एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के एमएससी केमिस्ट्री की दो होनहार छात्राओं ने कुरुक्षेत्र विश्वविधालय की मेरिट लिस्ट में दो स्थानों पर जमाया कब्ज़ा
केयूके के पांचवें और नौवें मैरिट स्थान पर महाविद्यालय के विद्यार्थी
BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज पानीपत के दो होनहार एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र की एमएससी केमिस्ट्री (रसायन शास्त्र-प्रथम सेमेस्टर) की परीक्षा में शानदार परिणाम प्राप्त कर कुरुक्षेत्र विश्वविधालय की मेरिट लिस्ट में टॉप 10 स्थानों में दो स्थानों पर कब्ज़ा किया और एसडी पीजी कॉलेज का नाम प्रदेश में रोशन किया. जहाँ पांचवें स्थान पर चारु डूरेजा का कब्ज़ा रहा वहीँ नीतिका ने मेरिट लिस्ट में नौवां स्थान बनाया. विश्वविधालय द्वारा परीक्षा परिणाम घोषित करने के बाद यह जानकारी कॉलेज प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने दी. एसडी पीजी कॉलेज प्रधान पवन गोयल ने मेधावी छात्राओं पर गर्व करते हुए उनकी मेहनत और लगन की भरपूर सराहना की. रसायन स्नातकोत्तर विभाग से डॉ प्रोमिला, प्रो राहुल, प्रो शिवी, प्रो शिखा और प्रो प्रिया ने विद्यार्थियों के प्रयासों की जमकर तारीफ़ की और उनके भविष्य को उज्जवल और सुनहरा बताया. विदित रहे की एसडी पीजी कॉलेज कुरुक्षेत्र विश्वविधालय रसायन विभाग के
अतिरिक्त एमएससी केमिस्ट्री विषय को प्रारम्भ करने वाला एक अग्रणी कॉलेज है जिससे जिले और आस-पास के राज्यों के विद्यार्थियों को अत्यधिक फायदा हुआ है. हर्ष की बात यह है की इस पाठ्यक्रम के प्रारम्भ होने के बाद से ही एमएससी रसायन के अनेकों विद्यार्थियों ने यूनिवर्सिटी मेरिट लिस्ट में सर्वोच्च स्थान पाकर अपना भविष्य उज्जवल किया है और कॉलेज को नया आयाम दिया है. इस बार का परिणाम एक बार फिर उसी उज्जवल परिपाटी का द्योतक है जिसे कॉलेज साल-दर-साल साबित करता आ रहा है.
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा की कॉलेज में एमएससी रसायन शास्त्र कोर्स को लेकर एसडी पीजी कॉलेज प्रबंधकारिणी शुरू से ही गंभीर रूप से प्रयासरत और सकारात्मक रही है. एमएससी केमिस्ट्री के विद्यार्थियों ने भी कॉलेज के इस फैसले को अपनी मेहनत और परिणामों के बल पर सार्थक साबित किया है और प्रत्येक वर्ष हर सेमेस्टर में छात्र-छात्राओं का प्रदर्शन शानदार रहा है. चारु डूरेजा और नीतिका ने मेहनत और लगन के बल पर यूनिवर्सिटी की मेरिट लिस्ट में स्थान पाकर कॉलेज को गौरवान्वित किया है. यूनिवर्सिटी की मेरिट लिस्ट में स्थान बनाना कोई साधारण उपलब्धि नहीं होती है. यह एक विलक्षण उपलब्धि है जिसने कॉलेज इतिहास में एक नई जगह बनाई है. उन्होनें रसायन विभाग के सभी प्राध्यापकों और एसडी पीजी कॉलेज प्रबंधकारिणी की ह्रदय से तारीफ़ करते हुए कहा की यह सभी की मेहनत का परिणाम है. रसायन विषय में निपुणविद्यार्थियों के लिए कैरियर में बहुत सारे विकल्प मौजूद है. कॉलेजों, विश्वविधालयों और संस्थानों में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तो है ही साथ ही अनुसंधान, इंडस्ट्रीज और तकनीक के क्षेत्र में भी कितने ही आयाम रसायन शास्त्र को उपलब्ध है. हम सभी जानते है की विभिन्न प्रकार के नए-नए आविष्कारों से नई-नई प्रोद्योगिकी का निजात होता है. रसायन शास्त्र की हर नई खोज मानव जीवन के दैनिक कार्यों को सुगम बनाती है जिससे हमारा जीवन अधिक सुविधाजनक हो पाता है. रसायन शास्त्र का भविष्य पहले
भी स्वर्णिम था और आगे भी रहेगा.
एसडी पीजी कॉलेज प्रबंधकारिणी के प्रधान पवन गोयल ने अपने सन्देश में कहा की कॉलेज की होनहार छात्राओं ने एक बार फिर उन्हें गौरवान्वित किया है. इन छात्राओं ने जो हासिल किया है वह दूसरे विद्यार्थियो के लिए अनुसरण करने का अवसर बनेगा. कॉलेज प्रबंधकारिणी अपने हर विद्यार्थी के उज्जवल भविष्य को लेकर पूरी तरह दृढसंकल्प है और यहाँ के विद्यार्थी नैतिक एवं व्यवहारिक शिक्षा पाकर समाज और मानवता की सेवा करे यही उनकी कामना है. उन्होनें कहा की रसायन शास्त्र में मास्टर डिग्री करने के बाद विद्यार्थी किसी सरकारी, निजी एवं शैक्षिक संस्थान में रोजगार प्राप्त कर सकता है या शोध, अनुसंधान और तकनीक की दिशा में आगे बढ़ सकता है. मेहनती छात्र-छात्रा को ऊँचा मुकाम पाने से कोई नहीं रोक सकता है बशर्ते वे अपने लक्ष्य पर पूरी तरह केन्द्रित रह कर आगे बढ़ते रहे. उन्होनें कहा कि आज के प्रतियोगी युग में सफल
होने के लिए वृहद् एवं व्यावहारिक ज्ञान का होना बहुत जरुरी है. इन छात्राओं की सफलता के लिए उन्होनें पूरे स्नातकोत्तर विभाग के प्रयासों की सराहना की. उन्होनें कहा की ऐसे विद्यार्थी जहाँ एक तरफ प्रोफेसर, टीचर या वैज्ञानिक बनकर दूसरों को भी विज्ञान के प्रति जागरूक करेंगे वहीँ वे रिसर्चर बनकर नए-नए पदार्थ मानव सेवा को अर्पित करेंगे. आज के इस वैज्ञानिक युग में हर कार्य में वैज्ञानिक उपकरणों तथा रसायनों का उपयोग अपरिहार्य होता जा रहा है. इसलिए छात्रों में रसायन विज्ञान के प्रति सही रुचि पैदा करना बहुत जरूरी है ताकि वे रसायन से जुड़े उपकरणों तथा रसायनों से भली- भाँति परिचित होकर उनका समुचित ढंग से उपयोग करना सीख सकें एवं अपने दैनिक जीवन में उनका लाभ उठाकर मानवता की सेवा कर सकें.
चारु डूरेजा और नीतिका ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता और प्राध्यापकों की दिया. उन्होनें कहा की वे भविष्य में इसी विषय में कुछ बड़ा और अलग करना चाहते है. दोनों छात्राओं ने विश्वास दिलाया के वे इसी तरह मेहनत और लगन के साथ अपने लक्ष्य की तरफ बढती रहेंगी और आगे भी अपने माता-पिता, कॉलेज प्रबंधकारिणी, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा और अपने प्राध्यापकों डॉ प्रोमिला, प्रो राहुल, प्रो शिवी, प्रो शिखा और प्रो प्रिया को गौरवान्वित करेंगी. इस अवसर पर कॉलेज स्टाफ सदस्यों ने दोनों छात्राओं को
बधाई दी और उन्हें मिष्ठान खिलाया.

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