हज़ारो की संख्या में पानीपत से पिपली किसान महापंचायत में कूच करेंगे किसान : सुधीर जाखड़
पिपली किसान महापंचायत में एक- एक लाठी का हिसाब करेंगे किसान : सुधीर जाखड़
कल 12 जून को कुरुक्षेत्र की धरती से किसान करेंगे एक और महाभारत का ऐलान : सुधीर जाखड़
सभी किसान यूनियनों ने किया मिलकर प्रचार, गाँव स्तर पर तैयारी पूरी
BOL PANIPAT : 11 जून 2023, आज पानीपत की सभी भारतीय किसान यूनियनों द्वारा कल 12 जून को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पिपली (कुरुक्षेत्र) में होने वाली किसान महापंचायत को लेकर ज़िले के विभिन्न गाँवों में तूफानी दौरा कर ज्यादा से ज्यादा संख्या में किसानों से पहुँचने की अपील की और गाँव, ब्लॉक स्तर पर ड्यूटीयां लगाई गयी है और किसान नेताओं द्वारा आगामी आंतरिक रणनीति भी तैयार की ।
भाकियू ज़िलाध्यक्ष सुधीर जाखड़ ने कहा कि – ठीक तीन साल पहले काले क़ृषि कानूनों के विरोध में पिपली (कुरुक्षेत्र) में होने वाली रैली को लेकर भी खट्टर – दुष्यंत चौटाला की सरकार ने लोगों को किसान पंचायत में जाने से रोकने की कोशिश की थी और पिपली में किसानों पर लाठीचार्ज किया था, जिसकी वजह से वो आंदोलन प्रदेश का ना होकर पुरे देश का आंदोलन बना था, लेकिन सरकार यह बात भूल गयी और दुबारा किसानों को सड़को पर आकर दिल्ली जाने पर मज़बूर कर रही है । कल 12 जून को महाभारत की ऐतिहासिक युद्धभूमि से देश के किसान फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर बड़े आंदोलन का शंखनाद करने को मज़बूर होंगे, जिसकी जिम्मेदार हरियाणा सरकार और मोदी सरकार होंगी । कल 12 जून को कुरुक्षेत्र की धरती से एक और महाभारत का ऐलान किया जायेगा ।
ज़िलाध्यक्ष सुधीर जाखड़ ने बताया कि – हमारे बड़े किसान नेता गुरनाम चढूनी को 9 अन्य किसान नेताओं के साथ सरकार ने झूठे मुक़ददमे लगाकर जेल में बंद करके बहुत निंदनीय कृत्य किया है, जिसकी वजह से आम जनता में बेहद गुस्सा है। सरकार ऐसी गलतियां करके किसानों को सड़को पर आने को मज़बूर कर रही है । अगर सरकार द्वारा कल किसानों को पिपली किसान महापंचायत में जाने से रोका तो, किसी भी परिस्थिति या बवाल के लिये सरकार और प्रशासन जिम्मेदार होंगी । पानीपत ज़िले से हज़ारो की संख्या में किसान-मज़दूर पिपली किसान पंचायत में कूच करेंगे और सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई शुरू होंगी । सरकार समय रहते एमएसपी पर फसलों को ख़रीदे और हमारे आदरणीय किसान नेता गुरनाम चढूनी जी व अन्य किसान नेताओं को तुरंत प्रभाव से रिहा करें अन्यथा आंदोलन मोदी-खट्टर सरकार के गले की फांस बनेगा ।
उन्होंने कहा कि – अगर स्थानीय किसान नेताओं को पुलिस द्वारा गिरफ्तार या नज़रबंद किया जाता है तो भी किसान हमारी परवाह ना करते हुए सीधे पिपली किसान महाकुम्भ में पहुँचे ।
इस अवसर पर कार्यकारी ज़िलाध्यक्ष राम सिंह कुण्डू, युवा ज़िलाध्यक्ष नदीम ग़ुज्जर, भाकियू (सर छोटूराम) के जिला प्रधान प्रदीप जागलान, जिला संगठन मंत्री रामबीर रूहल, युवा जिला महासचिव सिमरन मलका, मनोज जागलान, जिला उपप्रधान राजेंद्र दहिया, जिला महासचिव राजू मलिक, अजमेर कुहाड़, दलबीर बड़ौली, कृष्ण राजाखेड़ी आदि मौजूद रहे .

Comments