एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के एमएससी गणित के होनहार छात्र ने कुरुक्षेत्र विश्वविधालय की मेरिट लिस्ट में किया आठवें स्थान पर कब्ज़ा
गणित के साथ अर्थशास्त्र, इकोमेट्रिक्स, ऐप्लाइड इकोनॉमिक्स जैसे विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन करके हम अपना भविष्य संवार सकते है: डॉ अनुपम अरोड़ा
BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के होनहार एवं प्रतिभाशाली छात्र रविन्द्र ने कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र की एमएससी गणित(मैथमेटिक्स-प्रथमसेमेस्टर) की परीक्षा में शानदार परिणामप्राप्त कर कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्रकीमेरिट लिस्ट मेंसातवेंस्थान पर कब्ज़ा किया औरएसडी पीजी कॉलेज का नाम प्रदेश में रोशन किया. रविन्द्र ने 600 में से 379 अंक प्राप्त कर आठवें स्थान पर कब्ज़ा किया.विश्वविधालय द्वारा परीक्षा परिणाम घोषित करने के बाद यह जानकारी कॉलेज प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने दी.एसडी पीजी कॉलेज प्रधान पवन गोयल नेहोनहारछात्रपरगर्व करते हुए उसकीमेहनत की जमकर तारीफ़ की.गणितविभाग से डॉ मुकेश पुनिया, प्रो संजय चोपड़ा, प्रो रजनी, प्रो सुमन चौहान, प्रो दिव्या सेठी, प्रो मनीष औरप्रो ट्विंकल ने रविन्द्र के प्रयासों की जमकर तारीफ़ की और उसके भविष्य को उज्जवल औरसुनहरा बताया. विदित रहे कि एसडी पीजी कॉलेज में एमएससी गणित विषय कई वर्षों से सफलता से जारी है जिससे जिले और आस-पास के राज्यों के विद्यार्थियों को अत्यधिक फायदा हुआ है.
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा किगणित विषय शुरुआत में भले ही कठिन लगता होलेकिन इसमें एक बार पकड़ बना लेने के बाद इसमेंकरियर के शानदार अवसर मिलते हैं. गणित में महारथ हासिल करने वाले लोगों को कई क्षेत्रोंमें भविष्यबनाने का मौका मिलता है.रविन्द्रनेमेहनत औरलगन के बल पर यूनिवर्सिटी कीमेरिट लिस्ट में स्थान पाकर कॉलेज का मान बढ़ाया है.यूनिवर्सिटी की मेरिट लिस्ट में स्थान बनाना आसान बात नहीं होती है. यह एक दुर्लभ उपलब्धि है जिसने कॉलेज इतिहास में नई इबारत लिखी है. उन्होनेंगणितविभाग के सभी प्राध्यापकों और एसडी पीजी कॉलेज प्रबंधकारिणी की ह्रदय से तारीफ़करते हुए कहा कि यह सभी के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है. गणित में पारंगत व्यक्ति इकोनॉमिस्ट बनकर आर्थिक रुझानों का रिसर्च करके उसका मूल्यांकन कर सकता है. इकोनॉमिस्ट बनने के लिए गणित विषय का ज्ञान बेहद जरूरी होता है. गणित के साथ अर्थशास्त्र, इनोमेट्रिक्स, एप्लाइड इकोनॉमिक्स जैसे विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन करके हम अपना भविष्य बना सकते है. इसी प्रकार सॉफ्टवेर इंजीनियरिंग की नींव भी गणित विषय पर टिकी है. सॉफ्टवेयर इंजीनियर सॉफ्टवेयर डिजाइन एवं उसका निर्माण करता है और इसके लिए उसे कंप्यूटर साइंस के साथ मैथ्स की थ्योरी और उनके सिद्धांतों की जरूरत पड़ती है. करियर के हिसाब से यह क्षेत्र भी काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसमें भी नौकरी की अपार संभावनाएं मौजूद हैं.
एसडी पीजी कॉलेज प्रबंधकारिणी के प्रधान पवन गोयल ने अपने सन्देश में कहा किगणित में अच्छी पकड़ रखने वाले व्यक्तियों के लिए बैंकिंग सेक्टर में रोज़गार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं. यहां पर बैंक मैनेजर से लेकर एकाउंटेंट, कैशियर, सेल्स एग्जीक्यूटिव, रिकवरी ऑफिसर जैसे पदों को हासिल किया जा सकता है. इसी प्रकार मैथमेटिशियनकाकार्यउन लोगों के लिए है जो गणित में पूरी तरह से माहिर हैं. इसमें गणित के बुनियादी क्षेत्र का अध्ययन या रिसर्च संबंधी कार्य करना पड़ता है. इसी तरह से कम्प्यूटर सिस्टम एनालिस्ट बनने के लिए भी गणित का ज्ञान जरूरी होता है. इनका कार्य आईटी टूल्स का उपयोग कर किसी भी एंटरप्राइजेज को अपना लक्ष्य पूरा करने में मदद करना होता है. ज्यादातर सिस्टम एनालिस्ट अपना काम सॉफ्टवेयर की मदद से करते हैं और इसे पूरी तरह समझने के लिए गणित विषय में पकड़ जरूरी है. उन्होंने रविन्द्र को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी.
रविन्द्र ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता और प्राध्यापकों को दिया. उन्होनें कहा कि वे भविष्य में इसी विषय में शोध करना चाहते है.रविन्द्र ने विश्वास दिलाया के वे इसी तरह मेहनत और लगन के साथ अपने लक्ष्य की तरफ बढते रहेंगे और आगे भी अपने माता-पिता, कॉलेज प्रबंधकारिणी, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा और अपने प्राध्यापकों को गौरवान्वित करेंगे. इस अवसर पर कॉलेज स्टाफ सदस्यों ने रविंद्र को बधाई दी और उन्हें मिष्ठान खिलाया.

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