“अबकी बार 10000 पार”—शिक्षा रथ ने जगाई अलख, नूरवाला से कॉलोनियों तक गूंजे शिक्षा के नारे
डीईओ राकेश बूरा के नेतृत्व में व्यापक जनजागरण, अभिभावकों को सरकारी स्कूलों की ओर किया प्रेरित
BOL PANIPAT : 6 अप्रैल–जिले में शिक्षा को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में आज एक प्रभावशाली और उत्साहपूर्ण पहल देखने को मिली, जब जिला शिक्षा अधिकारी श्री राकेश सिंह पुरा के नेतृत्व में गवर्नमेंट मॉडल हाई स्कूल, नूरवाला से शिक्षा रथ को रवाना किया गया। इस अभियान में डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर श्री संदीप रत्तेवाल, हेड मास्टर श्री विनोद सिंगला एवं विद्यालय के समस्त स्टाफ ने मिलकर सक्रिय भागीदारी निभाई।
शिक्षा रथ जीएमएचएस नूरवाला से प्रारंभ होकर जसबीर कॉलोनी, हरि सिंह चौक और गीता कॉलोनी तक पहुंचा। इस दौरान पूरे क्षेत्र में शिक्षा के प्रति जागरूकता का माहौल बन गया और हर गली-मोहल्ले में शिक्षा के संदेश गूंजते रहे।
अभियान के दौरान लगाए गए प्रेरणादायक नारों ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया—
“यही समय है, सही समय है—शिक्षा के लिए अनमोल समय है”
“अबकी बार 10000 पार”
“दो रोटी कम खाओ, मगर अपने बच्चों को जरूर पढ़ाओ”
“जय शिक्षा, जय शिक्षक, जय शिक्षार्थी”
इन नारों के माध्यम से अभिभावकों को न केवल शिक्षा का महत्व समझाया गया, बल्कि उन्हें अपने बच्चों का दाखिला सरकारी विद्यालयों में कराने के लिए प्रेरित भी किया गया।
जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा ने स्वयं शिक्षा रथ के माध्यम से लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय बच्चों के भविष्य को संवारने का सबसे उपयुक्त समय है। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे सरकारी विद्यालयों में उपलब्ध बेहतर सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ उठाएं और अपने बच्चों का नामांकन अवश्य कराएं।
अभियान के दौरान कॉलोनीवासियों को सरकारी स्कूलों में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं जैसे स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशालाएं, कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय, खेल गतिविधियां और प्रशिक्षित शिक्षकों की जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि सरकारी विद्यालय अब हर दृष्टि से निजी विद्यालयों के समकक्ष खड़े हैं।
डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर संदीप रत्तेवाल ने कहा कि शिक्षा रथ का उद्देश्य केवल नामांकन बढ़ाना नहीं, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना है। उन्होंने कहा कि जब तक हर बच्चा स्कूल से नहीं जुड़ेगा, तब तक समाज का समग्र विकास संभव नहीं है।
इस दौरान हेड मास्टर विनोद सिंगला और उनके स्टाफ ने भी पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ अभियान को सफल बनाने में योगदान दिया।
स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और कई अभिभावकों ने अपने बच्चों का दाखिला सरकारी विद्यालयों में कराने की सहमति जताई।
यह शिक्षा रथ अभियान न केवल एक जागरूकता कार्यक्रम रहा, बल्कि जिले में शिक्षा के प्रति बढ़ते विश्वास और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक भी बना।

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