Friday, May 1, 2026
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फसल अवशेष प्रबंधन योजना: 2022-23. व्यक्तिगत कृषि यंत्रों पर 50 फीसदी और सामूहिक पर 80 फीसदी अनुदान मिलेगा. विभाग की वेबसाइट पर 25 अगस्त तक ऑनलाइन करना होगा आवेदन

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at August 2, 2022 Tags: , , , ,

BOL PANIPAT , 2 अगस्त। फसल कटाई के उपरांत बचे अवशेषों को जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए जहां सरकार पिछले कई वर्ष से फसल अवशेष प्रबंध करने वाले कृषि उपकरणों पर भारी अनुदान दे रही है, वहीं चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए भी सरकार ने अनेक प्रकार के कृषि उपकरणों पर अनुदान देने की घोषणा की है। फसल अवशेषों का प्रबंधन करने वाले इन कृषि यंत्रों पर व्यक्तिगत को 50 फीसदी और सामूहिक यानी संगठनिक संस्थाओं को सीएचसी स्थापना हेतु 80 फीसदी अनुदान दिया जाएगा।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पानीपत के उप निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि कृषि उपकरणों पर अनुदान के लिए इच्छुक किसानों व संस्थाओं को कृषि विभाग की अधिकृत वेबसाइट ंहतपींतलंदंण्हवअण्पद पर 25 अगस्त 2022 तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा।  उन्होंने बताया कि 2.50 लाख रूपये से कम कीमत के कृषि यंत्र के लिए 2500 रूपये तथा 2.50 लाख रूपये से अधिक कीमत के कृषि यंत्र के लिए 5 हजार रूपये की बुकिंग राशि ऑनलाइन जमा करवानी होगी। विभागीय पोर्टल पर आवेदन करने वाले किसानों व कस्टम हायरिंग सेंटर का चयन जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कमेटी द्वारा प्राप्त लक्ष्य अनुसार पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा।

आवेदन हेतु इन दस्तावेजों की होगी आवश्यकता

डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि व्यक्तिगत किसान हेतु आवेदन के लिए किसान को परिवार पहचान पत्र, पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक खाते की प्रति, ट्रैक्टर की वैध आरसी, जमीन के विवरण की प्रति व किसान द्वारा स्वयं घोषणा पत्र की प्रति। किसान द्वारा पिछले दो वर्ष के दौरान कोई भी कृषि यंत्र पर अनुदान न लिया गया हो और फसल अवशेष में आग न लगाई हो। अनुसूचित जाति से संबंधित किसानों के लिए जाति का प्रमाण-पत्र लगाना अनिवार्य है। व्यक्तिगत किसान अधिक से अधिक तीन कृषि यंत्रों के लिए आवेदन कर सकता है। इसी प्रकार कस्टम हायरिंग सेंटर (सीएचसी) हेतु आवेदन के लिए संबंधित ग्राम पंचायत/एफपीओ/पंजीकृत किसान समिति की पंजीकरण संख्या, पैन कार्ड, प्रधान का आधार कार्ड, ट्रैक्टर की वैध आरसी, बैंक खाते का विवरण तथा सेंटर द्वारा घोषणा पत्र कि 5 वर्ष की अवधि के दौरान कृषि यंत्रों को अपने स्थान से दूसरी जगह स्थानांतरित न करना, गिरवी न रखना व न बेचना व पराली में आग न लगाने बारे देना होगा। अनुसूचित जाति से संबंधित  कस्टम हायरिंग सेंटर में 40 प्रतिशत सदस्य अनुसूचित जाति के होना अनिवार्य है। सीएचसी की स्थापना के लिए 5 लाख से 15 लाख रूपये तक के कम से कम तीन व अधिक से अधिक 5 प्रकार के कृषि यंत्र लिए जा सकते हैं। जिस सीएचसी द्वारा सीआरएम स्कीम में पहले अनुदान का लाभ लिया गया है, वे आवेदन के पात्र नहीं होंगे। आवंटित लक्ष्य का 70 प्रतिशत लाभ लघु व सीमांत किसानों को दिया जाएगा।

इन कृषि यंत्रों पर मिलेगा अनुदान

सहायक कृषि अभियंता पानीपत सुधीर कुमार ने बताया कि वर्ष 2022-23 के लिए जिला पानीपत में फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम, हैपी सीडर, पैडी स्ट्रा चोपर, मल्चर, रोटरी सलेशर, हाइड्रोलिक रिर्वेसिबल एमबी-प्लो, जीरो टिल सीड ड्रील, सुपर सीडर, स्ट्रा बेलर, क्रॉप रीपर/रीपर कम बाइडर आदि शामिल हैं।

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