जल संरक्षण हमारी प्राथमिकता, जिले में और गंभीरता से कार्य करने की जरूरत : डॉ. गरिमा मित्तल (जल शक्ति अभियान निदेशक).
-नारी शक्ति से जल शक्ति थीम पर किया जा रहा गंभीरता से कार्य: उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया।
-अटल -भू जल योजना को लेकर अधिकारियों से लिया अपडेट।
-रेन वाटर हार्वेस्टिंग व रिचार्ज बोरवैल सिस्टम की प्रगति पर भी ली जानकारी।
BOL PANIPAT , 3 अगस्त। भारत सरकार में कॉमर्स विभाग की निदेशक एवं जल शक्ति अभियान की सेंट्रल नॉडल आफिसर डॉ. गरिमा मित्तल आईएएस ने शनिवार को जल संरक्षण अभियान को लेकर जिले के विभिन्न विभागों के अधिकरियों के साथ बैठक कर जिले में पानी की स्थिति के बारे में अपडेट लिया व अधिकारियों से उनके द्वारा प्री मानसून में जल संरक्षण को लेकर चलाई जा रही गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने जिले में उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया के नेतृत्व में जल संरक्षण को लेकर किये जा रहे कार्यो की प्रशंसा की।
जल शक्ति अभियान की सेंट्रल नोडल आफिसर ने बैठक में अटल -भू जल योजना के तहत किये जा रहे कार्य के बारे में भी संबंधित विभाग के अधिकारियों से बात की व उस पर अब तक क्या प्रगति हुई है के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने संबंधित विभागों द्वारा जल संरक्षण को लेकर किये जा रहे कार्यों का डाटा संग्रह करके पोर्टल पर अपलोड करने व उनके साथ सांझा करने के भी अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये की वे अपने कार्यो के 1-1 मिनट के वीडियों भी बना कर उनके साथ सांझा करें ताकि स्थिति को समझा जा सके व जरूरत पडऩे पर उस पर कार्य किया जा सके। उन्होंने मुख्य ड्रेन के वेस्ट वाटर के बारे में भी अधिकारियों से जानकारी ली।
जल शक्ति अभियान की सेंट्रल नॉडल आफिसर ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग व रिचार्ज बोरवैल सिस्टम की प्रगति, पानी की क्वालिटी , वाटर लेवल की भी जानकारी ली और भू जल स्तर में सुधार करने के भी अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने मुख्य रूप से सिंचाई विभाग,पब्लिक हैल्थ, वन विभाग ,हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ,कृषि विभाग के अधिकारियों से मुख्य रूप से उनके द्वारा जल संरक्षण को लेकर किये जा रहे कार्यो की जानकारी ली। सेंट्रल नॉडल आफिसर ने कहा कि वे परिमानसून में कई स्थानों का दौरा भी करेंगी व स्थिति के बारे में जानकारी भी लेंगी।
उपायुक्त डॉ.वीरेंद्र कुमार दहिया ने बताया कि इस बार का थीम नारी शक्ति से जल शक्ति है जिस पर कार्य किया जा रहा है। जिले की सभी ड्रेनों को साफ सुथरा बनाया गया है ताकि बारिश में किसी भी प्रकार की असुविधा ना हो। जल संरक्षण को लेकर कृषि विभाग के माध्यम से किसानों व आम जन को जागरूक किया जा रहा है।
उपायुक्त ने बताया कि वन विभाग द्वारा 2 लाख के करीब पौधारोपण का लक्ष्य लेकर कार्य किया गया है। अब तक डेढ लाख के करीब का पौधारोपण किया जा चुका है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को डीएसआर के माध्यम से धान की जा रही बिजाई के बारे में भी उन्होंने जानकारी दी। इससे से भी हम जल संरक्षएा का कार्य कर सकते हैं। उपायुक्त ने बताया कि जिन फैक्टरियों के संचालक बोर करके पानी को जमीन के डालते हैं उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जा रही है।
उपायुक्त ने बताया कि जल संरक्षण को लेकर वे गंभीर है व इस दिशा में गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। युमना के 40 किलोमीटर के तटबंधों पर निगरानी बरती जा रही है। प्रशासन जल संरक्षण को लेकर बेहतरीन तरीके से कार्य कर रहा है। बैठक में कई अन्य विभागों द्वारा जिनमें महिला एवं बाल विकास विभाग , पॉल्युशन कन्ट्रोल बोर्ड , कृषि विज्ञान केंद्र के द्वारा जल संरक्षण को लेकर किये जा रहे कार्यो के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
इस मौके पर साईटिसट के.राज.राजन, जिला परिषद के सीईओ गौरव,डिप्टी सीईओ कंचन, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता सुरेश, पब्लिक हैल्थ के कार्यकारी अधिकारी कर्ण बहल, जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष भारद्वाज, पोल्युशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी भूपेंद, डीडीपीओ मनीष मलिक, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी विवेक, शक्ति सिंह क अलावा विभिन्न विभागें के अधिकारी मौजूद रहे।

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