किसान 15 जून से पहले खेत में ना छोड़े पानी और ना लगाए धान: डीसी सुशील सारवान
BOL PANIPAT , 1 जून। डीसी सुशील सारवान ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा जारी सब सॉयल एक्ट 2009 के तहत 15 जून से पहले धान लगाने वाले किसानों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही व जुर्माने का प्रावधान भी है। अत: सभी किसान सरकार के द्वारा जारी हिदायतों का उल्लंघन ना करे एवं 15 जून से पहले धान की रोपाई ना करे।
उन्होंने बताया कि अगर खेती की बात करें तो खेती के लिहाज से धान उत्पादन में पानीपत जिला हरियाणा के अग्रणी जिलों में सम्मिलित है। धान उत्पादन के लिए प्रकृति का बहुमूल्य रत्न व जीवन रूपी अमृत जिसे पानी कहा जाता है, का नुकसान सर्वाधिक रूप में होता है। यह पानी नहरों के अलावा किसानों द्वारा भूमि के गर्भ से नलकूपों द्वारा भू-दोहन कर धान उत्पादन के लिए प्रयोग में लाया जाता है।
प्रत्येक वर्ष धान उत्पादन के लिए ऐसे भू-दोहन के चलते जिला का जल स्तर पिछले 25 वर्षों में लगातार धरातल से नीचे जा रहा है। ऐसे में पानी की बचत के लिए सरकार ने चिंतित होकर नियम बनाया है कि कोई भी किसान 15 जून से पहले अपने खेतों में धान की रोपाई न करे। इसके अलावा सरकार ने पानी बचाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया है ताकि किसान भू-दोहन ना करे।
उपायुक्त सुशील सारवान ने कहा कि सरकार ने मेरा पानी मेरी विरासत स्कीम शुरू कर उन किसानों को प्रति एकड़ 7 हजार रूपये अनुदान देने की घोषणा की है जिन्होंने अपने उस खेत में जिस में गत वर्ष धान (बौनी किस्मों/गैर बासमती) की फसल थी एवं उसका पंजीकरण मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर दर्ज किया था और उस खेत में किसान ने धान की फसल से तौबा करली है और उसके स्थानपर अन्य कोई फसल की बुवाई की है। उन्होंने किसानों से आहवान किया है किस भी किसान सरकार के आदेशेां या डर से नहीं बल्कि नैतिकता के तौर पर और प्रकृति की इस बेशकीमती धरोहर को बचाने के लिए 15 जून के बाद ही अपने खेतों में धान रोपाई के लिए पानी छोड़े।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डा0 वजीर सिंह ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वैज्ञानिकों के मुताबिक 15 जून से पहले वायु मंडल में वाष्पीकरण की मात्रा अत्याधिक होती है जिससे पानी का वाष्पीकरण हो इसकी बर्बादी अधिक होती है। कृषि विभाग द्वारा उपमण्डलीय, खण्ड एवं ग्राम स्तरीय टीमों को भी आदेश दिया है कि वो अपने-अपने क्षेत्र में किसान जागरूकता अभियान चलाएं व किसानों को जागरूक करें तथा उनको 15 जून के बाद अपने खेतों में धान के लिए पानी छोडऩे की अपील करें।

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