तिरखू तीर्थ पाथरी में गूँजी संस्कृति की स्वर लहरियाँ
-अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती पर ग्रामीणों में दिखा उत्साह, विविध कार्यक्रमों ने बांधा समा
BOL PANIPAT , 24 नवंबर। कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग और रोहतक कला परिषद के निर्देश पर अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती के अवसर पर तिरखू तीर्थ पाथरी में आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम ने क्षेत्र का माहौल आध्यात्मिक और उत्साहपूर्ण बना दिया। सांस्कृतिक दल द्वारा प्रस्तुत विभिन्न कार्यक्रमों ने उपस्थित ग्रामीणों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सींक की सरपंच नीलम देवी और पाथरी की सरपंच सरोज रानी ने किया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक दल से जुड़ी तन्नू शर्मा ने बताया कि ग्रामीणों में गीता जयंती को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला और लोगों ने बढ़-चढकऱ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में भाग लिया। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार सांस्कृतिक विकास को आगे बढ़ा रही है। लोगों को अपनी संस्कृति को सहेजने के लिए आगे आना चाहिए। तन्नू शर्मा ने बताया कि गीता महोत्सव के तहत 48 कोस की परिधि में यह सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रदेश सरकार की ओर से आयोजित किया जा रहे हैं ताकि लोगों को इन तीर्थों की महत्ता का पता चल सके।
कार्यक्रम के दौरान गीता के महत्व पर प्रकाश डाला गया और जीवन में इसके आदर्शों को अपनाने का संदेश दिया गया। मंच पर विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धा और संस्कृति का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। इस अवसर पर तीरखू समिति के संरक्षक विशु मलिक, उप प्रधान सतबीर सिंह, मंत्री कृष्ण मालिक, कोषाअध्यक्ष बिजेंद्र सिंह, ऑडिटर महावीर सिंह सहित राजीव मलिक व अमित मलिक सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम सफल आयोजन के साथ भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ।

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