‘रक्षा बंधन पर्व‘ के उपलक्ष्य में पौधों को कलावे (राखी) बांधकर उनकी रक्षा करने के लिए आग्रह किया।
BOL PANIPAT : सेक्टर 13-17 में स्थित दयाल सिंह पब्लिक स्कूल, पानीपत में ‘रक्षा बंधन पर्व‘ के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या विनीता कुमार तोमर ने किया। कार्यक्रम में कक्षा नर्सरी से प्रैप-1 तक ‘राखी में रंग भरो प्रतियोगिता‘ प्रैप-2 से दूसरी तक ‘राखी बनाओ थाली सजाओ‘ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कक्षा छठी से आठवीं के छात्र-छात्राओं ने पेड़-पौधों को कलावे (राखी) बांधकर उनकी रक्षा करने के लिए आग्रह किया। नौवीं कक्षा के छात्र हर्ष राठी ने रक्षाबंधन के विषय में बताया कि श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाये जाने वाले पर्व रक्षाबंधन का महत्व सच में सबसे अलग होता है, ऐसा बहन-भाई को तिलक लगाकर और उसकी कलाई पर राखी बाँधकर भगवान से उसकी लम्बी उम्र की मनोकामना करती हैं। भाई भी इस पर्व पर किसी भी परिस्थिति में रक्षा करने का वचन देता है और इस पर्व को मनाने के पीछे अनेक पौराणिक कथाएँ भी प्रचलित हैं। अब तो प्राकृतिक संरक्षण हेतु वृक्षों को कलावे (राखी) बाँधने की परम्परा भी प्रारंभ हो गई है।
विद्यालय की प्रधानाचार्या विनीता कुमार तोमर ने रक्षाबंधन के पावन अवसर पर कहा कि पेड़-पौधे ही पर्यावरण के रक्षक है। इनके बिना धरती पर जीवन संभव नहीं हैं। पर्यावरण के लिए हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए। विकास की अँधी दौड़ में लोग पेड़-पौधो की अंधाधुंध कटाई कर रहें हैं जिससे ग्लोबल वार्मिंग की समस्या पैदा हो रही है। पर्यावरण का संतुलन बिगड़ने लगा है। गर्मी में अधिक गर्मी और सर्दी में अधिक सर्दी भी इसके संकेत हैं इसलिए प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक कर्तव्य है कि वह कम से कम एक पेड़ जरूर लगाएँ। अपने आस-पास लगे पेड़-पौधे की देखभाल एवं सुरक्षा करें। पेड़-पौधे जीवन का आधार है और उनकी सेवा भगवान की सेवा होती है।
अंत में प्रधानाचार्या ने रक्षा बंधन के पावन अवसर पर बेहतर, स्वच्छ और अधिक समृद्ध भविष्य बनाने की दिशा में काम करने का संकल्प लेने का आग्रह किया।

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