एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में कुरुक्षेत्र विश्वविधालय सात दिवसीय विशेष राष्ट्रीय सेवा योजना कैंप-2026 का शानदार आगाज
–स्वयंसेवकों को सृजनात्मक और रचनात्मक सामाजिक कार्यों में प्रवृत्त करना एनएसएस का मूल इद्देश्य: हरपाल ढांडा
BOL PANIPAT , 14 मार्च. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में कुरुक्षेत्र विश्वविधालय सात दिवसीय विशेष एनएसएस कैंप-2026 का शानदार आगाज हुआ जिसका उद्घाटन मुख्य अतिथि हरपाल ढांडा विख्यात उद्यमी एवं समाजसेवी ने किया । मुख्य अतिथि का स्वागत प्रधान दिनेश गोयल, उप-प्रधान राजीव गर्ग, महासचिव महेंद्र अग्रवाल, कोषाध्यक्ष विशाल गोयल और प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने किया । कैंप सेक्रेटरी डॉ राकेश गर्ग और डॉ संतोष कुमारी ने कार्यक्रम में अपना योगदान दिया । विदित रहे कि 14 से 20 मार्च तक चलने वाले इस कैंप में कॉलेज के 100 स्वयंसेवक हिस्सा ले रहे है । सभी स्वयंसेवकों के भोजन की पूर्ण व्यवस्था कॉलेज में की गई है । मंच संचालन डॉ संतोष कुमारी ने किया ।
कैंप के पहले दिन की शुरुआत प्रात: योग और ध्यान शिविर से हुई जिसमें सभी स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया । तत्पश्चात सुबह के नाश्ते के उपरान्त स्वयंसेवकों ने उदघाटन सत्र में भाग लिया । इसके बाद मुख्य अतिथि ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के भाव को सभी में जागृत किया । दोपहर के सत्र में स्वयंसेवकों ने कॉलेज और इसके आस-पास के इलाके की साफ़-सफाई की । डॉ राकेश गर्ग और डॉ संतोष कुमारी ने स्वयंसेवकों को उनके एनएसएस के प्रति कर्तव्य, उत्तरदायित्व और कार्य आबंटित किये और उनका मार्गदर्शन किया । विदित रहे कि कैंप को एनएसएस सेल कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र का संरक्षण तथा राज्य एनएसएस सेल उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा सरकार का मार्गदर्शन हासिल है । कैंप-2026 का थीम ‘युवाओं के लिए मेरा भारत और डिजिटल साक्षरता’ है ।
डॉ अनुपम अरोड़ा नें कहा कि इस प्रकार के कैंपो से छात्र-छात्राओं के आत्मविश्वास में तो वृद्धि होती ही है साथ ही उनके मन में देश और समाज को समझने और बदलने का जज्बा भी पैदा होता है । वे सृजनात्मक और रचनात्मक सामाजिक कार्यों में खुद को प्रवृत्त कर सके, स्वयं तथा समुदाय के ज्ञान में वृद्धि कर सके, समस्याओं को हल करने में स्वयं की प्रतिभा का व्यावहारिक उपयोग कर सके, यही इस कैंप का मूल उद्देश्य है।
डॉ राकेश गर्ग प्रोग्राम ऑफिसर ने कहा कि इस कैंप में स्वयंसेवक वित्तीय, जल संरक्षण, प्रदूषण और पर्यावरण संतुलन, स्वच्छता, लैंगिक समानता, साक्षरता, परिवार कल्याण और पोषण, महिलाओं की स्थिति एवं इसके सुधार के उपाय, आपदा राहत तथा पुनर्वास, समाज में व्याप्त बुराईयाँ, डिजिटल भारत, कौशल भारत, योग आदि जैसे विषयों पर व्यावहारिक ज्ञान एवं प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे और अपने प्रयासों से भविष्य में राष्ट्र के निर्माण में अपना स्थान और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करेंगे ।

Comments