Wednesday, September 16, 2026
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पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों को ब्रांडिंग, पैकेजिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रशिक्षण

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at September 16, 2026 Tags: , , , ,

85 कारीगरों ने सीखी डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स और उत्पाद डिजाइन की बारीकियां

BOL PANIPAT , 16 सितंबर। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अधीन एमएसएमई-विकास कार्यालय, करनाल की ओर से बुधवार को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए ब्रांडिंग, पैकेजिंग एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पानीपत जिले के कुल 85 पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ एमएसएमई-विकास कार्यालय, करनाल के सहायक निदेशक रमेश राजा ने  प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा से अवगत कराया। इसके बाद सहायक निदेशक मुकेश वर्मा ने कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्यों और पीएम विश्वकर्मा योजना के माध्यम से कारीगरों को उपलब्ध अवसरों के संबंध में जानकारी दी।

कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र के आईईओ मयूर ने राज्य सरकार की विभिन्न नीतियों और कारीगरों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी साझा की। वहीं पानीपत के अग्रणी जिला प्रबंधक जितेन्द्र सिंह ने वित्तीय प्रबंधन तथा ऋण प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में प्रतिभागियों को बताया। एमएसएमई-विकास कार्यालय, करनाल की यंग प्रोफेशनल आरती कानिया ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के व्यावसायिक गतिविधियों में उपयोग और इसकी संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक का उचित उपयोग कारीगरों को अपने व्यवसाय के प्रचार-प्रसार, बाजार तक पहुंच और कार्यकुशलता बढ़ाने में मदद कर सकता है।

राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान, कुरुक्षेत्र की डॉ. श्रुति तोमर ने ब्रांडिंग एवं पैकेजिंग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने उत्पाद की पहचान मजबूत करने और ग्राहकों तक उसे प्रभावी ढंग से पहुंचाने में आकर्षक एवं उपयोगी पैकेजिंग की भूमिका के बारे में बताया।

डिजिटल द्रोणाचार्य, सोनीपत की गौरी कपूर और आकाश शर्मा ने डिजिटल मार्केटिंग एवं ई-कॉमर्स के विषय में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कारीगरों को डिजिटल माध्यमों के जरिए अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने की संभावनाओं से अवगत कराया। वहीं राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता करमचंद ने उत्पाद डिजाइन एवं निर्यात के अवसरों के संबंध में कारीगरों का मार्गदर्शन किया।

कार्यक्रम के दौरान पीएम विश्वकर्मा योजना और व्यवसाय से जुड़े विभिन्न विषयों पर लाभार्थियों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। विशेषज्ञों ने कारीगरों को पारंपरिक हुनर के साथ आधुनिक तकनीक, बेहतर उत्पाद प्रस्तुति और डिजिटल माध्यमों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के समापन परएमएसएमई-विकास कार्यालय, करनाल की ओर से उपस्थित अधिकारियों, विशेषज्ञों और सभी 85 प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।

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