Saturday, May 2, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस आदर और सम्मान के भाव के साथ मनाया गया

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at March 8, 2022 Tags: , , , , ,

कॉलेज यूथ रेड क्रॉस क्लब और एनएसएस कार्यकर्ताओं ने निकाली महिला जागरूकता रैली

मानवीय संवेदना, करुणा, वात्सल्य जैसे भावो से नारियों ने युग निर्माण किया है: डॉ अनुपम अरोड़ा   

BOL PANIPAT : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर एसडी पीजी कॉलेज मे विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसका थीम ‘स्थाई और समान कल के लिए समाज में लैंगिक समानता जरुरी’ रहा. इस अवसर पर कॉलेज में स्थापित यूथ रेड क्रॉस क्लब और एनएसएस कार्यकर्ताओं ने महिला जागरूकता रैली निकाली जिसे प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, यूथ रेड क्रॉस क्लब के नोडल ऑफिसर डॉ राकेश गर्ग, एनएसएस प्रभारी डॉ संतोष कुमारी, सांस्कृतिक गतिविधियों की प्रभारी डॉ संगीता गुप्ता, प्रो अन्नू आहूजा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. एसडी कॉलेज प्रधान पवन गोयल ने अपने सन्देश में कहा की महिलाओं के बिना दुनिया की कल्पना करना भी मुश्किल है. विदित रहे की एसडी पीजी कॉलेज प्रबंधकारिणी के आशीर्वाद से कॉलेज में ‘लाडली बेटी शिक्षा कोष स्थापित है जिसमे उपलब्ध धनराशी का उपयोग कॉलेज में पढ़ रही आर्थिक रूप से कमजोर, अक्षम तथा जिन छात्राओं के माता-पिता या अभिभावक नहीं है या फिर अगर वे हैं भी तो नशे के आदि है की शिक्षा-दीक्षा के लिए किया जा रहा है.  

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा की वर्तमान के आपदा काल में भी दुनिया की अगुआई महिलाओं ने ही की है. शिक्षित महिला परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण के दायित्वों का सबसे संतुलित एवं श्रेष्ठ मार्ग है. उन्होनें कहा की महिलाओं की शिक्षा के माध्यम से ही आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो सकता है क्यूंकि महिलाएं एक नहीं बल्कि दो-दो परिवारों को संभालती है. उन्होनें कहा की सभी को यह जान कर आश्चर्य होगा कि पहले अधिकतर देशों में महिलाओं को वोट देने का अधिकार भी नहीं था. उन्हें ये अधिकार दिलाने के उद्देश्य से 1910 में सोशलिस्ट इंटरनेशनल के कोपेनहेगन सम्मेलन में महिला दिवस को अन्तर्राष्ट्रीय दर्जा दिया गया. उन्होनें कहा की नारियों में अपरिमित शक्ति और क्षमताएँ विद्यमान हैं. व्यवाहरिक जगत के सभी क्षेत्रों में उन्होने कीर्तिमान स्थापित किये हैं. अपने अदभुत साहस, अथक परिश्रम तथा दूरदर्शी बुद्धिमत्ता के आधार पर विश्वपटल पर अपनी पहचान बनाने में महिलाये कामयाब रहीं हैं. मानवीय संवेदना, करुणा, वात्सल्य जैसे भावो से परिपूर्ण अनेक नारियों ने युग निर्माण में अपना योगदान दिया है. छात्राओं को आत्मसुरक्षा और आत्मसम्मान के लिए खुद ही पहल करनी पड़ेगी. छात्राओं को चाहिए की वे अपने अधिकारों का निरंतर और बेखौफ तरीके से प्रयोग करे और अपने घर मे भी अपने भाइयो को सिखाये की वे जीवन मे महिलाओं का सम्मान करे तथा समाज में उन्हे उनका उचित स्थान दिलवाने में मदद करे.

     पवन गोयल एसडी पीजी कॉलेज प्रधान ने अपने सन्देश में कहा की महिलाओं के बिना दुनिया की कल्पना करना भी मुश्किल है. अंतराष्ट्रीय महिला दिवस का दिन असमानताओ को दूर करने तथा समाज का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने का दिन है. इस उद्देश्य के लिए पूरे विश्व की महिलाये एकजुट होती है. कई देशो में महिलाये एकत्रित होकर मार्च, रैलीया निकालती है और कही पर कला कार्यक्रम, भाषण और सेमिनार आयोजित किये जाते है. समाज की इकाई हर एक व्यक्ति है और जब तक हर व्यक्ति में महिलाओं के लिए सम्मान पैदा नहीं होगा तब तक कोई बात नहीं बनने वाली है.

डॉ राकेश गर्ग नोडल अधिकारी यूथ रेड क्रॉस क्लब ने अपने सन्देश में कहा की भारतीय महिलाएं बहुत प्रतिभाशाली है और उन्होनें अनेक क्षेत्रों में विश्व में अपना नाम चमकाया है. लेकिन आज भी भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक अभाव, अभिभावकों के मानसिक पूर्वाग्रह के कारण लोग अपनी बेटियों को उच्च शिक्षा से वंचित रखते है हालांकि इन बेटियों में संभावनाएं असीमित है. शिक्षण संस्थानों का यह मानना है की शिक्षा एक व्यवसाय नहीं अपितु एक सामाजिक दायित्व है. महिलाओं को शिक्षित करना एवं शिक्षा के माध्यम से सशक्त समाज का निर्माण करने से श्रेष्ठ कार्य कोई दूसरा नहीं है.         

     इस अवसर पर कॉलेज के स्टाफ सदस्य डॉ एसके वर्मा, डॉ मुकेश पुनिया, डॉ राकेश गर्ग, डॉ दीपक मित्तल मौजूद रहे.

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