Friday, June 5, 2026
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गीता विश्वविद्यालय में पी एच डी पाठ्यक्रम की हुई शुरुआत. – उच्चतम शिक्षा ग्रहण करने का मिलेगा अवसर

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at July 23, 2022 Tags: , , ,

BOL PANIPAT : गीता विश्वविद्यालय में आज पी एच डी पाठ्यक्रम की शुरुआत की गयी कुलाधिपति श्री सतपाल बंसल के निर्देश पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ कर दिया है। ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 27 जुलाई 2022 है। पीएचडी प्रवेश परीक्षा 30 जुलाई 2022 को निर्धारित की गई है|

जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति डा. विकास सिंह ने बताया गीता विश्वविद्यालय द्वारा पीएचडी प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। उन्होंने बताया की पी एच डी के लिए स्कूल ऑफ़ इंजीनियरिंग के अंतर्गत कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेकनिकल व सिविल में में तथा स्कूल ऑफ़ लॉ, स्कूल ऑफ़ कॉमर्स व स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडीज विभाग शामिल है।

कुलपति डा. विकास सिंह ने कहा कि नैतिक मूल्यों की उच्च गुणवत्ता के शोध की अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि शोधार्थियों को अपनी पूरी सृजनात्मक शक्ति के साथ शोध करना चाहिए। उन्होंने प्रतिभागियों के साथ एक शोधकर्ता के रूप में अपने करियर के दौरान अपने अनुभव सांझा किए। शोध का दायरा उस विषय से परिभाषित होता है, जिसे आपने चुना है और जो लक्ष्य आपको हासिल करना है। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि शोध का परिणाम समाज के लिए लाभदायक है।

गीता विश्वविद्यालय से शोध करने के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा की गीता विश्वविद्यालय बहु-संकाय शोध को बढ़ावा देता है जिसमे बहुविषयक अनुसंधान तब होता है जब विभिन्न विषयों के संकाय एक सामान्य समस्या या शोध प्रश्न पर स्वतंत्र रूप से कार्य करते हैं। इस दृष्टिकोण में, संकाय अनुसंधान लक्ष्यों को साझा करते हैं और एक ही समस्या पर काम करते हैं | दूसरा उन्होंने बताया की पी एच डी पाठ्यक्रम के लिए गीता विश्वविद्यालय में अनुसंधान एवं विकास को महत्व देने वाले प्राध्यापक एवं गाइड मौजूद है और उन्होंने बताया की गीता विश्वविद्यालय यह सुनिश्हित करता है की हर शोधकर्ता तय समय पर अपनी पी एच डी पूरी करे|

प्रो चांसलर निशांत बंसल व अंकुश बंसल ने कहा की देश में लगातार बढ़ रहे स्टार्ट-अप्स ने पीएचडी के क्षेत्र को ही पूरी तरह बदल दिया है। जहां पहले पीएचडी का कार्यक्षेत्र सिर्फ एकेडमिक क्षेत्र तक ही सीमित था, वहीं आज एकेडमिक क्षेत्र और स्टार्ट-अप्स के मिश्रण से पीएचडी ग्रेजुएट्स को कई नये ऑप्शन्स मिल गये हैं। आजकल स्टार्ट-अप्स इनोवेशन और इम्प्रोवाइजेशन का स्टोरहाउस बन चुके हैं, तो पीएचडी ग्रेजुएट्स किसी नये और उभरते हुए संगठन में काम करना चाहते हैं ताकि अपनी एक्सेप्शनल रिसर्च एंड डेवलपमेंट क्षमताओं के माध्यम से नये प्रोडक्ट्स को डिज़ाइन करने के लिए वे अपने नॉलेज बेस्ड स्किल्स का उपयोग कर सकें।
इस अवसर पर प्रो वाईस चांसलर डा. गुलशन चौहान, डा. प्रेरणा डावर, डा. अमित गुप्ता, डा. अश्वनी, डा. अर्चना, डा. वैशाली, डा. रेणु व अन्य उपस्थित रहे|

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