पदों मे कटौती करने व कार्यरत कर्मचारियो के वेतन रोकने के विरोध मे प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मी पुन आन्दोलन करेगे
BOL PANIPAT : 30 जून स्वास्थ्य कर्मचारियो के पदो मे कटौती करने व कार्यरत कर्मचारियो के वेतन रोकने के विरोध मे प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मी पुन आन्दोलन करेगे । आन्दोलन के प्रथम चरण मे 15 जुलाई तक तक राज्य के सभी विधायको व सासंदो को ज्ञापन देकर समाप्त पदों को बहाल रखने की मांग की जायेगी। इसके उपरान्त एक प्रतिनिधि मण्डल प्रदेश स्वास्थ्य मन्त्री अनिल विज को पूरे मामले से अवगत करवाकर नये नोरम के नाम पर समाप्त पदो को बहाल रखने की मांग करेगा। यह जानकारी आज यहा जारी एक सयुक्त प्रैस विज्ञप्ति मे स्वास्थ्य सुपरवाईजर संघ के प्रदेशाध्यक्ष राममेहर वर्मा , महासचिव सतपाल खासा, उप प्रधान सुमित्रा ने बताया कि यदि फिर भी पद बहाल नही किये गये तो अगस्त के दूसरे सप्ताह मे प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मी महानिदेशक कार्यालय पर भूख हडताल करेगे।
भूख हडताल की घोषना आगामी 17 जुलाई को संघ की राज्य कार्यकारिणी की बैठक मे की जायेगी। कर्मचारी नेताओ ने बताया कि अतिरिक्त महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाये हरियाणा डा0 वी0के0 बंसल की अध्यक्षता मे निदेशक स्तर के अधिकारियो की गठित कमेटी व स्वास्थ्य सुपरवाईजर संघ के बीच गत 6 दिसम्बर को हुए लिखित समझौते तथा 20 अप्रैल 2022 को स्वय महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाये हरियाणा डा0 वीणा सिंह द्वारा दिये गये भरोसे के विपरित स्वास्थ्य कर्मचारियो के पदो मे कटौती की प्रक्रिया जारी रखने से प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मियो मे भारी रोष है। उन्होने ने बताया कि देश की जनता एक तरफ तो कोरोना की मार से भी उभर नही पाई थी कि स्वास्थ्य विभाग की प्लानिग शाखा द्वारा समझौते की भावना के विरूद्व जाकर गत 22 जून 2022 को पुन पत्र जारी कर नये नोरम लागू करने के आदेश दिये है।
उक्त आदेशो से राज्य के नागरिक हस्पतालो व पी0पी0 सैन्टर, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा अर्बन मलेरिया स्कीम सहित कार्यालयो मे पहले से स्वीकृत एम0पी.एच.डब्लू. काडर व उनके पदोन्नत पदो को एच.आर.एम. पोर्टल पर समाप्त दिखाकर ,कार्यरत कर्मचारियो के वेतन रोकने का कार्य किया जा रहा है। उन्होने बताया कि दिन रात कार्य करने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की प्लानिग शाखा के इस जन व कर्मचारी विरोधी निर्णय के विरोध मे स्वास्थ्य कर्मचारियो मे भारी रोष है।
संघ के वित सचिव रणधीर चहल , प्रचार सचिव राकेश सिवाच व उपप्रधान सन्तोष देवी ने हैरानी प्रकट करते हुए बताया कि एक तरफ तो स्वय प्रद्रेश के मुख्यमन्त्री व स्वास्थ्य मन्त्री स्वास्थ्य अमले को मजबूत करने के लिए सुझाव मांग रहे है, वही पर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की प्लानिग शाखा के अधिकारी सरकार से उपर होकर ऐसे निर्णय ले रहे है जिससे सरकार की छवि धुमिल होकर प्रदेश की जनता मे आक्रोश पैदा हो। गौरतलब है कि कोरोना महामारी के बीच स्वास्थ्य विभाग की योजना शाखा द्वारा राज्य के सभी 22 जिला स्तरीय शहरो व ग्रामीण आंचल मे स्थित स्वास्थ्य केन्द्रो मे पहले से स्वीकृत 333 एम.पी.एच.डबलू. , 181 स्वास्थ्य सुपरवाईजर के पद, 44 एस.एम.आई. के पद , 26 ए.यू.ओ. व 14 ए.एम.ओ. के पदो सहित 1500 पदो को समाप्त करने का जनविरोधी व तुगलकी फरमान जारी कर दिया था।
विभाग की योजना शाखा के उक्त निर्णय के विरोध मे स्वास्थ्य सुपरवाईजर संघ ने आन्दोलन करने का ऐलान करते हुए 9 दिसम्बर को स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक के पंचकूला कार्यालय के सम्मुख भूख हडलाल करने का ऐलान किया था, जिसके उपरान्त गत 6 दिसम्बर 2021 को विभाग के महानिदेशक डा0 वी0के0 बसंल की अध्यक्षता मे गठित निदेशक स्तर के अधिकारियो की कमेटी व स्वास्थ्य सुपरवाईजर संघ के बीच एक लिखित समझौता हुआ जिसमे समाप्त पदो को पुन बहाल करने के लिए सरकार को सिफारिश सहित करने, राज्य मे नोरम के अनुसार नये पद स्वीकृत करने , एम.पी.एच.डब्लू. के ए.सी.पी. स्केल को दुरस्त करने, पदोन्नत पद स्वास्थ्य सुपरवाईजर को एफ.पी.एल 7, एस.एम.आई0. को एफ पी.एल. 8, ए.यू.ओ. को एफ पी एल 9 तथा ए.एम.ओ. को एफ पी.एल 10 का संशेांधित वेतनमान देने पर सहमति हुई। इसके अलावा बैठक मे अधिकारियो ने यह भी आश्वासन दिया था कि राज्य के उन सभी 312 उप स्वास्थ्य केन्द्रो पर एम.पी.एच.डब्लू के पद स्वीकृत किये जायेगे जिन पर किसी कारणवंश अभी तक पद स्वीकृत नही हुए है।
इसी प्रकार रज्य की जिन जिन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रो पर महिला एव पुरूष स्वास्थ्य सुपरवाईजर के पद स्वीकृत नही है उन पर भी पद स्वीकृत करवाये जायेगे। बैठक के यह भी निर्णय हुआ कि पद बहाल होते ही पदोन्नति भी कर दी जायेगी और महिला कर्मचारियो को राजस्थान सरकार की भांति पदोन्नति के ज्यादा अवसर प्रदान करने का आश्वासन भी दिया गया था। कर्मचारी नेताओ ने बताया कि अतिरिक्त महानिदेशक की अध्यक्षता मे गठित कमेटी के लिखित आश्वासन तथा महानिदेशक डा0 वीणा सिंह के द्वारा जताये भरोसे को देखते हुए स्वास्थ्य सुपरवाईजर संघ ने 9 दिसम्बर को के प्रस्तावित अनशन को स्थगित कर दिया था।
कर्मचारी नेताओ ने बताया कि एक तरफ ओमीक्रान के कारण कोरोना की तीसरी लहर के सम्भावित खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य कर्मचारी जी जान से लोगो को इस वैश्विक महामारी से बचाने मे लगे रहे और दूसरी तरफ तरफ वाताकूलिन कमरो मे बैठकर कार्य करने वाले योजना शाखा के अधिकारी कर्मचारियो का वेतन रोकने का कार्य कर रहे है।

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