पानीपत की इंडस्ट्री को बचाने के लिये 50 फीसदी बॉयलर पर सब्सिडी दे सरकार: राकेश चुघ
- -हरियाणा सरकार के प्रयास सराहनीय लेकिन सरकार को इससे ज्यादा सोचने की जरूरत: राकेश चुघ
- -सुरत व अहमदाबाद और लुधियाना से प्रतिस्पर्धा के चलते पीएनजी पर मिलनी चाहिये सब्सिडी
- -पानीपत की इंडस्ट्री को बचाने को लेकर हैंडलूम व्यापारियों की हुई एसडी कालेज रोड पर बैठक
BOL PANIPAT ,9 मार्च। पानीपत की इंडस्ट्री को बचाने के लिये हैंडलूम व्यापारियों की बैठक एसडी कालेज रोड पर बुधवार को बैठक हुई। जिसमें हरियाणा व्यापार मंडल, विभिन्न हैंडलूम एसोसिएशनों के प्रधानों एवं व्यापारियों ने भाग लिया। बैठक में हरियाणा व्यापार मंडल के युवा प्रदेशाध्यक्ष राकेश चुघ ने कहा कि हरियाणा सरकार ने पानीपत की इंडस्ट्री को बचाने के लिये बजट में बॉयलर पर अधिकतम 15 लाख रूपए सब्सिडी, पीएनजी गैस पर लगने वाले वेट पर 50 फीसदी छुट देने की घोषणा की है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह एक सराहनीय प्रयास है लेकिन सरकार का यह प्रयास यहां की इंडस्ट्री के लिये पर्याप्त नहीं है और सरकार को इस मामले में इससे कही ज्यादा सोचने की जरूरत है। राकेश चुघ ने कहा कि पानीपत की इंडस्ट्री की प्रतिस्पर्धा मुख्य रूप से गुजरात के सुरत व अहमदाबाद और पंजाब के लुधियाना से है। वहां पर एनसीआर की तरह कोयला आधारित इंडस्ट्री पर कोई रोक नहीं है, इसलिये सरकार को इस बात का ध्यान रखना होगा कि पानीपत की इंडस्ट्री उन शहरों का मुकाबला कैसे कर सकती है।
उन्होंने कहा कि पानीपत में डाइंग इंडस्ट्री सहित करीब एक हजार बॉयलर आधारित उद्योग है, जिनमें से ज्यादातर अभी कोयले से चल रहे है। लेकिन अब हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और एयर क्वालिटी एवं मैनेजमेंट कमीशन द्वारा 30 सितंबर तक इनको क्लीनर फ्यूल यानि पीएनजी या बायो गैस पर शिफ्ट करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि गैस वाले बड़े बॉयलर के विभिन्न कंपनियों के रेट 50 लाख से लेकर 75 लाख के करीब है। इसलिये पानीपत के उद्यमियों की सरकार से मांग है कि इन बॉयलरों पर सरकार द्वारा 50 फीसदी सब्सिडी दी जाये और इनको लगाने के लिये बैंकों से उद्यमियों को सस्ता लोन भी दिलवाया जाये।
उन्होंने कहा कि कोयले के मुकाबले पीएनजी के रेट डाई से तीन गुणा ज्यादा है और सरकार को पीएनजी पर भी सब्सिडी देनी चाहिये। उन्होंने कहा कि पीएनजी पर वेट तो 6.30 फीसदी लगता है और इससे उद्यमियों का काम चलने वाला नहीं है। वहीं बैठक में हैंडलूम व्यापारियों ने कहा कि पानीपत की इंडस्ट्री को बचाने के लिये कॉमन बॉयलर भी एक अच्छा प्रयास है। बॉयलर इंडस्ट्री वालो की कॉमन बॉयलर को लेकर सरकार से बात चल रही है, इसलिये सरकार से मांग है कि कोयला आधारित इंडस्ट्री को गैस पर शिफ्ट करने की जो अभी 30 सितंबर तक डेटलाईन दी गई है, उसको आगे बढ़वाया जाये।
इस मौके पर पानीपत हैंडलूम एसोसिएशन के प्रधान सुखदेव कालड़ा, श्री गुरूनानक हैंडलूम मार्किट एसोसिएशन के प्रधान हरजिंद्र रिंकु, न्यू पानीपत हैंडलूम एसोसिएशन के प्रधान कालू सचदेवा, व्यापारी बिन्नी कटारिया, तरूण नागपाल, जयदयाल संदुजा, गौतम दुआ व किशोर संदुजा आदि मौजूद रहे।

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