मुख्यमंत्री तीर्थ योजना के तहत 28 मार्च को अयोध्या राम मन्दिर दर्शन के लिए जाएगी विशेष ट्रेन: उपायुक्त।
-26 मार्च की जगह 28 मार्च की गई तिथि,24 मार्च तक श्रद्धालु करवा सकते हैं पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन।
BOL PANIPAT , 22 मार्च–उपायुक्त डॉ. वीरेन्द्र कुमार दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला पानीपत से मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत 28 मार्च को अयोध्या राम मन्दिर दर्शन के लिए एक स्पेशल ट्रेन रवाना होगी। इस ट्रेन की तिथि में बदलाव किया गया है। पहले यह ट्रेन 26 मार्च को अंबाला से रवाना होनी थी। अब मुख्यमंत्री नायब सिंह 28 मार्च को इसे अंबाला स्टेशन से झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। श्रद्धालु अपना रजिस्ट्रेशन 24 मार्च दोपहर 12:00 बजे तक पोर्टल पर करवा सकते हैं। पानीपत से भी इस ट्रेन में श्रद्धालु यात्रा के लिए जाएंगे।उन्होंने बताया कि सरकार की महत्वकांक्षी मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को अयोध्या और भारत के अन्य धार्मिक स्थलों की यात्रा करने में सक्षम बनाना है। इस योजना का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रा संबंधी बाधाएं और स्थानीय व्यवस्थाएं वरिष्ठ नागरिकों की यात्रा में रुकावट न बनें।
उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया ने बताया कि यह विशेष ट्रेन 28 मार्च को अंबाला से रवाना होगी और वहां से चलकर कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत और दिल्ली रेलवे स्टेशनों पर भी रुकेगी, जहां से संबंधित जिलों के श्रद्धालु ट्रेन में सवार होंगे। यात्रा को अंबाला रेलवे स्टेशन से मुख्यमंत्री नायब सिंह द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा, जबकि अन्य स्टेशनों पर मंत्रियों द्वारा ट्रेन को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यात्रा अंबाला कैंट से ट्रेन दोपहर 2 बजे रवाना होगी, जबकि यात्रियों को दोपहर 12 बजे तक पहुंचना होगा। इसके बाद कुरुक्षेत्र (3 बजे), करनाल (3:30 बजे), पानीपत (4 बजे), सोनीपत (4:30 बजे) और दिल्ली (5 बजे) से ट्रेन आगे बढ़ेगी।
्् उन्होंने बताया कि आवेदन करने के लिए वैध फोटो पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड, सरकार द्वारा जारी पहचान पत्र), आवेदनकर्ता का परिवार पहचान पत्र नम्बर, आवेदक द्वारा ऑनलाइन स्व-घोषणा कि वह प्रस्तावित यात्रा करने के लिए सभी प्रकार से योग्य है। ऑनलाइन स्व-घोषणा जिसमें यह बताया गया हो कि आवेदक ने पिछले तीन वर्षों में इस योजना का लाभ नहीं उठाया है। आवेदक को अपनी यात्रा के लिए पसंदीदा पखवाड़े का उल्लेख करना होगा।
उन्होंने बताया कि पात्रता मापदंड के तहत आवेदक हरियाणा का वास्तविक निवासी होना चाहिए और उसके पास इस आशय का सत्यापित पारिवारिक पहचान पत्र होना चाहिए। यदि आवेदक की आयु 80 वर्ष से अधिक है और पीपीपी द्वारा सत्यापित सभी ज्ञात स्रोतों से आवेदक की वार्षिक पारिवारिक आय 1.8 लाख रुपये प्रति वर्ष तक है, तो वह अपने जीवनसाथी को नि:शुल्क यात्रा पर ले जा सकते हैं। किसी अन्य हरियाणा निवासी (वैध परिवार पहचान पत्र के साथ) को साथ ले जाने का विकल्प है। आवेदन करते समय (पहचान पत्र) परिचारक के रूप में पूर्ण भुगतान के आधार पर नियुक्ति होनी आवश्यक है। यदि आवेदक की आयु 60 से 80 वर्ष के बीच है और पीपीपी द्वारा सत्यापित सभी ज्ञात स्रोतों से आवेदक की वार्षिक पारिवारिक आय 1.8 लाख रुपये प्रति वर्ष तक है, तो वह यात्रा के लिए पात्र हो सकता है।
उपायुक्त डॉ. दहिया ने बताया कि अपने जीवनसाथी को नि:शुल्क यात्रा पर जाने के लिए यदि आवेदक दिव्यांग है या किसी स्व-प्रमाणित बीमारी से पीडि़त है, तो आवेदन करते समय उसके पास किसी अन्य हरियाणा निवासी (वैध परिवार पहचान पत्र आईडी के साथ) को पूर्ण भुगतान के आधार पर परिचारक के रूप में ले जाने का विकल्प है। यदि आवेदक की आयु 18 वर्ष से 60 वर्ष के बीच है या पीपीपी द्वारा सत्यापित आवेदक की वार्षिक पारिवारिक आय 1.8 लाख रुपये प्रति वर्ष से अधिक है, तो वह आवेदन करते समय पूर्ण भुगतान के आधार पर लाभ उठाएं। आवेदन करते समय पूर्ण भुगतान के बाद अपने जीवनसाथी को साथ ले जाएं। आवेदक इस योजना का लाभ प्रत्येक तीन वर्ष में एक बार ले सकता है। यह योजना समान उद्देश्य के लिए बनाई गई किसी अन्य योजना की पूरक होगी।
उन्होंने बताया कि सरकार समय-समय पर अन्य धार्मिक स्थलों को सूची में जोडऩे का अधिकार सुरक्षित रखती है। उन्होंने बताया कि यात्रा कार्यक्रम आवेदकों की संख्या पर निर्भर करेगा, जो 30 से कम नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि सरकारी सहायता के तहत उपर्युक्त गंतव्यों तक आने-जाने का रेल किराया तृतीय श्रेणी एसी में सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। स्वयंसेवक आवेदकों के साथ गंतव्यों तक जाएंगे और सहायता प्रदान करेंगे। सरकार निवास स्थान से यात्रा के आरंभिक स्टेशन तक परिवहन का किराया भी सरकार द्वारा निर्धारित मानक दरों पर वहन करेगी।
उपायुक्त डॉ. वीरेन्द्र कुमार दहिया ने बताया कि यदि क्षमता से अधिक यात्रियों या किसी अन्य प्रशासनिक कारण से रेल की बर्थ आरक्षित करना संभव न हुआ तो सरकार राज्य परिवहन विभाग (हरियाणा रोडवेज) से वोल्वो एसी बसें आरक्षित कराने का खर्च वहन करेगी। स्वयंसेवक आवेदकों को उनके गंतव्य तक ले जाएंगे और आवश्यकतानुसार उपयुक्त आवास और भोजन की व्यवस्था सहित सहायता प्रदान करेंगे। आवास और भोजन तथा अन्य सभी खर्च विभाग द्वारा वहन किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि यह यात्रा तभी आयोजित की जाएगी जब अधिकतम 30 आवेदक उपलब्ध होंगे। आवेदक को रजिस्टे्रशन के दौरान अपने पसंदीदा पखवाड़े का उल्लेख करना होगा और यात्रा की वास्तविक तिथियां सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं के अनुसार होंगी। चयन प्रक्रिया पहले आओ पहले पाओ के आधार पर होगी। उन्होंने बताया कि यदि आवेदक यात्रा का लाभ उठाने का इरादा नहीं रखता है तो आरक्षित रेलवे बर्थ के रद्द करने का शुल्क विभाग द्वारा वहन किया जाएगा और यह मान लिया जाएगा कि आवेदक ने भविष्य के उद्देश्यों के लिए इस लाभ का उपयोग किया है।

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