एक अनोखी मुहिम: साइकिल से देश नापने वाले 66 वर्षीय पूर्व सैनिक ने आर्य कॉलेज में रोपे बरगद और पीपल. दिया ‘पेड़ लगाओ, इनाम पाओ’ का नारा
BOL PANIPAT , गुरुवार 21 मई 2026: आर्य कॉलेज के पर्यावरण विभाग और भारतीय सेना के जांबाज पूर्व सैनिक व प्रख्यात पर्यावरणविद रामनिवास कौशिक के संयुक्त तत्वावधान में आज कॉलेज प्रांगण में बरगद (बड़) और पीपल के पौधे रोपे गए। इस अनूठे पौधारोपण अभियान के जरिए विद्यार्थियों और समाज को पर्यावरण संरक्षण का एक बेहद व्यावहारिक संदेश दिया गया। कॉलेज की उपप्राचार्या डॉ. अनुराधा सिंह ने पूर्व सैनिक रामनिवास कौशिक का कॉलेज पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया और इस पुनीत कार्य के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
साइकिल यात्रा से कश्मीर से कन्याकुमारी तक जगाई अलख
डॉ. अनुराधा सिंह ने बताया कि 66 वर्ष की उम्र में भी युवा जोश से लबरेज पूर्व सैनिक रामनिवास कौशिक ने जन-जन को जागरूक करने के लिए एक विशाल साइकिल यात्रा शुरू की है। उनकी इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य ‘सद्भावना, स्वच्छता, नशामुक्त भारत’ और ‘पर्यावरण बचाओ, पेड़ लगाओ’ का संदेश घर-घर पहुंचाना है।
उन्होंने अपनी साइकिल से कश्मीर से कन्याकुमारी तक 4,000 किलोमीटर की दूरी महज 21 दिनों में और जैसलमेर से नेपाल बॉर्डर तक 1,386 किलोमीटर की यात्रा सिर्फ 8 दिनों में पूरी कर एक नया कीर्तिमान रचा है।
“सिर्फ पेड़ लगाना काफी नहीं, 5 साल तक उसकी परवरिश जरूरी” – पूर्व सैनिक रामनिवास
मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए पूर्व सैनिक रामनिवास कौशिक ने अपने अनुभवों को साझा किया और अपनी अनूठी प्रोत्साहन योजना के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा:
आज हम पेड़ तो लगा देते हैं, लेकिन देखरेख के अभाव में वे दम तोड़ देते हैं। हमारी मुहिम सिर्फ पौधारोपण की नहीं, बल्कि ‘पौधा पोषण’ की है। मेरा नारा है—’पेड़ लगाओ, 5 साल तक उसकी बच्चे की तरह परवरिश करो और मुझसे 100 रुपये का इनाम पाओ।’ यह राशि भले ही छोटी लगे, लेकिन यह सीधे तौर पर इंसान को उस पौधे की जिम्मेदारी से जोड़ती है। पर्यावरण को खोखला होने से बचाना है तो हर नागरिक को अपने जन्मदिन, शादी की सालगिरह या परिवार के किसी भी विशेष मांगलिक अवसर पर कम से कम एक पौधा जरूर लगाना चाहिए और उसे पेड़ बनने तक पालना चाहिए।”
पीपल और बरगद केवल पेड़ नहीं, हमारी सनातन ऑक्सीजन बैंक हैं” – डॉ. गीतांजलि
इस अवसर पर पर्यावरण विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. गीतांजलि ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वैज्ञानिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:
आज कॉलेज प्रांगण में विशेष रूप से बरगद और पीपल के पेड़ इसलिए चुने गए हैं क्योंकि ये हमारे पर्यावरण के ‘ऑक्सीजन बैंक’ हैं। पीपल और बरगद चौबीसों घंटे ऑक्सीजन देने और भारी मात्रा में कार्बन सोखने की क्षमता रखते हैं। पूर्व सैनिक रामनिवास जी की यह मुहिम हमारे विद्यार्थियों के लिए एक व्यावहारिक सीख है। हमारा पर्यावरण विभाग इस बात का संकल्प लेता है कि कॉलेज के विद्यार्थी न केवल परिसर में, बल्कि अपने घरों के आसपास भी पौधे लगाएंगे और रामनिवास जी के ‘परवरिश’ के संदेश को आगे बढ़ाएंगे।
कॉलेज की एनएसएस इकाई के सहयोगी प्राध्यापक पंकज चौधरी ने बताया कि मिशन लाइफ का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना और सतत जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। यह अभियान जीवन शैली के लिए पर्यावरण “पर आधारित है, जिसमें छोटी-छोटी आदतों के माध्यम से पर्यावरण की रक्षा करने पर जोर दिया जाता है। मिशन लाइफ हमें प्रकृति के प्रति जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनने की प्रेरणा देता है।
ये रहे मौजूद:
इस प्रेरणादायक कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के पर्यावरण विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. गीतांजलि, डॉ. विजय सिंह, प्राध्यापक अंकुर मित्तल, प्राध्यापक पंकज चौधरी मुख्य लिपिक विनीत गर्ग सहित एनएसएस इकाई के स्वयंसेवक भी मौजूद रहे।

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