एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में आयोजित पांच दिवसीय जिला स्तरीय यूथ रेड क्रॉस प्रशिक्षण शिविर का सारगर्भित समापन
पढाई के साथ यदि लोगों के साथ भी समन्वय बनाया तो जीवन सहज बनेगा :संजय धत्रेवाल, जॉइंट-कमिशनर नगर निगम पानीपत
अंगदान से महान और पुनीत कार्य कोई नहीं है: डॉ एसएन गुप्ता
सभी वाईआरसी कार्यकर्ताओं को दिलाई गयी वाईआरसी के पदचिन्हों पर चलने की की शपथ
BOL PANIPAT , 27 फरवरी. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में आयोजित पांच दिवसीय जिला स्तरीय यूथ रेड क्रॉस प्रशिक्षण शिविर का सारगर्भित समापन हो गया जिसके अंतिम दिन की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ हुई जिसे मुख्य अतिथि संजय धत्रेवाल जॉइंट-कमिशनर नगर निगम पानीपत ने फहराया और वाईआरसी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर उनका मार्गदर्शन किया । माननीय मुख्य अतिथि का स्वागत प्रधान दिनेश गोयल, जनरल सेक्रेटरी महेंद्र अग्रवाल और प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने पौधा-रोपित गमलें भेंट करके किया । उनके साथ रेडक्रॉस से रमेश डीटीओ पानीपत, कला देवी और फर्स्ट-ऐड ट्रेनर सोनिया शर्मा भी उपस्थित रही । तत्पश्चात विशिष्ट मेहमान डॉ एसएन गुप्ता वरिष्ठ शल्य चिकित्सक, गौरव राम करण सचिव जिला रेडक्रॉस सोसाइटी पानीपत और प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने अपने-अपने ज्ञान और अनुभव को कार्यकर्ताओं और काउंसलरस के साथ साझा किया । हरमेश चंद कैंप निदशक ने पांच दिन चले कार्यक्रमों की उपयोगिता की समीक्षा की और सभी वाईआरसी कार्यकर्ताओं को कैंप में प्राप्त ज्ञान को समाज तक पहुंचाने की अपील की । अंतिम दिन अंगदान, रेडक्रॉस शपथ, नृत्य प्रतियोगिता और पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया जिसके बाद संजय धत्रेवाल जॉइंट-कमिशनर नगर निगम पानीपत ने हिस्सा लेकर शील्ड और सर्टिफिकेट्स कार्यकर्ताओं को वितरित किये ।
संजय धत्रेवाल जॉइंट-कमिशनर नगर निगम पानीपत ने कहा कि युवा वर्ग देश का भविष्य होने के साथ-साथ हमारे देश के विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है । युवाओं को चाहिए कि वे पढ़ाई के साथ-साथ दूसरे लोगों के साथ भी समन्वय और तालमेल बनाए । इससे उनका जियां अत्यंत सहज बनेगा । युवाओं को स्वछंदता के साथ जिम्मेदारियां भी संभालनी चाहिए । भारत में युवाओं की संख्या अन्य देशों से अधिक । सरकार का पूरा ध्यान युवाओं के माध्यम से विकास लाने पर केन्द्रित है । इसलिए युवाओं को भी चाहिए कि वे देश के विकास में अपना सक्रिय योगदान करें और केवल मात्र देश का एक हिस्सा बनकर न रहे ।
गौरव राम करण ने वाईआरसी कार्यकर्ताओं का हौंसला बढ़ाते हुए कहा कि रेड क्रॉस के तहत छात्र-छात्राएं बहुत अच्छे और पुनीत कार्य कर रहे हैं । युवा अवस्था में अच्छे कार्य करने की क्षमता और भी ज्यादा होती है । कॉलेज के सभी वाईआरसी स्वयंसेवी युवा भारतीय हैं और वे समाज के सबसे गतिशील वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं । उन्हें खुद पर फक्र होना चाहिए ।
डॉ एसएन गुप्ता ने कहा कि हम सभी मरने के बाद भी किसी इंसान को नया जीवन दे सकते हैं और उनके चेहरे पर फिर से मुस्कान ला सकते हैं । हम फिर से किसी को यह दुनिया दिखा सकते हैं । अंगदान करने से हम में एक महान शक्ति पैदा होती है और यह अदभुत होती है । इस तरह की उदारता मन की महानता की ध्योतक है जो न केवल हमको बल्कि दूसरे को भी खुशी देती है । भारत में हर वर्ष लगभग 5 लाख लोग अंग प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा करते हैं । प्रत्यारोपण की संख्या और अंग उपलब्ध होने की संख्या के बीच आज भी एक बड़ा फासला है । अंगदान ऐसी प्रक्रिया है जिसमें अंगदाता अंग ग्राही को अंगदान करता है । दाता जीवित या मृत दोनों हो सकते है । दान किए जा सकने वाले अंग गुर्दे, फेफड़े, दिल, आंख, यकृत, पैनक्रियस, कॉर्निया, छोटी आंत, त्वचा के ऊतक, हड्डी के ऊतक, हृदय वाल्व और नसे हैं । इस तरह देखा जाए तो एक व्यक्ति कई व्यक्तियों की जान बचा सकता है । अंगदान जीवन के लिए अमूल्य उपहार है और अंगदान उन व्यक्तियों को किया जाता है जिनकी बीमारियाँ अंतिम अवस्था में होती हैं तथा जिन्हें अंग प्रत्यारोपण की शीघ्र आवश्यकता होती है । भारत में दो लाख व्यक्ति लीवर की बीमारी और पचास हजार व्यक्ति हृदय की बीमारी के कारण मृत्यु को प्राप्त हो जाते हैं । इसके अलावा लगभग एक लाख पचास हजार व्यक्ति गुर्दा प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा करते हैं जिनमें से केवल पांच हजार व्यक्तियों को ही गुर्दा प्रत्यारोपण का लाभ प्राप्त होता है । अंगदान की बड़ी संख्या में जरूरत होते हुए भी भारत में हर दस लाख में सिर्फ 0.08 डोनर ही अपना अंगदान करते हैं । भारत के मुकाबले अमेरिका, इंग्लैंड, जर्मनी में 10 लाख में 30 डोनर और सिंगापुर, स्पेन में हर 10 लाख में 40 डोनर अंगदान करते हैं । इस मामले में दुनिया के कई देशों के मुकाबले भारत काफी पीछे है और इसकी बड़ी वजह जागरूकता का न होना है । लाखों व्यक्ति अपने शरीर के किसी अंग के खराब हो जाने पर उसकी जगह किसी के दान किये अंग का इन्तेजार करते रह जाते हैं । ऐसे व्यक्ति अभी भी जीना चाहते हैं लेकिन उनके शरीर का कोई अंग अवरूद्ध हो जाने से उनकी जिन्दगी खतरे में आ जाती है । अंग प्रतिरोपित व्यक्ति के जीवन में अंगदान करने वाला व्यक्ति एक ईश्वर की भूमिका निभाता है । अपने अच्छे क्रियाशील अंगों को दान करने के द्वारा कोई अंगदाता 8 से ज्यादा लोगों के जीवन को बचा सकता है । उन्होनें हर एनएसएस कार्यकर्ताओ को कहा कि वे अपने जीवन में आगे बढ़े और अपने बहुमूल्य अंगों को दान देने का संकल्प भी लें ।

इस अवसर पर विभिन्न कालेजों से आये काउंसलरस डॉ जोगेश बांगड़ आईबी कॉलेज, प्रो सुमन वर्मा, जीडीआर कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन, प्रो मंजली वैश गर्ल्ज कॉलेज समालखा, डॉ शिवाली देवगन एनसी कॉलेज ऑफ़ मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल इसराना, प्रो खुशबू वर्मा आर्य कॉलेज पानीपत, डॉ किरण देवी चौधरी देवी लाल गर्ल्ज कॉलेज सिवाह, डॉ पूजा रानी राजकीय गर्ल्ज कॉलेज मतलौडा, प्रो अभिषेक मोगा राजकीय महाविधालय बापौली, प्रो सिद्धार्थ पाईट समालखा और 120 वाईआरसी कार्यकर्ताओं ने कैंप में शिरकत की ।
कैंप में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताएं के परिणाम इस प्रकार रहे-
गायन प्रतियोगिता-
प्रथम प्रियंका वैश गर्ल्स कॉलेज समालखा
द्वितीय हरप्रीत एपीट एसडी इंडिया पानीपत
तृतीय कोमल राजकीय महाविधालय बापौली
भाषण प्रतियोगिता-
प्रथम ट्विंकल वैश गर्ल्स कॉलेज समालखा
द्वितीय तन्नु राजकीय महिला महाविधालय मतलौडा
तृतीय पुनीत आर्य कॉलेज पानीपत
ग्रुप डांस प्रतियोगिता-
प्रथम तन्नु, अर्चिता राजकीय महिला महाविधालय मतलौडा
द्वितीय तन्नु, प्रिया, अंजली राजकीय महाविधालय इसराना
तृतीय सलोनी, वंशिका पाईट कॉलेज समालखा
एकल नृत्य प्रतियोगिता-
प्रथम अन्नू आईबी कॉलेज पानीपत
द्वितीय तन्नु राजकीय महिला महाविधालय इसराना
तृतीय अर्चिता राजकीय महिला महाविधालय मतलौडा
सर्वश्रेष्ठ पुरुष काउंसलर डॉ राकेश गर्ग, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत
सर्वश्रेष्ठ महिला काउंसलर प्रो सुमन वर्मा, जीडीआर कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन
प्रो किरण देवी, देवी लाल गर्ल्स कॉलेज सिवाह
सर्वश्रेष्ठ पुरुष कार्यकर्ता सरबजीत, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत
सर्वश्रेष्ठ महिला कार्यकर्ता प्रीती, आईबी कॉलेज पानीपत

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