकूला के निर्देशानुसार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की अध्यक्ष वाणी गोपाल शर्मा तथा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं डीएलएसए सचिव वर्षा शर्मा ने जिला जेल, पानीपत का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य जेल में बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं तथा कल्याणकारी व्यवस्थाओं का जायजा लेना और आवश्यक सुधार सुनिश्चित करना रहा।
निरीक्षण के दौरान दोनों न्यायिक अधिकारियों ने जेल की वार्ड संख्या-2 एवं वार्ड संख्या-3 का दौरा किया। उन्होंने बैरकों की स्थिति, साफ-सफाई, रखरखाव और अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और शिकायतें सुनीं तथा जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि बंदियों की वास्तविक समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए और उनके अधिकारों व कल्याण से जुड़ी सभी योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जाए।
इसके बाद अधिकारियों ने जेल की रसोई का निरीक्षण किया। उन्होंने बंदियों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, रसोई परिसर की स्वच्छता तथा भोजन तैयार करने और वितरण के दौरान अपनाए जा रहे स्वच्छता मानकों की जांच की। जेल प्रशासन को निर्देश दिए गए कि भोजन की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा प्रत्येक बंदी को पौष्टिक, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए।
निरीक्षण के दौरान जेल अस्पताल का भी गहन निरीक्षण किया गया। अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई तथा चिकित्सा अभिलेखों के रखरखाव की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि बंदियों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाए, आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त भंडार रखा जाए तथा स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा ने कहा कि जेलों में बंदियों के साथ मानवीय व्यवहार, स्वच्छ वातावरण, गुणवत्तापूर्ण भोजन और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण समय-समय पर ऐसे निरीक्षण करता रहेगा ताकि बंदियों के अधिकारों की रक्षा हो सके और जेलों में सभी कल्याणकारी एवं कानूनी प्रावधानों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान जेल प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए ताकि जिला जेल की व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा बंदी हितैषी बनाया जा सके।

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