नन्ही परियो ने क्लास शो के माध्यम से दिया एक भारत श्रेष्ठ भारत का संदेश।
BOL PANIPAT : आर्य गर्ल्स पब्लिक स्कूल में कक्षा तीसरी से पांचवी कक्षा की छात्राओ ने क्लास शो में रंगारंग प्रस्तुति दी (सिंफनी दा इंडियन कल्चर) इस क्लास शो की मुख्य कथा वस्तु थी! हवन से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ तत्पश्चात सभागार में आचार्य संजीव वेदालंकार ने वीर हकीकत राय के जीवन से सभी को प्रेरित किया। दीप प्रज्ज्वलन से इस रंगारंग कार्यक्रम का आगाज हुआ! योग की शानदार प्रस्तुति ने सभी को रोमांचित कर दिया! स्वस्थ शारीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है! फूलों के गुलदस्तो से प्रबंधक समिति के सदस्यों का स्वागत किया गया! सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रथम प्रस्तुति सरस्वती वंदना ने सभागार को तालियो कि गडगडाहट से गुंजायमान कर दिया।
नव्या ,जीविका ,कनक आदि के समूह नृत्य ने हरियाणा की सैर कराई। आद्या, निशिका, इशरा का राजस्थानी डांस सभी को राजस्थान की सैर पर ले गया। गुजरात की थीम पर आधारित पर नृत्य ने सभी का मन मोह लिया।

वर्ष भर चली गतिविधियों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्रबंधन समिति के द्वारा पुरस्कृत किया गया। पानीपत शहर के विभिन्न स्कूलों से आए हुए प्रधानाध्यापकों को भी मोमेंटो और शॉल देखकर आज के इस कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।कार्यक्रम की सराहना करते हुए वरिष्ठ सदस्य वीरेंदर सिंगला ने कहा कि बच्चे ही हमारे आने वाले कल का स्वर्णिम भविष्य है! कन्याओ की तो आज के समय में महती भूमिका है इसलिए बचपन से ही उनमे नेतृत्व के गुणों का विकास होना अत्यंत आवश्यक है! जूनियर विंग प्रभारी रीतू गोयल ने आये हुए सभी सम्मानीय सदस्यों और अभिभावकों का धन्यवाद् किया! बाल्यावस्था जीवन का सुन्दर मस्ती से परिपूर्ण काल होता है जिसमे बच्चा खेल खेल में बड़े से बड़ा कार्य सुगमता से कर लेता है क्योकि उनमे सीखने की क्षमता बड़ो से अधिक होती है आज के कार्यक्रम में बच्चो का जोश उत्साह देखकर यह बात पूर्णतया सत्य सिद्ध होती है!
इस अवसर पर विद्यालय की कार्यकारणी समिति से वरिष्ठ सदस्य वीरेंद्र सिंगला , चेयरमैन सुरेन्द्र सिंगला , वाईस चेयरमैन, सी.ए. कमल किशोर सिंगला , प्रबंधक महोदय अरुण आर्य केशियर नरेश गर्ग , आर्य समाज बड़ा बाजार के प्रधान अजय गर्ग ,प्रधानाचार्या मीनाक्षी अरोड़ा उप प्रधानाचार्या अनुभा गुप्ता तथा विद्यालय का स्टाफ बच्चो को उत्साहित करने के लिए सभागार में उपस्थित रहा!

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