Saturday, April 25, 2026
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महिला सशक्तिकरण अभियान ‘ शक्ति’ के तहत ग्रामीणों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक कर उन्हें बाल विवाह न करने और किसी भी बाल विवाह में शामिल न होने की शपथ दिलाई गई।

By LALIT SHARMA , in SOCIAL , at January 21, 2025 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT : 21 जनवरी, पानीपत की सैनी कॉलोनी में एम डी डी आफ इंडिया की सामुदायिक कार्यकर्ता पायल और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरा लीगल वॉलंटियर अनिल द्वारा बाल विवाह मुक्त जिला बनाने को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण हरियाणा के दिशानिर्देशानुसार शक्ति अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और एमडीडी ऑफ इंडिया द्वारा बाल विवाह के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है ताकि पानीपत जिले को बाल विवाह मुक्त बनाया जा सके।
आज के कैंप में बाल‌ विवाह के दुष्परिणामों तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम के बारे में विस्तार से बताया गया। पैरा लीगल वॉलंटियर अनिल ने बताया कि कोई भी व्यक्ति जो बाल विवाह करवाता है या उसको बढ़ावा देता है या उसमें सहायता करता है तो 112 नम्बर व‌ 181नम्बर पर फोन करके सुचित करें। बाल‌ विवाह करवाने वाले को 1 साल की सजा व 2 लाख जुर्माना भी लग सकता है या दोनों भी हो सकते हैं।
वार्ड पार्षद कोमल सैनी ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि बाल विवाह रूपी बुराई को जड़ से खत्म करना जरूरी है , तभी लड़कियों के सपने साकार होंगै। बाल विवाह होने से लड़कियों का बचपन भी उनसे छिन जाता तथा जल्द शादी से लड़किया शारीरिक व मानसिक रूप से कमजोर हो जाती है,ऐसे में बाल विवाह के खिलाफ लगातार जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है; तभी लड़कियां अपने बचपन को अपने इच्छा अनुसार जी पाएगी।
एम डी डी ऑफ इंडिया की सामुदायिक कार्यकर्ता पायल ने कहा कि एम डी डी ऑफ इंडिया पिछले कई वर्षों से बालाधिकारों को लेकर कार्यरत है और “न्याय तक पहुंच” कार्यक्रम के अंतर्गत बाल विवाह, बाल दुर्व्यवहार व बाल श्रम के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाए हुए है।
इस अवसर पर एम डी डी आफ इंडिया से सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता पायल व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से पैरा लीगल वॉलंटियर अनिल, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आशा, सुनीता आशा कार्यकर्ता सरला और ममता,रेखा, बिंद्रा, पूनम , पिंकी, लक्ष्मी, मीणा, कमलेश, संगीता, सलोचना मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर से शपथ ली कि वे किसी भी ऐसी शादी में शामिल नहीं होंगे जिसमें वर या वधु की उम्र कम हो और ऐसी शादियां रोकने का हर संभव प्रयास करेंगे ताकि बच्चों के भविष्य को बचाया जा सके। ग्राम सरपंच पुष्पा ने कहा कि एमडीडी ऑफ इंडिया की यह मुहिम बेहद सराहनीय है क्योंकि बाल विवाह लड़कियों की खिलाफ एक सामाजिक अपराध है और उनके मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है। हमें मिलकर इस कुरीति को जड़ से खत्म करना होगा।
‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान 200 से भी ज्यादा गैरसरकारी संगठनों का गठबंधन है जो 2030 तक बाल विवाह के खात्मे के लिए पूरे देश में काम कर रहे हैं। ये सभी सहयोगी संगठन इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए एक समग्र रणनीति ‘पिकेट’ पर अमल कर रहे हैं जिसमें नीति, संस्थान, संम्मिलन, ज्ञान, परिवेश, तकनीक जैसी चीजें शामिल हैं। धार्मिक नेताओं और समुदायों के साथ साझा प्रयासों से इसने इस अपराध के खात्मे के लिए 4.90 करोड़ लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई है।

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