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एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में विश्व कैंसर दिवस के उपलक्ष्य में दो दिवसीय कार्यक्रम का आगाज

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL HEALTH , at February 3, 2022 Tags: , , , , ,

‘कैंसर की रोकथाम में पोषण की भूमिका’ विषय पर वेबिनार का आयोजन

जागरूकता, पोषक भोजन और व्यावहारिक रणनीति से कैंसर से बचना संभव: प्रो तनु

BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रमों के पहले दिन वेबिनार का आयोजन किया गया जिसमे बतौर मुख्य वक्ता गृह विज्ञान विशेषज्ञ प्रो तनु मेहता ने शिरकत की और ‘कैन्सर की रोकथाम में पोषण की भूमिका’ विषय पर व्याख्यान देकर कैंसरसे जुड़े मिथकों और इससे बचने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की और अपने अनुभव साझा किये.इस अवसर पर विज्ञान संकाय के लगभग 350 छात्र-छात्राओं ने वेबिनार में हिस्सा लिया और अपनेमन में व्याप्त कैंसर के भय को दूर किया.विदित रहे की अंतर्राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण संघ ने जिनेवा स्विट्जरलैंड में 1933में पहली बार विश्व कैंसर दिवस मनाया था. आज का दिन कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाने, लोगों को शिक्षित करने और इस रोग के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए दुनिया भर में सरकारों और व्यक्तियों को समझाने तथा लोगों की जान बचाने के लिए मनाया जाता है. प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष के विश्व कैंसर दिवस का थीम ‘क्लोज द केयर गैप’हैजोदुनियाभर में कैंसर कीदेखभाल मेंअसमानताओं की पहचान करने और उनका आकलन करने के लिए समर्पित है. यह थीमखुले दिमाग के निर्माण, गलत धारणाओं को चुनौती देने और तथ्यों का विश्लेषण करने के लिए लिया गया है.

प्रो तनु मेहता गृह विज्ञान विशेषज्ञ एसडी कॉलेज ने अपने व्याख्यान में कहा की कैंसर एक गंभीर रोग है और इसके इलाज के दौरान कई थेरेपी और सर्जरी की जाती हैं. इलाज के समय कई बातों का ख्यालरखना अतिआवश्यक होता है. इसमें दवाइयों के साथ डाइट का भी खासतौर से ध्यान रखा जाना बेहद जरुरी है. कैंसर के इलाज में विटामिन और मिनरल्स की जरूरत होती है. पोषक तत्वों में कमी के शुरुआती लक्षणों का खासतौर से ध्यान रखा जाता है. विटामिन और मिनरल्स से भरपूर फल-सब्जियों का हमें नियमित सेवन करना चाहिए. अपने भोजन में हमें एंटीऑक्सीडेंट जरूर शामिल करनी चाहिए. शरीर के ऑक्सीडेशन कोरोकने के लिए हमेंविटामिन ए, सी, ई,सेलेनियम और जिंक के सेवन को बढ़ाना चाहिए.एंटीऑक्सीडेंट युक्त आहार जैसेगाजर, कद्दू, पपीता, हरे पत्तेदार सब्जियां,ब्रोकली, फैटी फिश,काड-लिवर ऑयल, नट्स औरबीज का सेवन कैंसर में राम बाण साबित होता है. फलों के बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए हमेंफलों को कटाने से पहले अच्छी तरह धोना चाहिए.कच्चे और अधपके आहार जैसे मांस, कच्ची मछली, शेल फिश और अंडे के सेवन से बचना चाहिए. जंक फ़ूड एवं अनपाश्चराइड चीजों जैसे दूध,पनीर और दही आदि का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. हमेंखाने के समय की अवधि का सख्ती के साथ पालन करना चाहिए. मोटे अनाज जैसे मक्की, बाजरा इत्यादि को अपने भोजन में शामिल करना चाहिए.उचित व्यायाम एवं योग भी कैंसर से लड़ने में बहुत सहायक है.विटामिन युक्‍त और रेशे वाला पौष्टिक भोजन कैंसर की रोकथाम में बहुत सहायक है बशर्ते इनमे कीटनाशक एवं खाद्य संरक्षण रसायणों का प्रयोग न किया गया हो. अधिक तलें, भुने, बार-बार गर्म किये तेल में बने भोजन से भी कैंसर हो सकता है.कैंसर जैसी बीमारी के खतरे से बचने और इससे जुड़े एहतियात के कदम उठाने, लोगों को इसके लक्षणों की जाँच करने के लिये निर्देश देने के साथ-साथ कैंसर से लाखों लोगो के जीवन को बचाने के लिये इसदिन को एक उत्सव के रूप में मनाया जाना चाहिए. एसडी पीजीकॉलेज ने कैन्सर पर वेबिनार को आयोजित करके अपने सामाजिक बोध और दायित्व का निर्वाह किया है.

प्राचार्यडॉ अनुपम अरोड़ा नेकहा की वजन का बढ़ना, नियमित व्‍यायाम न करना, साफ-सुथरे और प्रदूषण रहित वातावरण में न रह पाना भी कैंसर को दावत देता है. प्रारम्भिक अवस्‍था में पता चलने पर कैंसर कानिदान काफी हद तक कामयाब रहता है. मुंह में सफेद दाग, बार-बार होने वाले घाव और शरीर में किसी भी अंग या हिस्‍से में गांठ होने पर हमेंतुरन्‍तजांच करवानी चाहिए क्यूंकि ये कैंसर होने केलक्षण हो सकते है.उन्होनें कहा की कैंसर रोगों का एक वर्ग है जिसमें कोशिकाओं का एक समूह अनियंत्रित वृद्धि, रोग और कभी-कभी अपररूपांतरण जैसे गुणों को प्रदर्शित करता है. कैंसर सभी उम्र के लोगों कोयहाँ तक कि भ्रूण को भी प्रभावित कर सकता है. परन्तु कैंसर का जोखिम उम्र बढनेके साथ ज्यादा बढ़ता है.

वेबिनारमें प्रो गीता प्रुथी, डॉ राहुल जैन, डॉ रवि कुमार, प्रो नरेंद्र कौशिक,डॉ एसके वर्मा, डॉ मुकेश पुनिया, दीपक मित्तल ने भी ऑनलाइन हिस्सा लिया और कैन्सर से जुडी जानकारी हासिल की.

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