ऑनलाइन ठगी करने मामले में गिरोह के दूसरे आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लाई पुलिस टीम.
-टास्क जॉइन करवा अच्छे मुनाफे का लालच देकर बिशन स्वरूप कॉलोनी निवासी युवक से ऑनलाइन 13 लाख 63 हजार 500 रूपए की ठगी की थी
BOL PANIPAT : 12 दिसम्बर 2024, पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह आईपीएस के मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए थाना साइबर क्राइम पुलिस की टीम बिशन स्वरूप कॉलोनी निवासी युवक से ऑनलाइन 13 लाख 63 हजार 500 रूपए की ठगी करने मामले में गिरोह के दूसरे आरोपी को बुधवार को करनाल जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई। आरोपी की पहचान हर्ष रजावत उर्फ हैपी निवासी जौधपुर राजस्थान के रूप में हुई। आरोपी ठगी के अन्य मामले में करनाल जेल में बंद था।
पूछताछ में आरोपी ने मामले में पहले गिरफ्तार हो चुके अपने साथी आरोपी नवरत्न निवासी जौधपुर राजस्थान व फरार अन्य कई साथी आरोपियों के साथ मिलकर ठगी की उक्त वारदात को अंजाम देने बारे स्वीकारा।
थाना साइबर क्राइम प्रभारी सब इंस्पेक्टर अजय ने बताया कि गहनता से पूछताछ करने व ठगी गई राशि बरामद करने के लिए पुलिस ने बुधवार को आरोपी हर्ष रजावत को माननीय न्यायालय में पेश कर 5 दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया।
प्रभारी सब इंस्पेक्टर अजय ने बताया कि उनकी टीम ने उक्त मामले में अगस्त महीने में आरोपी नवरत्न निवासी जौधपुर राजस्था को जौधपुर से गिरफ्तार किया था। ठगी गई राशि में से कुछ राशि आरोपी नवरत्न के खाते में गई थी। पूछताछ में आरोपी नवरत्न ने अपना बैंक खाता साथी आरोपी हर्ष रजावत को 12 हजार रूपये में बेचने बारे स्वीकारा था। पुलिस ने आरोपी नवरत्न को माननीय न्यायालय में पेश कर जहा से उसे न्यायिक हिरासत जेल भेजने के बाद आरोपी हर्ष रजावत की धरपकड़ के प्रयास शुरू कर दिए थे।
यह है मामला
थाना साइबर क्राइम में योगेंद्र पुत्र अजमेर निवासी बिशन स्वरूप कॉलोनी ने पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि 7 अप्रैल 2024 को उसके मोबाइल के वॉटसअप पर एक मैसेज आया। इस मैसेज में मुझे किसी भी होटल, रेस्टोरेंट पर रेटिंग देने बारे कहा गया। उन्होंने गूगल पर लिंक भेजकर टेलीग्राम पर जॉइन करवा कर टास्ट जॉइन करने को बोला और अच्छे मुनाफे का लालच दिया।
उसने अपने खाते से 13 लाख 63 हजार 500 रूपए बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिए। वह उनके द्वारा कही गई सभी बातों को मानता रहा। उन्होंने कॉइन्स नेट एप पर उसका अकाउंट बना दिया। उसके द्वारा भेजा गया सारा पैसा उक्त अकाउंट में कॉइन्स के रूप में शो करने लगा। जब उसने रूपये अपने खाते में ट्रांसफर करने की कोशिश की तो उन्होंने फंड विड्राल के ऑप्सन को फ्रीज कर दिया। वह अपना पैसा निकाल नही पाया। आरोपियों ने ऑनलाइन धोखाधड़ी कर उससे 13लाख 63 हजार 500 रूपए की ठगी कर ली। थाना साइबर क्रामइ में योगेंद्र की शिकायत पर अभियोग दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच व आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास शुरू कर दिए थे।

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