Wednesday, June 10, 2026
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महिला को पति सहित बेटों द्वारा तीसरी मंजिल पर कैद करने वाले बेटों ने मांगी माफ़ी.

By LALIT SHARMA , in Uncategorized , at July 7, 2022 Tags: , , , ,

महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी ने महिला के आग्रह पर उन्हे चेतावनी देकर छोड़ा 

BOL PANIPAT , सनौली (प्रीति शर्मा ):  सनौली खुर्द गावं में एक 62 वर्षीय महिला को पति सहित बेटों द्वारा तीसरी मंजिल पर कैद किए जाने के बाद भी वीरवार को महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी राजनी गुप्ता के सामने माफी मांगने पर महिला ने बच्चों पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही करवाने से मना कर दिया और कहा कि उसके बेटों ने गलती मान ली है ये उसके लिए खुशी की बात है कि उसके बच्चों को अपनी गलती का अहसास हो गया है। जिला महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी के सामने महिला के बेटों ने कहा कि वो आगे ऐसी गलती नही करेगें और अपनी मां की हर प्रकार से सेवा करेगें। इस पर महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी ने महिला के आग्रह पर उन्हे चेतावनी देकर छोड दिया और कहा कि वो समय-समय पर जांच भी करेगीे अगर दोबारा इस प्रकार की शिकायत आई तो उनके खिलाफ ठोस कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। जिला महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि वीरवार को सनौली खुर्द गावं में एक 62 वर्षीय को उसके बेटे कार्यालय में लेकर आए थें। उन्होने पूछताछ की तो इस दौरान महिला के बेटों ने अपनी मां से गलती मांगी और भविष्य में हर प्रकार से मां की सेवा का आश्वासन दिया इस पर मां ने बेटो को माफ करते हुए किसी भी प्रकार की कार्यवाही से मना कर दिया।

गौरतलब है कि पानीपत सनौली खुर्द गांव से 62 साल की बुजुर्ग को बंधक बनाने का मामला सामने आया है। महिला को बहुत ही दयनीय हालत में पिछले डेढ़ साल से तीसरी मंजिल पर सीढिय़ों के ऊपर रखा जा रहा था।  महिला ने कहा था कि घर से बाहर परिजन किसी शादी या कार्यक्रम में जाते तो उसे अंदर बंद करके चले जाते थे। कुछ कहे तो पति मारपीट करता है, बेटे व बहुएं छुड़ाती भी नहीं है। महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि पिछले डेढ़ साल से एक बुजुर्ग महिला को घर की तीसरी मंजिल की छत पर रखा जाता था। बुधवार को मौके पर पहुंचकर देखा तो सूचना सही मिली। महिला तीसरी मंजिल पर दयनीय स्थिति पर मिली है। उसके पास चारपाई भी नहीं थी। नीचे ही जमीन पर सोती थी।

बुजुर्ग महिला ने बताया कि मेरे 3 बेटे हैं। पहले बेटा चाट का काम करता है। उसके दो बच्चे हैं। दूसरा बेटा दिव्यांग है और जलेबी का काम करता है। तीसरा बेटा टायर-पंचर का काम करता है और उसकी 4 बेटियां हैं। सबसे छोटे बेटे की बहू ही कभी-कभी खाना देती है। वीरवार को पूरे परिवार को बुजुर्ग महिला सहित बुलाया गया था, लेकिन किसी भी प्रकार की कार्यवाही से मना करते हुए कहा कि उसके बच्चों ने गलती मान ली है और उसने उन्हे माफ कर दिया है ये ही उसके लिए खुशी की बात है।

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