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जिले के 800 किसान कर रहे हैं मशरूम का उत्पादन

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at September 15, 2022 Tags: , , , ,

-हर वर्ष करते हैं करीब 17 से 18 करोड़ की कमाई
सरकार की योजनाओं से माला माल हो रहे मशरूम उत्पादक

BOL PANIPAT , 15 सितंबर। जिले के किसानों का रूझान बटन मशरूम की खेती की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। जो फसल विविधिकरण की तरफ साफ संकेत करता है। किसानों को अब परंपरागत फसलों की खेती की बजाय उन फसलों की खेती करना उचित लगने लगा है जिन फसलों की मार्केट में मांग ज्यादा है व दाम भी अच्छे मिलते हैं। एक प्रकार से मशरूम की खेती यहां के किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है व एक व्यवसाय के रूप में उभर रही है। शायद इसलिए इसकी खेती की लोकप्रियता दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। जिले में अनेकों ऐसे किसान है जो राज्य सरकार की योजनाओं से प्रभावित होकर मशरूम की खेती कर रहे हैं। उझा के कृषि विज्ञान केंद्र में सप्ताह भर का नि:शुल्क मशरूम का प्रशिक्षण किसानों को दिया जाता है।
     जिला बागवानी अधिकारी अजय बताते हैं कि मशरूम की कई उन्नत किस्में हैं, जिससे अपनाकर किसान  सालभर मुनाफा कमा सकते हैं। उनके अनुसार पानीपत ,समालखा, इसराना, मतलौडा, बापौली में कुल 96 हजार टन में 800 के करीब किसान इस व्यवसाय के साथ जुडकऱ वर्ष भर में 2 बार मशरूम की खेती करते हैं। ज्यादातर किसान गर्मी व सर्दी दोनों मौसम में मशरूम की खेती करते हैं। उन्हें गर्मी के मौसम में मशरूम के ज्यादा उत्पादन की संभावना रहती है। बागवानी के विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रति वर्ष संभावना 24 टन के करीब मशरूम का उत्पादन यहां के किसान कर लेते हैं। अगर उन्हें बाजार में बटन मशरूम का दाम 80 से 90 रुपये  प्रति किलो मिलता है तो 19 करोड़ के आस पास संभावित बिजनेश आसानी से प्राप्त हो जाता है।  
           जिला बागवानी अधिकारी अजय बताते हैं कि बहुत से किसान पूरी तरह से वातानुकूलित यूनिटों के माध्यम से मशरूम का उत्पादन करते हैं। जिले में वे किसान 90 हजार टन में बटन मशरूम की खेती करते हैं जिसका संभावित उत्पादन 225 टन हैं। जिसे अगर उन्हें 150 से 175 रुपये किलों के हिसाब से संभावित दाम मिलते हैं तो उन्हें 3 करोड़ से ज्यादा संभावित बिजनेश आसानी से मिल जाता है।  बागवानी अधिकारी के अनुसार  कुल उत्पादन का खर्च निकाल कर देखें तो यहा के किसान प्रति वर्ष 17 से 18 करोड़ का बिजनेश बटन मशरूम उत्पादन से ले लेते हैं। उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि राज्य सरकार ने मशरूम उत्पादन के लिए किसानों को प्रोत्साहित कर रही है।  अनेक योजनाएं ऐसी है जिनका किसानों को सीधे तौर पर लाभ हो रहा है। इच्छुक प्रार्थी वेबसाईट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि 1800-180-202 पर भी किसान बागवानी की मशरूम पर संचालित की जा रही सरकार की योजनाओं की जानकारी ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति स्कीम योजना के तहत इस श्रेणी के लोग 85 प्रतिशत दर से 100 टन पर 25500/ रुपये अनुदान राशि का लाभ ले सकते हैं।
      उपायुक्त ने बताया कि कम लागत वाली झोपड़ी में सरकार की तरफ से अनुदान का प्रावधान है। इसमें भी आवेदक 85 प्रतिशत की दर से 25500/-रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से लाभ ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि एकीकृत बागवानी विकास योजना के तहत भी मशरूम की खेती करने वाले किसान 50 प्रतिशत की दर से 150 रुपये प्रति टन के लिए अधिकत 100 टन तक इसका लाभ ले सकते हैं। इस योजना के तहत मशरूम की कम लागत वाली झोपड़ी में 75 प्रतिशत की दर से 22500 रुपये प्रति यूनिट अनुदान राशि निर्धारित की गई है।

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